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Lalitpur News: मंदिरों से निकले श्रीजी, सुम्मेरातालाब में स्नान करने के बाद घर-घर दिए दर्शन
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। शनिवार को डोल ग्यारस पर्व धूमधाम से मनाया गया। विभिन्न मंदिरों से भगवान के विग्रह विमानों पर सवार होकर सुम्मेरा तालाब पहुंचे। वहां उन्हें विधिवत स्नान कराया गया। इसके बाद सभी विमानों की सामूहिक आरती रामलीला मैदान में की गई।
डोल ग्यारस पर सुम्मेरा तालाब पर विशेष मेला का आयोजन किया जाता है। शाम को चौबयाना स्थित बड़ा मंदिर से शोभायात्रा का शुभारंभ हुआ, जो घंटाघर से सावरकर होते हुए, तालाबपुरा में सुम्मेरा तालाब पर पहुंची। जहां भगवान बांके बिहारी का जल विहार हुआ। कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए रामलीला हनुमान जयंती महोत्सव समिति का विशेष योगदान रहा है। शोभायात्रा में रघुनाथजी बड़ा मंदिर, विजय राघव मंदिर, गोविंद गढ़ी मंदिर, बांके बिहारी मंदिर, संकट मोचन मंदिर, वनखंडी मंंदिर, पंचमुखी मंदिर, कंचनघाट मंदिर, मुरलीधरन मंदिर, लक्ष्मीनारायण मंदिर, बिहारी जू मंदिर, रघुनाथजी मंदिर पुरानी बजरिया, जुगल किशोर मंदिर, शिव मंदिर, हनुमानधारा मंदिर, गोकुल घाट मंदिर, सिद्धन मंदिर, अवध बिहारी मंदिर, मदन मोहन मंदिर के विमान शामिल हुए।
थानेश्वर मंदिर, तुवन मंदिर, राधा कृष्ण मंदिर, रामलला मंदिर, रामजानकी मंदिर रावरपुरा, राधाकृष्ण मंदिर, श्रीसिंह वाहनी हनुमान मंदिर, रिसाला मंदिर, रामराजा मंदिर, कुश कुटी मंदिर, नामदेव गणेश मंदिर, परमहंस मंदिर, धनुषधारी मंदिर, जुगल किशोर हवलदार मंदिर, सर्वेश्वर धाम मंदिर, रामजानकी मंदिर गौर कॉलीन के विमान भी शामिल हुए। सुम्मेरा तालाब पर जलविहार करने के बाद रामलीला मैदान में सभी विमानों की सामूहिक आरती की गई। इसके बाद सभी विमान कटरा बाजार में गणेश प्रतिमा के पास पहुंचे, जहां पर एक बार फिर सामूहिक आरती का कार्यक्रम हुआ। आरती के बाद सभी विमान नगर भ्रमण करते हुए, भक्तों को उनके घर पर दर्शन देते हुए अपने-अपने मंदिर पर पहुंचे। इस अवसर पर समिति के अध्यक्ष ब्रजेश चर्तुवेदी, राजेश दुबे, हरविंदर सिंह, अमित तिवारी, जगदीश पाठक, रमेश कुमार रावत आदि मौजूद रहे।
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डीएम व एसपी ने की विमानों की महाआरती : जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी व पुलिस अधीक्षक मोहम्मद मुश्ताक ने विमानों की महाआरती की है। इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी अंकुर श्रीवास्तव, उपजिलाधिकारी सदर चंद्रभूषण प्रताप सिंह आदि प्रशासनिक व पुलिस अफसर मौजूद रहे।
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पहले विमानों को अपने घर पर रोककर करते थे रात्रि जागरण
बांसी। पूर्व के समय में विमानों को अपने आंगन में रोकने की परंपरा थी, गांव व शहर में संपन्न लोग विमानों को अपने घर पर रोकते थे। रात भर भजन कीर्तन होता था। इसके बाद सुबह भगवान का भोग लगाकर भव्य भंडारे का आयोजन किया जाता था, इसके बाद विमानों को विदा किया जाता था। शहरी क्षेत्र में यह परंपरा दिखाई नहीं देती है, लेकिन कस्बा में अभी विमान को रोकने की परंपरा है।
