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Lalitpur News: विश्व बैंक की टीम ने देखी बांधों से निकली नहरों की स्थिति
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। विश्व बैंक पोषित परियोजना के तहत जामनी, सजनाम और राेहिणी बांध की करीब 160 किलोमीटर की नहर प्रणाली का नवीनीकरण व आधुनिकीकरण किया गया था। अब वर्ल्ड बैंक की तीन सदस्यीय टीम जिले में पहुंची है और दो दिनों तक यहां रहेगी। शुक्रवार को टीम ने नहरों के नवीनीकरण व आधुनिकीकरण के बाद होने वाले फायदों को परखा।
पठारी क्षेत्र होने की वजह से यहां बांधों का निर्माण कराया गया था, जिससे फसलों की सिंचाई के साथ लोगों को पीने के लिए पर्याप्त पानी मिल सके। जामनी, सजनाम और रोहिणी बांध से निकली नहर से किसानों को सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराया जाता है। कच्ची नहरों के इस जाल में सीपेज के कारण लाखों लीटर पानी हर वर्ष बेकार बह जाता था। विश्व बैंक पोषित उत्तर प्रदेश रिस्ट्रक्चरिंग परियोजना फेज-2 के तहत तीनों बांधों से निकली करीब 160 किलोमीटर नहरों का 165 करोड़ रुपये से नवीनीकरण व आधुनिकीकरण के लिए चयन किया गया था।
नहरों को पक्का करने के साथ इस पर निर्मित पुल-पुलिया को भी नए सिरे से निर्मित कराया गया था। तीनों बांधों की नहर पट्टी पर सड़क भी बनवाई गई थी। वर्ल्ड बैंक की तीन सदस्यीय टीम में शामिल समझना थापा, रामचंद्र जमनी, भरत शर्मा दो दिवसीय जनपद दौरे पर आए। यहां टीम ने जामनी, सजनाम और रोहिणी बांध की नहरों पर कराए गए कार्यों का निरीक्षण किया।
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जल उपभोक्ता समितियों से वार्ता की और नहरों के आधुनिकीकरण व नवीनीकरण होने के बाद सिंचित क्षमता बढ़ने को लेकर जानकारी हासिल की। उपभोक्ता समिति के लोगों ने पूर्व की अपेक्षा सिंचित क्षेत्र बढ़ने की बात बताई। वर्ल्ड बैंक की टीम के कृष्ण कुमार, लेवल वन सिंचाई विभाग, रमेशचंद्र, मुख्य अभियंता बेतवा झांसी डॉ अंबुज द्विवेदी, अधीक्षण अभियंता सिंचाई कार्यमंडल उमेश चंद्र, अधिशासी अभियंता सिंचाई खंड भूपेश कुमार सुहेरा आदि साथ में मौजूद रहे।
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जामनी बांध
- 68.370 किलोमीटर दांयी व बांयी नहर प्रणाली
- 53.380 किलोमीटर लंबे तीन रजवाहा प्रणाली
- 10297 हेक्टेयर सिंचाई क्षमता
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सजनाम बांध
- 39.950 किलोमीटर दायीं व बायीं नहर प्रणाली
-19.640 किलोमीटर लंबे दो रजवाहा प्रणाली
- 10000 हेक्टेयर सिंचाई क्षमता
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रोहिणी बांध
- 19.99 किलोमीटर नहर प्रणाली
- 1780 हेक्टेयर भूमि सिंचित क्षमता
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वर्ल्ड बैंक की तीन सदस्यीय टीम ने जामनी, सजनाम और रोहिणी बांध की नहरों के कराए गए लाइनीकरण व अन्य कार्यों का निरीक्षण किया। जल उपभोक्ता समिति के लोगों से बातचीत कर सिंचाई क्षमता बढ़ने के बारे में जानकारी ली।
इंजी. भूपेश सुहेरा, अधिशासी अभियंता, सिंचाई खंड
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ललितपुर। विश्व बैंक पोषित परियोजना के तहत जामनी, सजनाम और राेहिणी बांध की करीब 160 किलोमीटर की नहर प्रणाली का नवीनीकरण व आधुनिकीकरण किया गया था। अब वर्ल्ड बैंक की तीन सदस्यीय टीम जिले में पहुंची है और दो दिनों तक यहां रहेगी। शुक्रवार को टीम ने नहरों के नवीनीकरण व आधुनिकीकरण के बाद होने वाले फायदों को परखा।
पठारी क्षेत्र होने की वजह से यहां बांधों का निर्माण कराया गया था, जिससे फसलों की सिंचाई के साथ लोगों को पीने के लिए पर्याप्त पानी मिल सके। जामनी, सजनाम और रोहिणी बांध से निकली नहर से किसानों को सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराया जाता है। कच्ची नहरों के इस जाल में सीपेज के कारण लाखों लीटर पानी हर वर्ष बेकार बह जाता था। विश्व बैंक पोषित उत्तर प्रदेश रिस्ट्रक्चरिंग परियोजना फेज-2 के तहत तीनों बांधों से निकली करीब 160 किलोमीटर नहरों का 165 करोड़ रुपये से नवीनीकरण व आधुनिकीकरण के लिए चयन किया गया था।
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नहरों को पक्का करने के साथ इस पर निर्मित पुल-पुलिया को भी नए सिरे से निर्मित कराया गया था। तीनों बांधों की नहर पट्टी पर सड़क भी बनवाई गई थी। वर्ल्ड बैंक की तीन सदस्यीय टीम में शामिल समझना थापा, रामचंद्र जमनी, भरत शर्मा दो दिवसीय जनपद दौरे पर आए। यहां टीम ने जामनी, सजनाम और रोहिणी बांध की नहरों पर कराए गए कार्यों का निरीक्षण किया।
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जल उपभोक्ता समितियों से वार्ता की और नहरों के आधुनिकीकरण व नवीनीकरण होने के बाद सिंचित क्षमता बढ़ने को लेकर जानकारी हासिल की। उपभोक्ता समिति के लोगों ने पूर्व की अपेक्षा सिंचित क्षेत्र बढ़ने की बात बताई। वर्ल्ड बैंक की टीम के कृष्ण कुमार, लेवल वन सिंचाई विभाग, रमेशचंद्र, मुख्य अभियंता बेतवा झांसी डॉ अंबुज द्विवेदी, अधीक्षण अभियंता सिंचाई कार्यमंडल उमेश चंद्र, अधिशासी अभियंता सिंचाई खंड भूपेश कुमार सुहेरा आदि साथ में मौजूद रहे।
जामनी बांध
- 68.370 किलोमीटर दांयी व बांयी नहर प्रणाली
- 53.380 किलोमीटर लंबे तीन रजवाहा प्रणाली
- 10297 हेक्टेयर सिंचाई क्षमता
सजनाम बांध
- 39.950 किलोमीटर दायीं व बायीं नहर प्रणाली
-19.640 किलोमीटर लंबे दो रजवाहा प्रणाली
- 10000 हेक्टेयर सिंचाई क्षमता
रोहिणी बांध
- 19.99 किलोमीटर नहर प्रणाली
- 1780 हेक्टेयर भूमि सिंचित क्षमता
वर्ल्ड बैंक की तीन सदस्यीय टीम ने जामनी, सजनाम और रोहिणी बांध की नहरों के कराए गए लाइनीकरण व अन्य कार्यों का निरीक्षण किया। जल उपभोक्ता समिति के लोगों से बातचीत कर सिंचाई क्षमता बढ़ने के बारे में जानकारी ली।
इंजी. भूपेश सुहेरा, अधिशासी अभियंता, सिंचाई खंड