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Lalitpur News: भगवान जब दीक्षा लेते हैं तो वह तपस्वी बनते हैं- मुनि सुधा सागर

Wed, 14 Dec 2022 10:33 PM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Wed, 14 Dec 2022 10:33 PM IST
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When God takes initiation, he becomes an ascetic - Muni Sudha Sagar
ललितपुर। कस्बा बांसी में निर्यापक श्रमण मुनि सुधासागर महाराज के ससंघ सानिध्य में चल रहे श्रीमज्जिनेंद्र पंचकल्याणक प्रतिष्ठा गजरथ महोत्सव मेें ज्ञान कल्याणक महोत्सव मनाया गया। प्रात:काल श्री जी का अभिषेक शांतिधारा के बाद पूजन हुआ। शाम को प्रभु को केवनज्ञान होने पर समवशरण में उनकी दिव्यध्वनि का बखान मुनि सुधा सागर महाराज ने किया।
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निर्यापक श्रमण मुनि सुधासागर महाराज ने कहा कि गुरु पद पराधीन होता है। साधु को अरिहंत बनना है भगवान नहीं। भगवान जब दीक्षा लेते हैं तो वह गुरू नहीं बनते हैं, वह तपस्वी बनते हैं। गुरु भक्त बनाता है। प्रतिष्ठाचार्य बाल ब्रह्मचारी प्रदीप भैया सुयश ने बताया जब मुनिराज आदि सागर ने मुनि दीक्षा के छह माह बाद आहार ग्रहण किया उस समय श्रावक मुनिराज की आहार विधि भी नहीं जानते थे। छह माह पश्चात हस्तिनापुर के राजा श्रेयांस को सपना आया और पूर्व जन्म के जाति स्मरण से उन्हें आहार विधि का ज्ञान हुआ। महामुनिराज को राजा श्रेयांश संतोष व रानी कठरया और राजा सोम कैलाश चंद्र, पुष्पा जैन ने नवधा भक्ति पूर्वक पड़गाहन कर इक्षुरस का आहार दिया। इस मौके पर श्रावकों ने भक्तिपूर्वक आहारदान का पुर्ण्याजन कर असीम पुण्य का संचय किया।
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मध्यान्ह में ज्ञानकल्याणक की आंतरिक क्रियाएं व प्राण प्रतिष्ठा हुई। जिसमें मुनि सुधासागर व पूज्य सागर महाराज ने प्रतिमाओं को सूरिमंत्र दिए। प्रतिष्ठा मंडप में मनोहारी समवशरण की रचना की गई। जहां मुनि
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सुधासागर महाराज संघस्थ, मुनि पूज्यसागर महाराज, एलक धैर्यसागर महाराज, क्षुल्लक गंभीर सागर महाराज विराजमान हुए। मुनि श्री ने समवशरण से दिव्य ध्वनि देते हुए श्रावकों को सन्मार्ग प्रशस्त किया।
प्रतिष्ठा महोत्सव में आज निकलेगी गजरथ परिक्रमा
प्रतिष्ठा महोत्सव के मीडिया प्रभारी अक्षय अलया ने बताया कि बृहस्पतिवार को अपराह्न एक बजे मुनि सुधासागर महाराज के ससंघ सानिध्य में त्रय गजरथ में विराजित श्रीजी की परिक्रमा प्रतिष्ठा महोत्सव के प्रमुख पात्रों के साथ इंद्र इंद्राणी करेंगे। इसके बाद श्री जी का महामस्तिकाभिषेक पुर्ण्याजक परिवारों द्वारा किया जाएगा। सुबह प्रभु के मोक्षगमन की मांगलिक क्रियाएं होंगी।

मुनि अभयसागर ने की जिनमंदिरों की वंदना
निर्यापक श्रमण मुनि अभय सागर महाराज अपने संघस्थ मुनि प्रभात सागर महाराज, मुनि निरीह सागर महाराज ने बुधवार को जैन अटामंदिर से श्री अभिनंदनोदय तीर्थ क्षेत्रपाल, श्री चंदप्रभु जिनालय डोडाघाट, श्री शांतिनाथ दिगंबर जैन मंदिर, श्री आदिनाथ दिगंबर जैन मंदिर गांधीनगर, श्री समवशरण पार्श्वनाथ मंदिर, श्री आदिनाथ मंदिर सिविल लाइन श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन इलाइट मंदिर के दर्शन कर वंदना की। मुनि श्री की आहारचर्या अभिनंदनोदय तीर्थ क्षेत्रपाल में हुई। जहां पुर्ण्याजकों ने आहारदान कर धर्मलाभ लिया। मुनिश्री का मध्याह्न में ललितपुर से राजघाट की ओर विहार हुआ।
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