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विमान में सवार होकर निकले ठाकुरजी
बानपुर। मंदिरों में भगवान के मंत्रोच्चारण के साथ पूजा अर्चना की गई। श्रीबजरंगढ़ मंदिर, श्रीमहावीर मंदिर, श्रीबिहारीजी मंदिर, श्रीमुरली मनोहर मंदिर, श्रीउपादिया मंदिर के विमानों मे सवार होकर ठाकुरजी मुख्य बाजार होते हुए श्रीबजरंगढ़ मंदिर बगिया पहुंचे। यहां विधि विधान मंत्रोच्चार के साथ पूजा अर्चना एवं महाआरती की गई। श्रद्धालुओं ने अपने-अपने द्वार पर विमान में सवार ठाकुरजी की पूजा अर्चना की गई।
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श्रद्धा और भक्ति के साथ हुआ जल-विहार
मड़ावरा। जल-झूलनी एकादशी के नाम से भी प्रसिद्ध इस त्योहार को कस्बे समेत ग्राम रनगांव के विभिन्न मंदिरों से देव-प्रतिमाओं को सुंदर तथा सुसज्जित विमानों में विराजमान कर स्थानीय प्राचीन तालाब में जलविहार कराया गया। शोभायात्रा में राधे-कृष्ण संकीर्तन मंडली ने भजन-कीर्तन की प्रस्तुति शोभायात्रा में चार-चांद लगाती नजर आई। विमान आगमन से पूर्व पूरे मार्ग पर ग्रामीणों द्वारा अपने-अपने दरवाजों के सामने धुलाई-सफाई कर श्रद्धा-भाव से साथ विमानों में विराजित देव-प्रतिमाओं की मंगल आरती की गई।
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जल विहार के श्रीजी का घर-घर हुआ स्वागत
बांसी। जल बिहार पर प्रमुख छह मंदिरों के सात विमानों की परंपरागत शोभा यात्रा निकाली गई। श्रीरघुनाथजी मंदिर से श्रीराम दरबार की मूर्ति, श्री बांके बिहार भगवान की मूर्तियां विमानों से निकाली गई। गांव के प्रमुख मार्गों से होते विमानों की शोभायात्रा मन तालाब पर पंहुची, यहां भगवानों का जल विहार हुआ। जल विहार के बाद भगवान के विमानों को एक दिन के लिए रामसहाय गुप्ता ने अपने आवास पर रोका। रविवार को भगवान के विमान रमाकांत गोस्वामी के घर पहुंचेंगे। इसके बाद मंदिर में भगवान पहुंचेंगे। संवाद
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धूमधाम से निकाली गई भगवान की शोभायात्रा
सौजना। ग्राम सौजना में डोल ग्यारस पर्व धूमधाम से मनाया गया। सर्वप्रथम भगवान श्रीजी की यात्रा हनुमानगढ़ी मंदिर से गांव में होते हुए रघुनाथजी मंदिर पहुंची, जहां रघुनाथ जी मंदिर की भगवान के विमान को साथ लेते हुए गोपालजी नरसिंह मंदिर के विमान की शोभायात्रा बड़े तालाब के पास पहुंची। चारों मंदिर के भगवानों की तालाब में विधि विधान के साथ पूजा अर्चना करने के बाद जलविहार किया गया।
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जल झूलनी एकादशी पर ठाकुरजी को कराया जल विहार
बिरधा। चारों प्रमुख मंदिरों श्रीजी विमान शोभायात्रा में शामिल हुए। शोभा यात्रा श्री रामराजा मंदिर कुशवाहा समाज श्रीराम राजा मंदिर साहू समाज से होते हुए श्री राधे कृष्ण मंदिर विश्वकर्मा समाज, श्री हनुमानगढ़ी मंदिर पर चारों सुसज्जित विमान एकत्रित हुए। शोभायात्रा में श्रद्धालुओं ने श्री राम जय राम जय जय राम की धुन का संकीर्तन किया।
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भगवान के दर्शन कर धन्य हुए श्रद्धालु
