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आर्थिक तंगी से तंग पिता ने बेटी के सीने में घोंपा खंजर, हालत गंभीर
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 27 Oct 2016 12:27 AM IST
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जिला अस्पताल में गंभीर रूप से घायल पुत्री।
- फोटो : अमर उजाला
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लक्ष्मीपुर/महराजगंज। गरीबी व आर्थिक तंगी झेल रहे एक पिता ने अपनी 14 वर्षीय पुत्री को बोझ मानते हुए उसके सीने में खंजर घोंप दिया। गंभीर रूप से घायल पुत्री अपनी छोटी बहन के साथ चीखते चिल्लाते अस्पताल पहंची। जहां से प्राथमिक इलाज के बाद पुलिस के साथ उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया । घटना मंगलवार देर रात की है।
पुरन्दरपुर थाना क्षेत्र के गांव लक्ष्मीपुर एकमा निवासी गणेश गुप्ता की आर्थिक हालत ठीक नहीं है। उसकी पत्नी को कैंसर था। इलाज के दौरान जमापूंजी खत्म हो गई। मकान और जो थोड़ा बहुत खेत था,सब बिक गया। पत्नी भी नहीं बची। गणेश और उसकी दो बेटियों का कुल तीन सदस्यों का परिवार है जिसमे बड़ी बेटी स्नेहलता 14 वर्ष व छोटी लड़की भूनी 8 वर्ष की है। बच्चों के साथ गणेश एक किराए के मकान में किसी तरह गुजर बसर करता था।
पत्नी की मौत के बाद गणेश अकेला महसूस करने लगा था। उसे नशे की भी लत हो गई थी। अपनी और बेटियों के भरण पोषण के लिए बर्फ और खोमचा बेंचता था। इससे जो कमाई होती थी वह खर्च चलाने के लिए नाकाफी होता था। तंगी की हालत ऐसी थी कि परिवार को कभी कभी भूखे पेट सो जाने को मजबूर होना पड़ता था।
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मंगलवार को भी गणेश और उसकी दोनों बेटियां भूखे पेट थी। गणेश अपने बिस्तर पर लेटा था और स्नेहलता छोटी बहन के साथ अलग बिस्तर पर थी। इसी बीच देर रात वह स्नेहलता के सीने में चाकू घोंप दिया। वह चीखने लगी। उसकी छोटी बहन भूनी जग गई और शोर मचाने लगी। घबरा कर गणेश फरार हो गया। दर्द से कराहती स्नेहलता खून से लथपथ छोटी बहन की मदद से खुद चलकर सामुदायिक स्वाथ्य केंद्र लक्ष्मीपुर पहुंची।
जहां पर चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद पुरंदरपुर थाने की पुलिस को सूचना दी। स्नेहलता की हालत गंभीर देख बुधवार की सुबह चिकित्सकों ने उसे पुलिस के साथ जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। एसओ पुरंदरपुर ओपी चौहान ने बताया की मामला संज्ञान है।अभी तक कोई तहरीर नहीं मिली है। स्नेहलता का इलाज चल रहा है उसके आरोपी पिता की तलाश की जा रही है। स्नेहलता ने पुलिस को बताया कि उसके पिता उसे बोझ मान रहे थे।
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पुरन्दरपुर थाना क्षेत्र के गांव लक्ष्मीपुर एकमा निवासी गणेश गुप्ता की आर्थिक हालत ठीक नहीं है। उसकी पत्नी को कैंसर था। इलाज के दौरान जमापूंजी खत्म हो गई। मकान और जो थोड़ा बहुत खेत था,सब बिक गया। पत्नी भी नहीं बची। गणेश और उसकी दो बेटियों का कुल तीन सदस्यों का परिवार है जिसमे बड़ी बेटी स्नेहलता 14 वर्ष व छोटी लड़की भूनी 8 वर्ष की है। बच्चों के साथ गणेश एक किराए के मकान में किसी तरह गुजर बसर करता था।
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पत्नी की मौत के बाद गणेश अकेला महसूस करने लगा था। उसे नशे की भी लत हो गई थी। अपनी और बेटियों के भरण पोषण के लिए बर्फ और खोमचा बेंचता था। इससे जो कमाई होती थी वह खर्च चलाने के लिए नाकाफी होता था। तंगी की हालत ऐसी थी कि परिवार को कभी कभी भूखे पेट सो जाने को मजबूर होना पड़ता था।
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मंगलवार को भी गणेश और उसकी दोनों बेटियां भूखे पेट थी। गणेश अपने बिस्तर पर लेटा था और स्नेहलता छोटी बहन के साथ अलग बिस्तर पर थी। इसी बीच देर रात वह स्नेहलता के सीने में चाकू घोंप दिया। वह चीखने लगी। उसकी छोटी बहन भूनी जग गई और शोर मचाने लगी। घबरा कर गणेश फरार हो गया। दर्द से कराहती स्नेहलता खून से लथपथ छोटी बहन की मदद से खुद चलकर सामुदायिक स्वाथ्य केंद्र लक्ष्मीपुर पहुंची।
जहां पर चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद पुरंदरपुर थाने की पुलिस को सूचना दी। स्नेहलता की हालत गंभीर देख बुधवार की सुबह चिकित्सकों ने उसे पुलिस के साथ जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। एसओ पुरंदरपुर ओपी चौहान ने बताया की मामला संज्ञान है।अभी तक कोई तहरीर नहीं मिली है। स्नेहलता का इलाज चल रहा है उसके आरोपी पिता की तलाश की जा रही है। स्नेहलता ने पुलिस को बताया कि उसके पिता उसे बोझ मान रहे थे।