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लो वोल्टेज और अघोषित बिजली कटौती ने नाराहट क्षेत्र वासियों की बढ़ाई मुश्किल
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- फोटो : electricity bulb.jpg
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डोंगराखुर्द (ललितपुर)। विद्युत सबस्टेशन बिरधा के नाराहट फीडर से जुड़े तीस से अधिक गांवों के लोग इन दिनों लो वोल्टेज एवं अघोषित बिजली कटौती की समस्या से जूझ रहे हैं। आलम यह है कि चौबीस घंटे में सिर्फ आठ से दस घंटे ही बिजली आपूर्ति मिल पा रही है, उस पर लो वोल्टेज की समस्या ने लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।
नाराहट फीडर से जुड़े तीस से अधिक गांवों के लोग एक सप्ताह से इस समस्या से जूझ रहे हैं। आलम यह है कि बल्ब जुगनू की तरह टिमटिमाते नजर आते हैं। घरेलू उपकरण शोपीस बनकर रह गए हैं। वोल्टेज इतना कम रहता है कि मोबाइल भी दिनभर में बमुश्किल चार्ज हो पाता है।
किसान, व्यापारी एवं विद्यार्थी सभी इस परेशानी से जूझ रहे हैं। पर्याप्त वोल्टेज न मिलने से किसानों की मोटरें नहीं चल पा रहीं हैं, जिससे सिंचाई व्यवस्था बाधित है। जरूरत के अनुसार वोल्टेज न मिलने से शीतल पेय बेचने वाले दुकानदारों का कारोबार प्रभावित हो रहा है। ग्रामीणों ने उच्चाधिकारियों से विद्युत कटौती एवं लो वोल्टेज की समस्या का समाधान शीघ्र कराने की मांग की है।
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बिजली आने और जाने का कोई समय तय नहीं है। 24 घंटे में बमुश्किल आठ से दस घंटे ही विद्युत आपूर्ति मिल पा रही है। बच्चों की पढ़ाई भी नहीं हो पा रही है।
- संतोष साहू
अघोषित कटौती और लो वोल्टेज की समस्या से किसान इस कदर परेशान हैं कि गर्मी की सब्जियों की फसल की सिंचाई उन्हें डीजल पंप से करनी पड़ रही है।
- गुलाब सिंह
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नाराहट फीडर से जुड़े तीस से अधिक गांवों के लोग एक सप्ताह से इस समस्या से जूझ रहे हैं। आलम यह है कि बल्ब जुगनू की तरह टिमटिमाते नजर आते हैं। घरेलू उपकरण शोपीस बनकर रह गए हैं। वोल्टेज इतना कम रहता है कि मोबाइल भी दिनभर में बमुश्किल चार्ज हो पाता है।
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किसान, व्यापारी एवं विद्यार्थी सभी इस परेशानी से जूझ रहे हैं। पर्याप्त वोल्टेज न मिलने से किसानों की मोटरें नहीं चल पा रहीं हैं, जिससे सिंचाई व्यवस्था बाधित है। जरूरत के अनुसार वोल्टेज न मिलने से शीतल पेय बेचने वाले दुकानदारों का कारोबार प्रभावित हो रहा है। ग्रामीणों ने उच्चाधिकारियों से विद्युत कटौती एवं लो वोल्टेज की समस्या का समाधान शीघ्र कराने की मांग की है।
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बिजली आने और जाने का कोई समय तय नहीं है। 24 घंटे में बमुश्किल आठ से दस घंटे ही विद्युत आपूर्ति मिल पा रही है। बच्चों की पढ़ाई भी नहीं हो पा रही है।
- संतोष साहू
अघोषित कटौती और लो वोल्टेज की समस्या से किसान इस कदर परेशान हैं कि गर्मी की सब्जियों की फसल की सिंचाई उन्हें डीजल पंप से करनी पड़ रही है।
- गुलाब सिंह