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97 लाख से दर्जीनिया ताल की सुधारी जाएगी सूरत
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महराजगंज में स्थति दर्जीनिया ताल।
- फोटो : MAHARAJGANJ
97 लाख से सुधरेगी दर्जीनिया ताल की सूरत
महराजगंज। दर्जीनिया ताल को पर्यटन की दृष्टि से पहचान दिलाने के उद्देश्य से सीमा क्षेत्र विकास कार्यक्रम (बीएडीपी) योजना के तहत 97 लाख रुपये व्यय किए जाएंगे। विभाग ने इसका प्रस्ताव शासन को भेज दिया है। धनराशि अवमुक्त होने के उपरांत दर्जीनिया की पहचान विकसित होगी तथा जिले के लोग भी परिवार व दोस्तों संग वहां समय गुजार सकेंगे।
सोहगीबरवां वन्यजीव प्रभाग के निचलौल रेंज में स्थित दर्जीनिया ताल में बड़ी संख्या में 300 से अधिक मगरमच्छ हैं। वे ताल में रहते हैं तथा शीतकालीन समय में जब धूप आती है तो ताल के बीच में बने रेत के टीले पर एकत्रित होते हैं। यह दृश्य वहां पहुंचने वाले लोगों को अत्यंत आकर्षक लगता है। दर्जीनिया में जगह व विकास की संभावनाओं को देखते हुए वन विभाग ने इसे पर्यटन केंद्र के रुप में विकसित करने का निर्णय लिया है। मंशा है कि बीएडीपी योजना के तहत इसका विकास कर लोगों को घूमने-टहलने व समय बिताने का मौका दिया जाए। जब इसे पहचान मिल जाएगी तो यह स्थानीय लोगों के लिए रोजगारपरक व विभाग के राजस्व को बढ़ाने का माध्यम बनेगा। सोहगीबरवां वन्यजीव प्रभाग के प्रभागीय वनाधिकारी पुष्प कुमार ने बताया कि 97 लाख से दर्जीनिया की स्थिति को सुधारने के लिए प्रस्ताव भेजा गया है। धनराशि प्राप्त होने के बाद विकास कार्य कराए जाएंगे।
दर्जीनिया में यह होना है विकास कार्य
दर्जीनिया को पहचान दिलाने के लिए खाली भूमि पर पार्क, गेट, वाच टावर, शौचालय, वाहन स्टैंड व बेंचों के निर्माण कार्य, ट्री हट (पेंडनुमा झोपड़ी), ट्री वाक, इंटरलाकिंग व वाटर एटीएम आदि का निर्माण होगा।
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महराजगंज। दर्जीनिया ताल को पर्यटन की दृष्टि से पहचान दिलाने के उद्देश्य से सीमा क्षेत्र विकास कार्यक्रम (बीएडीपी) योजना के तहत 97 लाख रुपये व्यय किए जाएंगे। विभाग ने इसका प्रस्ताव शासन को भेज दिया है। धनराशि अवमुक्त होने के उपरांत दर्जीनिया की पहचान विकसित होगी तथा जिले के लोग भी परिवार व दोस्तों संग वहां समय गुजार सकेंगे।
सोहगीबरवां वन्यजीव प्रभाग के निचलौल रेंज में स्थित दर्जीनिया ताल में बड़ी संख्या में 300 से अधिक मगरमच्छ हैं। वे ताल में रहते हैं तथा शीतकालीन समय में जब धूप आती है तो ताल के बीच में बने रेत के टीले पर एकत्रित होते हैं। यह दृश्य वहां पहुंचने वाले लोगों को अत्यंत आकर्षक लगता है। दर्जीनिया में जगह व विकास की संभावनाओं को देखते हुए वन विभाग ने इसे पर्यटन केंद्र के रुप में विकसित करने का निर्णय लिया है। मंशा है कि बीएडीपी योजना के तहत इसका विकास कर लोगों को घूमने-टहलने व समय बिताने का मौका दिया जाए। जब इसे पहचान मिल जाएगी तो यह स्थानीय लोगों के लिए रोजगारपरक व विभाग के राजस्व को बढ़ाने का माध्यम बनेगा। सोहगीबरवां वन्यजीव प्रभाग के प्रभागीय वनाधिकारी पुष्प कुमार ने बताया कि 97 लाख से दर्जीनिया की स्थिति को सुधारने के लिए प्रस्ताव भेजा गया है। धनराशि प्राप्त होने के बाद विकास कार्य कराए जाएंगे।
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दर्जीनिया में यह होना है विकास कार्य
दर्जीनिया को पहचान दिलाने के लिए खाली भूमि पर पार्क, गेट, वाच टावर, शौचालय, वाहन स्टैंड व बेंचों के निर्माण कार्य, ट्री हट (पेंडनुमा झोपड़ी), ट्री वाक, इंटरलाकिंग व वाटर एटीएम आदि का निर्माण होगा।
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