{"_id":"5818e4b04f1c1baa3143681b","slug":"villegers-shocked","type":"story","status":"publish","title_hn":"कोहराम में बदला खुशी का पल","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
कोहराम में बदला खुशी का पल
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 02 Nov 2016 12:23 AM IST
विज्ञापन
मूर्ति विसर्जन के दौरान डूबे युवकों के रोते-बिलखते परिजन।
- फोटो : अमर उजाला
लक्ष्मीपुर। नियति के खेल में कब कहां कौन सा खेल हो जाय कहा नहीं जा सकता। कुछ ऐसा ही हुआ काशीराम महदेवा में जहां खुशी के माहौल में कोहराम मच गया। मूर्ति विसर्जन को गए तीन लोग नदी में डूब गए। नदी से बरामद दो युवकों का शव जैसे ही गांव में आया, हर चौखट पर मातम छा गया। इस घटना में गांव के प्रधान प्रतिनिधि भी डूबे हैं। नदी में उनकी तलाश जारी है। प्रधान के घर से निकल रही चित्कार से कलेजा मुंह को आ जा रहा है।
पुरंदरपुर थाना क्षेत्र के काशीराम महदेवा गांव में दीपावली के मौके पर स्थापित लक्ष्मी जी की मूर्ति को मंगलवार को गांव के दर्जनों युवक खुशी खुशी विसर्जन के लिए रोहिन नदी के अमहवां घाट पर पहुंचे। इस दौरान लोगों ने अबीर गुलाल भी खूब उड़ाया। लेकिन किसी को यह पता नहीं था कि अचानक खुशी का यह एक पल कोहराम मचा देगा। लोग मूर्ति के विसर्जन के लिए नदी में उतर गए। लेकिन अचानक बिगड़े संतुलन के चलते गांव के पूर्व प्रधान व प्रधान प्रतिनिधि संजीव के साथ ही गांव के ही मोनू व सजन भी नदी में डूब गए।
गांव के अन्य युवकों ने नदी में छलांग लगा दी। मोनू व सजन को बाहर निकाला गया। बेहोशी की हालत में उन्हें सीएचसी बनकटी भेजा गया।लेकिन तब तक देर हो चुकी थी दोनों परिवार अपने दिल के टुकड़े को खो चुके थे । वहीं गांव के मुखिया के प्रतिनिधि का पता नहीं चल पाने से पूरे गांव में मातम पसरा था। देर रात तक भी संजीव का कोई पता नहीं चला। गोताखोर संजीव की तलाश में लगे हुए थे।
विज्ञापन
अंधेरा होने की वजह से घाट पर जनरेटर लगा कर उजाला कर दिया गया है। हादसे की सूचना पाकर पूर्व विधायक बजरंग बहादुर सिंह मौके पर पहुंचे और मृतक परिवार कों ढांढस बंधाया। पूर्व विधायक अमहवां घाट पर पहुंचे। उन्होंने घटना पर शोक व्यक्त किया और शासन से अहेतुक सहायता दिलाने का भरोसा दिया। उनके साथ विवेका पांडेय,पप्पू यादव,विजय चौधरी आदि ने दुख व्यक्त किया है।
विज्ञापन
पुरंदरपुर थाना क्षेत्र के काशीराम महदेवा गांव में दीपावली के मौके पर स्थापित लक्ष्मी जी की मूर्ति को मंगलवार को गांव के दर्जनों युवक खुशी खुशी विसर्जन के लिए रोहिन नदी के अमहवां घाट पर पहुंचे। इस दौरान लोगों ने अबीर गुलाल भी खूब उड़ाया। लेकिन किसी को यह पता नहीं था कि अचानक खुशी का यह एक पल कोहराम मचा देगा। लोग मूर्ति के विसर्जन के लिए नदी में उतर गए। लेकिन अचानक बिगड़े संतुलन के चलते गांव के पूर्व प्रधान व प्रधान प्रतिनिधि संजीव के साथ ही गांव के ही मोनू व सजन भी नदी में डूब गए।
विज्ञापन
गांव के अन्य युवकों ने नदी में छलांग लगा दी। मोनू व सजन को बाहर निकाला गया। बेहोशी की हालत में उन्हें सीएचसी बनकटी भेजा गया।लेकिन तब तक देर हो चुकी थी दोनों परिवार अपने दिल के टुकड़े को खो चुके थे । वहीं गांव के मुखिया के प्रतिनिधि का पता नहीं चल पाने से पूरे गांव में मातम पसरा था। देर रात तक भी संजीव का कोई पता नहीं चला। गोताखोर संजीव की तलाश में लगे हुए थे।
विज्ञापन
अंधेरा होने की वजह से घाट पर जनरेटर लगा कर उजाला कर दिया गया है। हादसे की सूचना पाकर पूर्व विधायक बजरंग बहादुर सिंह मौके पर पहुंचे और मृतक परिवार कों ढांढस बंधाया। पूर्व विधायक अमहवां घाट पर पहुंचे। उन्होंने घटना पर शोक व्यक्त किया और शासन से अहेतुक सहायता दिलाने का भरोसा दिया। उनके साथ विवेका पांडेय,पप्पू यादव,विजय चौधरी आदि ने दुख व्यक्त किया है।