फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Maharajganj News ›   Cyber criminals empty their pockets

झांसे में लेकर साइबर अपराधी कर देते जेब खाली

Wed, 01 Dec 2021 11:27 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Wed, 01 Dec 2021 11:27 AM IST
विज्ञापन
Cyber criminals empty their pockets
झांसे में लेकर साइबर अपराधी कर देते जेब खाली
विज्ञापन

महराजगंज। साइबर अपराध के प्रति जानकारी की कमी के चलते कोई न कोई इनका शिकार बन जाता है। इस पर लगाम कसने के लिए जागरुकता अभियान भी चलाया जाता है। साइबर अपराधी, आकर्षक ऑफर का वादा कर ऑनलाइन कमाई करने वाले एप से लोगों को ठगते हैं।
एक जनवरी से 30 नवंबर तक ऑनलाइन धोखाधड़ी कर 23 लाख 48 हजार 70 रुपये आवेदकों के खातों में सइबर सेल की टीम ने वापस कराया। साइबर अपराधी लोगों को गाढ़ी कमाई को ऑनलाइन एप में निवेश करने के लिए समझा लेते हैं। उच्च रिटर्न का वादा करते हैं, लेकिन वापसी संदेहास्पद होती है। साइबर सेल के प्रभारी मनोज कुमार पंत ने बताया कि जागरुकता ही बचाव का सबसे अहम रास्ता है।
विज्ञापन

12 जनवरी 2021 को साइबर सेल ने अरुण गुप्ता निवासी कपरौली, विवेक कुमार निवासी हिंदी मोहल्ला, मनोज कनौजिया निवासी गढ़वा मुडेरी, धर्मेंद्र निषाद निवासी कुआछाप छावनी टोला, मनीष मोदनवाल निवासी हिंदी मोहल्ला को 18 एटीएम कार्ड, 150 सिमकार्ड, दो अदद आधार कार्ड समेत अन्य सामान के साथ गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। ये लोग फर्जी एकाउंट खोलवाकर रकम हजम करते थे। 19 फरवरी 2021 को ऑनलाइन अप्लीकेशन के माध्यम से ठगी करने वाले दो युवकों को जेल भेजा गया था। आरोपित कंपनी के रियल वेल्यू को बदल कर वास्तविक मूल्य को कम करके लोगों को चूना लगाते थे। 7 मार्च 2021 को साइबर सेल ने सुरेश, जितेंद्र निवासी नौतनवां को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। दोनों द्वारा हजम की गई रकम को टीम ने वापस कराया था।
विज्ञापन
विज्ञापन

ऐसे करते हैं साइबर ठगी
साइबर अपराधी लोगों को प्रधानमंत्री बेरोजगारी भत्ता योजना जैसी नकली वेबसाइटों में पंजीकरण करने के लिए कह सकते हैं या एसएमएस, ई-मेल या अन्य सोशल मीडिया प्लेटफार्म के माध्यम से फर्जी पंजीकरण अनुरोध भेज सकते हैं। नकली वेबसाइटों से सतर्क रहने की जरूरत है। संदिग्ध होने पर अनजान फोन कॉल, संदेश, ई-मेल आदि का जवाब न दें। व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें। इंटरनेट का इस्तेमाल करते समय फर्जी एप के प्रति सतर्क रहें।
साइबर सेल के पास उपकरण
कंप्यूटर डेस्कटॉप चार, लैपटॉप चार एवं दो प्रिंटर है। इसके अलावा अन्य जरूरी उपकरण हैं।
साइबर सेल टीम के प्रमुख सदस्य
प्रभारी निरीक्षक मनोज कुमार पंत, हेड कांस्टेबल प्रफुल्ल यादव, सत्येंद्र मल्ल, आलोक पांडेय, विश्वजीत पांडेय, महिला सिपाही गूंजन यादव टीम में शामिल है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed