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Lalitpur News: आप कहते रहो सस्ती- सस्ती, झांसी में तो पुराने रेट पर ही बिक रहीं दवाएं

Fri, 31 Mar 2023 12:31 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Fri, 31 Mar 2023 12:31 AM IST
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You keep saying cheap-cheap, in Jhansi medicines are being sold at old rates only
झांसी। कहा था इलाज सस्ता हो जाएगा, क्योंकि जीवनरक्षक कई दवाओं की कीमतें घटा दी गई हैं। मगर मेडिकल स्टोरों पर तो पुरानी कीमतों पर ही दवाएं मिल रही हैं। कीमतें कम करने का आदेश झांसी में बेअसर है। महंगी दवाएं खरीदते-खरीदते जनता की कमर टूट रही है।
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राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण (एनपीपीए) साल में दो बार दवाओं की कीमतों की समीक्षा करता है। इस दौरान दवा की बाजार में मांग, उसके कच्चे माल की कीमत, उत्पादन में आने वाले खर्च आदि की समीक्षा करने के बाद दवा के मूल्य का निर्धारण करता है। कुछ सप्ताह पहले हुई बैठक में एनपीपीए ने बीपी, शुगर, हार्ट से लेकर एंटीबायोटिक तक की दवाओं की कीमतें 15 से 30 फीसदी तक घटा दी थीं। इसमें बीपी, शुगर, ह्रदय, थायरॉइड से लेकर एंटीबायोटिक दवाएं शामिल हैं। अमर उजाला ने बृहस्पतिवार को शहर के अलग-अलग मेडिकल स्टोरों पर जाकर पड़ताल की तो पता चला कि कई जगहों पर तो पुरानी कीमतों पर ही दवाएं मिल रही हैं। 75 रुपये की ब्लड प्रेशर की दवा एम्लोडिपीन-5 जहां 97 रुपये की बिकती मिली तो 182 रुपये की एंटीबायोटिक एमोक्सीसिलिन 210 रुपये में। 123 रुपये की कीमत वाली थायरॉइड की दवा थाइरॉक्सिन की बिक्री 140 रुपये में हो रही है। मधुमेह की 39 रुपये तय मूल्य वाली मेटफॉर्मिन भी 45 रुपये में बिक्री हो रही है। इसके अलावा ह्रदय की एटोरवास्टेटिन 149 की जगह 200 रुपये में मिल रही है। हालांकि, कुछ मेडिकल स्टोरों पर नई कीमतों पर भी दवाओं की बिक्री होती मिली।
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एक रुपये की भी नहीं देते हैं छूट
दवाओं पर जबरदस्त कमीशन का खेल किसी से छुपा नहीं है। ऐसे में दवा खरीदने पर अलग-अलग दुकानों पर कीमतें भी अलग होती हैं। अगर कोई दवा मिनर्वा पर 200 रुपये मिल रहा है तो सीपरी बाजार में 180 से 185 रुपये में मिलती है। कुछ मेडिकल स्टोरों तो बकायदा छूट पर दवाएं बेचते हैं। मगर कुछ एक रुपये भी कम नहीं करते।
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ज्यादातर मेडिकल स्टोरों पर एनपीपीए द्वारा तय कीमतों पर ही दवाओं की बिक्री हो रही है। कुछ स्टोरों के पास पुराना स्टॉक बचा होगा, जो कि दवा कंपनी वापस नहीं लेती हैं। वही पुरानी कीमतों पर दवा बेच रहे होंगे। दाम कम होने का नोटिफिकेशन जारी होने के बाद कोई भी कंपनी बढ़ी हुई कीमत पर दवा बेचती है तो उसके खिलाफ कार्रवाई का नियम है। इस वजह से दवाओं का नए पत्ते संशोधित दरें ही लिखी जा रही हैं। - नितिन मोदी, सचिव, जिला केमिस्ट एसोसिएशन।
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