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समितियों पर लटके ताले, किसानों को खाद बीज के लाले
Updated Wed, 14 Nov 2018 12:26 AM IST
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समितियों पर लटके ताले, पड़े खाद, बीज के लाले
रबी की फसलों की बुआई हो रही प्रभावित, किसान परेशान
अमर उजाला ब्यूरो
महराजगंज। सहकारी समितियों के कर्मचारियों की हड़ताल लंबी खिंचने से समितियों पर धान खरीद नहीं हो रही है। इसके साथ ही समितियों से किसानों को खाद व बीज भी नहीं मिल रहे हैं। इससे किसानों की समस्याएं बढ़ गई हैं। किसान रबी की फसलों की बुआई के प्रति चिंतित हैं।
सहकारी समितियों के कर्मचारी अपनी मांगों के समर्थन में एक नवंबर से हड़ताल पर हैं। जिस वजह से सहकारी समितियों पर ताले लटके हुए हैं। अधिकतर किसान धान बेचकर खाद व बीज की खरीद करते हैं। साथ ही बहुत से किसान सहकारी समितियों से ही खाद व बीज की खरीद करते हैं, लेकिन समितियाें पर कई दिन से ताला लटकने से किसान न तो समय से धान बेच पा रहे हैं और न ही गेहूं के बीज व खाद की खरीद कर पा रहे हैं। हरखा गांव के किसान गंगा पांडेय करीब 20 क्विंटल धान बेचकर गेहूं के बीज व खाद खरीदना चाहते हैं। लेकिन चौमुखा समिति में खरीद न होने से धान बेचने में उन्हें परेशानी हो रही है। उन्होंने बताया कि सचिवों की हड़ताल के कारण दिक्कत हो रही है। अगर ऐसे ही कुछ दिन और चलता रहा तो बिचौलियों के हाथों धान बेचने के लिए विवश होना पडे़गा। इसी गांव के संजीव पांडेय एक सप्ताह से ट्राली पर धान लादकर समितियों के कर्मचारियों की हड़ताल समाप्त होने के इंतजार में हैं। उनका कहना है कि हड़ताल जल्द समाप्त हो जाती तो धान बेचकर बीज व खाद की खरीद करते। हड़ताल के कारण समितियों पर खाद व बीज भी नहीं मिल पा रहे हैं। लगता है कि सस्ते में ही धान बेचकर जरूरत करनी पडे़गी।
डिप्टी आरएमओ अखिलेश कुमार सिंह ने बताया कि इस साल जिले में 1,73,700 एमटी धान खरीद का लक्ष्य है। धान खरीद के लिए 102 क्रय केंद्र खोले गए हैं। धान खरीद करने वाली 8 क्रय एजेंसियां हैं। धान का समर्थन मूल्य 1750 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित है। धान खरीद के लिए केंद्रों पर कुल 18,14,000 बोरे उपलब्ध हैं। धान की बिक्री के लिए जिले में 30 अक्तूबर तक 11742 किसानों ने पंजीकरण कराया है। क्रय केंद्रों पर किसानों का धान खरीदने के निर्देश दिए गए हैं। किसानों को कोई दिक्कत न हो, इसका ख्याल रखा जा रहा है।
रबी की फसलों की बुआई हो रही प्रभावित, किसान परेशान
अमर उजाला ब्यूरो
महराजगंज। सहकारी समितियों के कर्मचारियों की हड़ताल लंबी खिंचने से समितियों पर धान खरीद नहीं हो रही है। इसके साथ ही समितियों से किसानों को खाद व बीज भी नहीं मिल रहे हैं। इससे किसानों की समस्याएं बढ़ गई हैं। किसान रबी की फसलों की बुआई के प्रति चिंतित हैं।
सहकारी समितियों के कर्मचारी अपनी मांगों के समर्थन में एक नवंबर से हड़ताल पर हैं। जिस वजह से सहकारी समितियों पर ताले लटके हुए हैं। अधिकतर किसान धान बेचकर खाद व बीज की खरीद करते हैं। साथ ही बहुत से किसान सहकारी समितियों से ही खाद व बीज की खरीद करते हैं, लेकिन समितियाें पर कई दिन से ताला लटकने से किसान न तो समय से धान बेच पा रहे हैं और न ही गेहूं के बीज व खाद की खरीद कर पा रहे हैं। हरखा गांव के किसान गंगा पांडेय करीब 20 क्विंटल धान बेचकर गेहूं के बीज व खाद खरीदना चाहते हैं। लेकिन चौमुखा समिति में खरीद न होने से धान बेचने में उन्हें परेशानी हो रही है। उन्होंने बताया कि सचिवों की हड़ताल के कारण दिक्कत हो रही है। अगर ऐसे ही कुछ दिन और चलता रहा तो बिचौलियों के हाथों धान बेचने के लिए विवश होना पडे़गा। इसी गांव के संजीव पांडेय एक सप्ताह से ट्राली पर धान लादकर समितियों के कर्मचारियों की हड़ताल समाप्त होने के इंतजार में हैं। उनका कहना है कि हड़ताल जल्द समाप्त हो जाती तो धान बेचकर बीज व खाद की खरीद करते। हड़ताल के कारण समितियों पर खाद व बीज भी नहीं मिल पा रहे हैं। लगता है कि सस्ते में ही धान बेचकर जरूरत करनी पडे़गी।
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डिप्टी आरएमओ अखिलेश कुमार सिंह ने बताया कि इस साल जिले में 1,73,700 एमटी धान खरीद का लक्ष्य है। धान खरीद के लिए 102 क्रय केंद्र खोले गए हैं। धान खरीद करने वाली 8 क्रय एजेंसियां हैं। धान का समर्थन मूल्य 1750 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित है। धान खरीद के लिए केंद्रों पर कुल 18,14,000 बोरे उपलब्ध हैं। धान की बिक्री के लिए जिले में 30 अक्तूबर तक 11742 किसानों ने पंजीकरण कराया है। क्रय केंद्रों पर किसानों का धान खरीदने के निर्देश दिए गए हैं। किसानों को कोई दिक्कत न हो, इसका ख्याल रखा जा रहा है।
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