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कचनौंदा बांध डूब क्षेत्र के ग्रामीणों की प्रभावित संपत्तियों का मिलेगा मुआवजा

Tue, 05 Jul 2022 01:12 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Tue, 05 Jul 2022 01:12 AM IST
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The affected properties of the villagers of Kachnaunda dam submergence area will be compensated
ललितपुर। कचनौंदा बांध के भराव क्षेत्र से प्रभावित होने वाले करीब आधा दर्जन गांवों की संपत्तियों का जिला प्रशासन ने मूल्य निर्धारण कर दिया है। अब निर्धारित दर के अनुसार इन संपत्तियों की धनराशि संबंधित ग्रामीणों को दी जाएगी।
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बानपुर क्षेत्र में कचनौंदा बांध परियोजना के दौरान इस क्षेत्र के करीब आधा दर्जन गांवों की भूमि का अधिग्रहण हुआ था। बांध अधिग्रहण में भूमियों पर जो संपत्तियां कुआं, कच्चा-पक्का मकान आदि शामिल थे। उनका मूल्य निर्धारण नहीं किया गया। इसको लेकर काफी समय से किसान समय-समय पर आंदोलन कर रहे थे। किसानों की मांगों को देखते हुए शासन ने जिला स्तर पर एक कमेटी गठित करने का निर्देश दिया था। इसके बाद अपर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में एक कमेटी का गठन किया गया। एडीएम के साथ कमेटी में उपजिलाधिकारी व किसान भी शामिल थे। सोमवार को कमेटी की बैठक में एडीएम गुलशन कुमार सहित राजस्व अधिकारी, डूब क्षेत्र के किसान व ग्राम प्रधान शामिल रहे। इसमें डूब क्षेत्र की संपत्तियों का मूल्य निर्धारण करने के लिए राजस्व टीमों का गठन किया गया। यह राजस्व टीमें मौके पर जाकर स्थलीय निरीक्षण कर संपत्तियों का मूल्याकंन करेंगीं। मकानों का मूल्याकंन उनकी वर्तमान स्थिति को देखते हुए किया जाएगा। इसके बाद ही डूब क्षेत्र की संपत्तियों की धनराशि पीड़ित व्यक्ति को आहरित की जाएगी। अगर किसी ग्रामीण को इस मूल्याकंन में कोई आपत्ति होती है तो वह अपर जिलाधिकारी कार्यालय में इसकी शिकायत कर सकता है। शिकायत की जांच कर गुणवत्ता पूर्वक निस्तारण किया जाएगा।
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2015 में बनकर तैयार हुआ था कचनौंदा बांध
बानपुर क्षेत्र में कचनौंदा बांध बनाने का काम वर्ष 2010 में शुरू किया गया था। इस बांध को वर्ष 2012 तक बनकर पूरा होना था। लेकिन निर्माण काम पूरा नहीं हो पाया था। वर्ष 2015 में यह परियोजना बनकर तैयार हो गई थी।
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दस गांवों से करीब 2.371 हेक्टेयर जमीन की गई थी अधिग्रहित
कचनौंदा बांध परियोजना में बानपुर क्षेत्र के करीब दस गांवों की करीब 2.371 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहित की गई थी। इनमें कई ऐसे किसान थे जोकि मुआवजे के लिए लगातार धरना प्रदर्शन कर रहे थे।

जिलाधिकारी के आदेश पर कचनौंदा बांध डूब क्षेत्र की संपत्तियों के मूल्य निर्धारित कर दिए गए हैं। जिन किसानों को आपत्तियां होगी, उन पर विचार कर निस्तारण किया जाएगा। - गुलशन कुमार, अपर जिलाधिकारी
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