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गंडक नदीं में डूबने से तीन मासूमों की मौत
Updated Sun, 01 Oct 2017 05:11 PM IST
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महराजगंज। निचलौल थाना क्षेत्र के बहुआर तेरह चार नहर पुल के समीप गंडक नदी में नहाते समय शनिवार को सुबह गेड़हवा गांव के तीन मासूमों की डूबने से मौत हो गई। तीनों बच्चे दशहरा मेला देखने जाने की तैयारी में थे। वह गंडक नदी में नहाने चले गए। इन बच्चों के घर वाले इंतजार करते रहे, लेकिन बच्चे घर नहीं लौटे तो घरवालों को चिंता होने लगी। इस बीच गांव के एक शख्स ने बच्चों के डूबने की सूचना दी। इसके बाद आननफानन परिजन गंडक नदी के पास पहुंचे। जहां काफी देर नदी में ढूंढने के बाद तीनों बच्चे मिले। उन्हें सीएचसी निचलौल लाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
शनिवार को गेड़हवा गांव के रहने वाले गोविंद के दो लड़के किशन (8) व सूरज (6) तथा छोटेलाल का बेटा चंदन (6 वर्ष) गंडक नदी में नहाने चले गए। यह बच्चे अपनी मां से यह कह कर गए कि नदी से नहाकर आने के बाद दशहरा मेला देखने जाएंगे। बच्चे बहुआर तेरह चार नहर पुल के पास गंडक नदी में नहाने लगे। बताया जाता है कि नहाते वक्त किशन गहरे पानी में चला गया। उसे डूबते देख सूरज और चंदन बचाने का प्रयास करने लगे तो वह भी गहरे पानी में डूबने लगे। बच्चों को डूबते हुए देख गांव के एक शख्स ने उनके घर वालों को सूचना दी। इसके बाद बच्चों के घर वाले नदी तट पर पहुंचे। यहां बच्चों को ढूंढा जाने लगा। काफी देर बाद नदी में तीनों बच्चे मिले। उन्हें सीएचसी निचलौल ले जाया गया। जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। बच्चों की मौत से परिजन ही नहीं पूरे गांव के लोग गमगीन हैं। गोविंद और छोटेलाल का गांव के लोगों ने ढ़ांढस बंधा रहे थे जबकि बेटे को खोने के गम में रह रह कर दोनों बेहोश हो जा रहे थे। मासूमों की मौत पर गांव के हर शख्स की आंखें नम थीं।
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शनिवार को गेड़हवा गांव के रहने वाले गोविंद के दो लड़के किशन (8) व सूरज (6) तथा छोटेलाल का बेटा चंदन (6 वर्ष) गंडक नदी में नहाने चले गए। यह बच्चे अपनी मां से यह कह कर गए कि नदी से नहाकर आने के बाद दशहरा मेला देखने जाएंगे। बच्चे बहुआर तेरह चार नहर पुल के पास गंडक नदी में नहाने लगे। बताया जाता है कि नहाते वक्त किशन गहरे पानी में चला गया। उसे डूबते देख सूरज और चंदन बचाने का प्रयास करने लगे तो वह भी गहरे पानी में डूबने लगे। बच्चों को डूबते हुए देख गांव के एक शख्स ने उनके घर वालों को सूचना दी। इसके बाद बच्चों के घर वाले नदी तट पर पहुंचे। यहां बच्चों को ढूंढा जाने लगा। काफी देर बाद नदी में तीनों बच्चे मिले। उन्हें सीएचसी निचलौल ले जाया गया। जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। बच्चों की मौत से परिजन ही नहीं पूरे गांव के लोग गमगीन हैं। गोविंद और छोटेलाल का गांव के लोगों ने ढ़ांढस बंधा रहे थे जबकि बेटे को खोने के गम में रह रह कर दोनों बेहोश हो जा रहे थे। मासूमों की मौत पर गांव के हर शख्स की आंखें नम थीं।
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