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तीन माह बाद पांच लोगों पर हत्या का मुकदमा
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 15 Nov 2016 12:36 AM IST
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मामले की जांच काो पहुंची पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
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परतावल। श्यामदेउरवा थाना क्षेत्र के ग्राम पिपरपाती निवासी एक व्यक्ति ने कोर्ट के आदेश पर अपने ही गांव के पांच लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा श्यामादेउरवा थाने में दर्ज करवाया है।
तहरीर के मुताबिक पिपरपाती निवासी सत्येंद्र पांडेय का 9 वर्षीय पुत्र लव कुमार पांडे 29 जुलाई को खेलने के लिए घर से निकला था। जब शाम तक नहीं आया तो घर के लोगों ने उसकी खोजबीन शुरू की, लेकिन वह नहीं मिला। अगले दिन उसकी लाश गांव के किनारे एक गड्ढे में मिली। नाक से खून निकल रहा था। मुंह में गोबर भी चिपका था। गांव के कुछ लोगों ने जल्दबाजी में उसका अंतिम संस्कार करा दिया था।
सत्येंद्र पांडेय का कहना था कि 31 जुलाई को रात को जब वह घर जा रहे थे तो गांव के ही राधे बढ़ई, रघु बढ़ई, संजय बढ़ई, राधे की औरत और छोटे सिंह को यह कहते सुना कि बदला ले लिया गया। उनके आने की आहट से लोग वहां से खिसक लिए। सत्येंद्र पांडेय का दावा है कि उन्हीं पांचों लोगों ने उसके बेटे की हत्या कर लाश को गड्ढे में छुपा दिया।
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इस बारे में थानाध्यक्ष श्यामदेउरवा रमाकर यादव ने बताया कि सत्येंद्र पांडे की तरफ से राधे बढ़ई, रघु, संजय, राधे की औरत व छोटे सिंह के खिलाफ कोर्ट के आदेश पर मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है। सत्येंद्र पांडेय ने शव का पोस्टमार्टम कराए बगैर ही रीति-रिवाज के मुताबिक अंतिम संस्कार कर दिया था। उनसे पोस्टमार्टम के लिए कहा गया परंतु काम क्रिया करने की बात कह कर पोस्टमार्टम नहीं होने दिया था।
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तहरीर के मुताबिक पिपरपाती निवासी सत्येंद्र पांडेय का 9 वर्षीय पुत्र लव कुमार पांडे 29 जुलाई को खेलने के लिए घर से निकला था। जब शाम तक नहीं आया तो घर के लोगों ने उसकी खोजबीन शुरू की, लेकिन वह नहीं मिला। अगले दिन उसकी लाश गांव के किनारे एक गड्ढे में मिली। नाक से खून निकल रहा था। मुंह में गोबर भी चिपका था। गांव के कुछ लोगों ने जल्दबाजी में उसका अंतिम संस्कार करा दिया था।
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सत्येंद्र पांडेय का कहना था कि 31 जुलाई को रात को जब वह घर जा रहे थे तो गांव के ही राधे बढ़ई, रघु बढ़ई, संजय बढ़ई, राधे की औरत और छोटे सिंह को यह कहते सुना कि बदला ले लिया गया। उनके आने की आहट से लोग वहां से खिसक लिए। सत्येंद्र पांडेय का दावा है कि उन्हीं पांचों लोगों ने उसके बेटे की हत्या कर लाश को गड्ढे में छुपा दिया।
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इस बारे में थानाध्यक्ष श्यामदेउरवा रमाकर यादव ने बताया कि सत्येंद्र पांडे की तरफ से राधे बढ़ई, रघु, संजय, राधे की औरत व छोटे सिंह के खिलाफ कोर्ट के आदेश पर मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है। सत्येंद्र पांडेय ने शव का पोस्टमार्टम कराए बगैर ही रीति-रिवाज के मुताबिक अंतिम संस्कार कर दिया था। उनसे पोस्टमार्टम के लिए कहा गया परंतु काम क्रिया करने की बात कह कर पोस्टमार्टम नहीं होने दिया था।