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मूर्ति का रास्ता रोकने से फूटा गुस्सा

Sat, 15 Oct 2016 12:27 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Sat, 15 Oct 2016 12:27 AM IST
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angered over rampage
दुर्गा पंडाल कमेटी के लोगों को समझाते एलआईयू इंस्पेक्टर ओपी सिंह। - फोटो : अमर उजाला
महराजगंज/चौक बाजार। थाना क्षेत्र के नाथनगर में गुरुवार को दो समुदायों में विवाद के कारण मूर्ति विसर्जन नहीं हो पाने से नाराज लोगों ने चौक बाजार महराजगंज रोड पर शुक्रवार को सड़क जाम कर प्रदर्शन किया। इस दौरान गांव वालों ने दुकानों बंद करा दी। वे दंगा फैलाने वाले मुल्जिमों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे थे। डीएम, एसपी से वार्ता के बाद मूर्ति विसर्जन कराया गया।
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मूर्ति विसर्जन नहीं हो पाने से नाराज लोगों ने का कहना था कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं हो जातीं तब तक कोई दुकान नहीं खुलेगी। यदि कार्रवाई नहीं हुई तो हम लोग आंदोलन करेंगे। इस बीच मौके पर पहुंचे हियुवा जिलाध्यक्ष नरसिंह पांडे, नृपेंद्र सिंह, संजय यादव, भाजपा जिला उपाध्यक्ष जयमंगल कन्नौजिया ने डीएम और एसपी से वार्ता कर मौजूद लोगों को समझा बुझाया।
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डीएम और एसपी की ओर से समुचित कार्रवाई के आश्वासन पर मूर्ति विसर्जन कराया गया। मूर्ति विसर्जन के दौरान पूरा चौक क्षेत्र पुलिस छावनी में तब्दील था। थानाध्यक्ष चंद्रेश यादव ने बताया की एक अज्ञात व तीस लोगों पर कार्रवाई कर चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है। इनमें गयासुद्दीन, निशार अहमद कादरी, होशिल व पिंटू पांडेय शामिल हैं। 
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हल्का सिपाही ने कराया दंगा: हियुवा
हियुवा जिलाध्यक्ष नरसिंह पांडे ने चौक के नाथ नगर मामले में पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा है कि हल्का सिपाही की वजह से दो वर्गों के लोग आमने सामने हो गए थे। मगर पुलिस अधिकारी उसे ही बचाने में लगे रहे। सत्ता पक्ष के इशारे में जिला प्रशासन कठपुतली की तरह काम कर रहा है। हियुवा जिलाध्यक्ष  ने कहा है कि हिंदू परंपराओं के साथ पुलिस प्रशासन खिलवाड़ कर रही है। पुलिस लाठी के बल पर हिंदुओं को डरा रही है। 

चौक थाना क्षेत्र के नाथ नगर में हुई घटना पर उन्होंने कहा कि पूरे घटना में हल्का सिपाही आशिक अली की भूमिका संदिग्ध रही। उन्होंने सिपाही पर ताजिया का जुलूस ले जाते समय नाथ नगर निवासी सुरेश यादव व मिठाई सिंह के आम के पेड़ों की डाल कटवा ले जाने और विरोध करने पर गंभीर धाराओं में चालान करने की धमकी देने का आरोप लगाया। कहा कि मोहर्रम के जुलूस के बाद उसी सिपाही के इशारे पर दुर्गा प्रतिमा रोकने की तैयारी की गई थी।


उस रास्ते गुजरते समय रात में ही घरों की छतों पर ईट के टुकड़े रखवा दिए गए थे। हियुवा ने सिपाही के विरुद्ध गैगेस्टर व रासुका की कार्रवाई की मांग की है। हियुवा पदाधिकारियों ने पुलिस को चेतावनी दी है कि अगर सिपाही के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई तो वे थाने का घेराव करने को बाध्य होंगे। उसकी पूरी जिम्मेदारी पुलिस प्रशासन की होगी।
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