{"_id":"694aee5faaca50870b08670e","slug":"the-incident-of-pulling-off-the-bihar-cms-mask-has-taken-a-political-turn-lalitpur-news-c-131-1-ltp1020-148464-2025-12-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lalitpur News: बिहार के सीएम का नकाब खींचने की घटना ने पकड़ा राजनैतिक तूल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lalitpur News: बिहार के सीएम का नकाब खींचने की घटना ने पकड़ा राजनैतिक तूल
विज्ञापन
- समाजवादी महिला सभा ने राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजकर कार्रवाई की उठाई मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। समाजवादी महिला सभा ने बिहार के मुख्यमंत्री द्वारा महिला डॉक्टर का जबरदस्ती नकाब खींचने का विरोध किया। उन्होंने जिला प्रशासन के माध्यम से राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सौंपा, जिसमें उन्होंने मुख्यमंत्री के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई है।
ज्ञापन में बताया कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एक कार्यक्रम में सार्वजनिक मंच पर नवनियुक्त महिला डॉक्टर के चेहरे से जबरदस्ती नकाब खींचने का कृत्य किया था। इतना ही नहीं इस कृत्य पर पर्दा डालते हुए केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने अमर्यादित बयान भी दिया। तो वहीं, उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री संजय निषाद ने इस कृत्य का समर्थन करते हुए ठहाके भरे लहजे में जो बयान दिया है वह निंदनीय है। जिलाध्यक्ष राजकुमारी गौतम ने बताया कि भारतीय संस्कृति में महिला का घूंघट या नकाब उसकी अस्मिता और सम्मान का प्रतीक है। भारतीय महिला व घूंघट, नकाब पर हाथ लगाना न महिलाओं की इज्जत पर हमला करना है। उनके मान-सम्मान को जानबूझकर ठेस पहुंचाना है। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस कृत्य को कर महिलाओं के सम्मान को ठेस पहुंचाई है। इतना ही नहीं इस कृत्य का समर्थन करने वाले महिला विरोधी सोच वाले नेताओं को सार्वजनिक मंच से माफी मांगना चाहिए। ऐसे लोगों को संवैधानिक पद पर बने रहना का कोई अधिकार नहीं है। उन्होंने महिलाओं के सम्मान को ठेस पहुंचाने वाले नेताओं को उनके पद से बर्खास्त करने की मांग की है। ज्ञापन पर उपाध्यक्ष नीतू शर्मा, गुड्डी बाई, पार्वती, राजकुमारी, हेमा, शारदा, ज्योति, राजकुमारी, गेंदा, प्रीति, रूबी आदि के हस्ताक्षर हैं।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। समाजवादी महिला सभा ने बिहार के मुख्यमंत्री द्वारा महिला डॉक्टर का जबरदस्ती नकाब खींचने का विरोध किया। उन्होंने जिला प्रशासन के माध्यम से राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सौंपा, जिसमें उन्होंने मुख्यमंत्री के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई है।
ज्ञापन में बताया कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एक कार्यक्रम में सार्वजनिक मंच पर नवनियुक्त महिला डॉक्टर के चेहरे से जबरदस्ती नकाब खींचने का कृत्य किया था। इतना ही नहीं इस कृत्य पर पर्दा डालते हुए केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने अमर्यादित बयान भी दिया। तो वहीं, उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री संजय निषाद ने इस कृत्य का समर्थन करते हुए ठहाके भरे लहजे में जो बयान दिया है वह निंदनीय है। जिलाध्यक्ष राजकुमारी गौतम ने बताया कि भारतीय संस्कृति में महिला का घूंघट या नकाब उसकी अस्मिता और सम्मान का प्रतीक है। भारतीय महिला व घूंघट, नकाब पर हाथ लगाना न महिलाओं की इज्जत पर हमला करना है। उनके मान-सम्मान को जानबूझकर ठेस पहुंचाना है। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस कृत्य को कर महिलाओं के सम्मान को ठेस पहुंचाई है। इतना ही नहीं इस कृत्य का समर्थन करने वाले महिला विरोधी सोच वाले नेताओं को सार्वजनिक मंच से माफी मांगना चाहिए। ऐसे लोगों को संवैधानिक पद पर बने रहना का कोई अधिकार नहीं है। उन्होंने महिलाओं के सम्मान को ठेस पहुंचाने वाले नेताओं को उनके पद से बर्खास्त करने की मांग की है। ज्ञापन पर उपाध्यक्ष नीतू शर्मा, गुड्डी बाई, पार्वती, राजकुमारी, हेमा, शारदा, ज्योति, राजकुमारी, गेंदा, प्रीति, रूबी आदि के हस्ताक्षर हैं।
विज्ञापन