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Gurugram News: 4 साल तक नहीं दी आरटीआई की जानकारी, अब अधिकारी पर लगा जुर्माना
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हरियाणा सूचना आयोग ने डीटीपी आरएस बाठ पर 25,000 रुपये का जुर्माना लगाया
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। हरियाणा राज्य सूचना आयोग ने आरएस बाठ पर 25,000 रुपये का जुर्माना लगाया है। यह जुर्माना सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत जानकारी देने में चार साल से अधिक की देरी के लिए है। बाठ ने आयोग के निर्देशों का भी पालन नहीं किया।
बाठ नगर एवं ग्राम योजना विभाग, हरियाणा में तत्कालीन एसपीआईओ-सह-जिला नगर योजनाकार थे। अब वह गुरुग्राम में महानगर विकास प्राधिकरण में तैनात हैं। आयोग ने 24 अगस्त 2026 को सुनवाई के बाद यह आदेश दिया। भारत जैन ने 4 जनवरी 2022 को आरटीआई आवेदन दायर किया था। आयोग ने बाठ को 13 जुलाई 2023 को जानकारी देने का निर्देश दिया था। जानकारी में देरी पर 4 अगस्त 2023 को कारण बताओ नोटिस भी जारी हुआ। बाठ बार-बार निर्देशों के बावजूद आयोग के समक्ष उपस्थित नहीं हुए। उन्होंने अपने दायित्वों का पालन न करने का कोई संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं दिया। आयोग ने उनके आचरण को केवल एक प्रक्रियात्मक चूक नहीं माना।
आयोग ने बाठ के आचरण को संस्थागत अनुशासन के दृष्टिकोण से देखा। आयोग ने अतिरिक्त मुख्य सचिव, नगर एवं ग्राम योजना विभाग, हरियाणा को सिफारिश की है। बाठ को हरियाणा लोक प्रशासन संस्थान में प्रशिक्षण के लिए भेजा जाए। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य उन्हें सार्वजनिक कर्तव्यों के प्रति संवेदनशील बनाना है। सुप्रीम कोर्ट ने भी आरटीआई अधिनियम के प्रभावी कार्यान्वयन पर जोर दिया है।
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अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। हरियाणा राज्य सूचना आयोग ने आरएस बाठ पर 25,000 रुपये का जुर्माना लगाया है। यह जुर्माना सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत जानकारी देने में चार साल से अधिक की देरी के लिए है। बाठ ने आयोग के निर्देशों का भी पालन नहीं किया।
बाठ नगर एवं ग्राम योजना विभाग, हरियाणा में तत्कालीन एसपीआईओ-सह-जिला नगर योजनाकार थे। अब वह गुरुग्राम में महानगर विकास प्राधिकरण में तैनात हैं। आयोग ने 24 अगस्त 2026 को सुनवाई के बाद यह आदेश दिया। भारत जैन ने 4 जनवरी 2022 को आरटीआई आवेदन दायर किया था। आयोग ने बाठ को 13 जुलाई 2023 को जानकारी देने का निर्देश दिया था। जानकारी में देरी पर 4 अगस्त 2023 को कारण बताओ नोटिस भी जारी हुआ। बाठ बार-बार निर्देशों के बावजूद आयोग के समक्ष उपस्थित नहीं हुए। उन्होंने अपने दायित्वों का पालन न करने का कोई संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं दिया। आयोग ने उनके आचरण को केवल एक प्रक्रियात्मक चूक नहीं माना।
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आयोग ने बाठ के आचरण को संस्थागत अनुशासन के दृष्टिकोण से देखा। आयोग ने अतिरिक्त मुख्य सचिव, नगर एवं ग्राम योजना विभाग, हरियाणा को सिफारिश की है। बाठ को हरियाणा लोक प्रशासन संस्थान में प्रशिक्षण के लिए भेजा जाए। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य उन्हें सार्वजनिक कर्तव्यों के प्रति संवेदनशील बनाना है। सुप्रीम कोर्ट ने भी आरटीआई अधिनियम के प्रभावी कार्यान्वयन पर जोर दिया है।
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