{"_id":"5bfedf92bdec2241471f64b5","slug":"91543430034-maharajganj-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पुस्तक भंडार से चल रहे ई टिकट के धंधे का पर्दाफाश","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
पुस्तक भंडार से चल रहे ई टिकट के धंधे का पर्दाफाश
Updated Thu, 29 Nov 2018 12:03 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पुस्तक भंडार से चल रहे ई टिकट के धंधे का पर्दाफाश
रेलवे सुरक्षा बल ने पीपीगंज में छापे की कार्रवाई कर की जांच
अमर उजाला ब्यूरो
फरेंदा। प्रभारी निरीक्षक आरपीएफ नकहा जंगल के नेतृत्व में आनंदनगर, नौतनवां की टीम ने बुधवार को दिन में पीपीगंज में एक पुस्तक भंडार की दुकान में छापे की जांच की। इस दौरान बरामद लैपटॉप में अनधिकृत तरीके से ट्रेनों में सीटों के आरक्षित टिकट जारी किए विवरण मिला। आरपीएफ ने दो लोगों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ कार्रवाई की है।
चौकी प्रभारी आरपीएफ सीपी यादव ने बताया कि मुखबिर से सूचना मिली कि रेलवे के आरक्षित टिकट का बड़े पैमाने पर अवैध कारोबार हो रहा है। इस सूचना पर नकहा जंगल के प्रभारी निरीक्षक के साथ आनंदनगर व नौतनवां प्रभारी लोकेश पासवान, प्रभारी निरीक्षक अपराध सूचना मुकेश कुमार सिंह व एसआई शिवशंकर यादव ने पीपीगंज स्थित एक पुस्तक भंडार में छापे की कार्रवाई कर जांच की। जांच के दौरान दुकान में 15 जुलाई 2018 से 28 नवंबर तक हुए कारोबार में 222 आरक्षित रेल टिकट का विवरण मौके पर मिले लैपटॉप में मिला। जिसकी कीमत 388175 रुपये आंकी गई। बरामद टिकटों में से 25 आरक्षित ई टिकटों पर यात्रा अभी नहीं हुई है। जिसकी कीमत 41261 रुपये आंकी गई है। टीम ने मौके पर रेल आरक्षित ई टिकट का अवैध कारोबार करने वाले रामसागर सिंह निवासी कैंपियरगंज गोरखपुर एवं दुकान के दीनानाथ गुप्ता निवासी पीपीगंज को गिरफ्तार कर लिया। दोनो के खिलाफ रेल अधिनियम की धारा 143 के तहत कार्रवाई करते आरपीएफ पोस्ट नकहा जंगल की सुपुर्दगी में दे दिया गया। इस संबंध में उपनिरीक्षक सीपी यादव ने बताया कि अवैध रूप से ई टिकट बनाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। रेलवे के आरक्षित टिकट का अवैध कारोबार करने वालों के खिलाफ जांच अभियान आगे भी जारी रहेगा। बुधवार को छापे की कार्रवाई के दौरान तीन लैपटॉप, दो मोबाइल एवं 10 हजार 700 रुपये नकद बरामद हुए। इसके पहले बृजमनगंज कस्बे में स्थित एक सहज जन सेवा केंद्र के अलावा लक्ष्मीपुर,, फरेंदा, पनियरा में भी ई टिकट के धंधेबाजों के खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है।
विज्ञापन
रेलवे सुरक्षा बल ने पीपीगंज में छापे की कार्रवाई कर की जांच
अमर उजाला ब्यूरो
फरेंदा। प्रभारी निरीक्षक आरपीएफ नकहा जंगल के नेतृत्व में आनंदनगर, नौतनवां की टीम ने बुधवार को दिन में पीपीगंज में एक पुस्तक भंडार की दुकान में छापे की जांच की। इस दौरान बरामद लैपटॉप में अनधिकृत तरीके से ट्रेनों में सीटों के आरक्षित टिकट जारी किए विवरण मिला। आरपीएफ ने दो लोगों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ कार्रवाई की है।
चौकी प्रभारी आरपीएफ सीपी यादव ने बताया कि मुखबिर से सूचना मिली कि रेलवे के आरक्षित टिकट का बड़े पैमाने पर अवैध कारोबार हो रहा है। इस सूचना पर नकहा जंगल के प्रभारी निरीक्षक के साथ आनंदनगर व नौतनवां प्रभारी लोकेश पासवान, प्रभारी निरीक्षक अपराध सूचना मुकेश कुमार सिंह व एसआई शिवशंकर यादव ने पीपीगंज स्थित एक पुस्तक भंडार में छापे की कार्रवाई कर जांच की। जांच के दौरान दुकान में 15 जुलाई 2018 से 28 नवंबर तक हुए कारोबार में 222 आरक्षित रेल टिकट का विवरण मौके पर मिले लैपटॉप में मिला। जिसकी कीमत 388175 रुपये आंकी गई। बरामद टिकटों में से 25 आरक्षित ई टिकटों पर यात्रा अभी नहीं हुई है। जिसकी कीमत 41261 रुपये आंकी गई है। टीम ने मौके पर रेल आरक्षित ई टिकट का अवैध कारोबार करने वाले रामसागर सिंह निवासी कैंपियरगंज गोरखपुर एवं दुकान के दीनानाथ गुप्ता निवासी पीपीगंज को गिरफ्तार कर लिया। दोनो के खिलाफ रेल अधिनियम की धारा 143 के तहत कार्रवाई करते आरपीएफ पोस्ट नकहा जंगल की सुपुर्दगी में दे दिया गया। इस संबंध में उपनिरीक्षक सीपी यादव ने बताया कि अवैध रूप से ई टिकट बनाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। रेलवे के आरक्षित टिकट का अवैध कारोबार करने वालों के खिलाफ जांच अभियान आगे भी जारी रहेगा। बुधवार को छापे की कार्रवाई के दौरान तीन लैपटॉप, दो मोबाइल एवं 10 हजार 700 रुपये नकद बरामद हुए। इसके पहले बृजमनगंज कस्बे में स्थित एक सहज जन सेवा केंद्र के अलावा लक्ष्मीपुर,, फरेंदा, पनियरा में भी ई टिकट के धंधेबाजों के खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है।
विज्ञापन