जाखलौन। माताखेड़ा (मादौन) में जलझूलनी एकादशी पर शनिवार को फलाहारी आश्रम हरदारी से डोल यात्रा निकाली गई। झालर, मंजिर और शंखनाद की गूंज व जयकारों के साथ ठाकुरजी की डोलयात्रा के श्रद्धालुओं ने दर्शन किए और फल व प्रसाद आदि चढ़ाए। साथ ही सुख समृद्धि की कामना की। फलाहारी आश्रम हरदारी मंदिर से शुरू होकर माताखेड़ा से जलविहार के बाद विमान यात्रा कपासी मंदिर पहुंची। रास्ते में लोगों ने भगवान के दर्शन कर फल आदि चढ़ाए।
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विमान में बैठकर जल विहार करने निकले भगवान
महरौनी। भक्तों ने भगवान को विमानों में विराजमान कराकर गाजे बाजे के साथ शोभायात्रा निकाली और भगवान का जल विहार कराया। नगर में निकले रामजानकी मंदिर, दीवान का मंदिर, किले के हनुमानजी का मंदिर, लक्ष्मी नारायण मंदिर से विमान निकाले गए। भगवान की शोभायात्रा में मंत्री प्रतिनिधि चंद्रशेखर पंथ ने भाग लिया। इसके अलावा ग्राम जखौरा, कुंहेडी, कुआं घोषी, छायन, नैनवारा, सैदपुर, बमहौरी, क्योलारी, गुढ़ा, जुदईया, भदौरा, छपरट, समोगर, सिलावन, निवारी, पडवां, धबारी, सुनवाहा सहित समूचे ग्रामीण क्षेत्र में भगवान का जल विहार मनाया गया। संवाद
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बच्छ सागर में भक्तोंं को भगवान ने दिए दर्शन
बार (ललितपुर)। मंदिरों से विमान में भगवानों को बैठा कर अपने-अपने क्षेत्र की नदी तालाब आदि जगह भगवान का विहार कराया गया। कस्बा बार में भी कस्बे में स्थित पांचों मंदिरों के भगवान को विमान द्वारा कस्बे में स्थित बच्छ सागर तालाब पर ले जाया गया, इसी प्रकार ग्राम धमना एवं ग्राम पंचायत पुलवारा के विमान भी तालाब पर आए सभी विमान ने तालाब के बीच में पहुंचकर सात परिक्रमा लगाई। इसके उपरांत सभी विमान में विराजमान भगवान की आरती उतारी गई। इस अवसर पर तालाब पर कई सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।
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विमान निकालकर श्रीजी को कराया विहार
ललितपुर। तुवन चौराहा पर स्थित श्रीराधा कृष्ण मंदिर में धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन धनगर पाल समाज कल्याण समिति द्वारा किया गया। दिन में विमान निकाल कर श्रीजी के विहार कराया गया। वहीं संगीतमय सुंदरकांड किया गया। रात में भजन संध्या कार्यक्रम हुआ। कलाकारों द्वारा भजन और भक्ति गीतों की प्रस्तुत दी गई। कार्यक्रम के दौरान पाल समाज के जिलाध्यक्ष बाबूलाल पाल, हाकिम पाल, मुन्नालाल, महेंद्र पाल, परशुरामपाल, अर्जुन पाल, अमृत पाल, भगवानदास सहित अन्य लोग मौजूद रहे। संवाद
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भुचेरा और बनगुवाकलां में निकले विमान
तालबेहट। ग्राम भुचेरा और बनगुवाकलां में भगवान के विमान गाजे बाजे के साथ निकाले गए। ग्राम भुचेरा स्थित बिहारी मंदिर से भगवान के विमान विहार के लिए तालाब पर पहुंचे। इसके बाद विमान गांव की परिक्रमा करते हुए देर रात मंदिर पर पहुंचे। इधर, ग्राम बनगुवा कलां स्थित बिहारी मंदिर से भगवान के विमान विहार के लिए बेतवा नदी पर पहुंचे। विमान हनुमान मंदिर बजरंगगढ होते हुए पूरे गांव में घूमते हुए रात में मंदिर पहुंचे। नीरज पटैरिया, जीतू पांडेय, सतीश राजपूत, हरेंद्र राजपूत, राजीव सहित ग्रामीणों का सक्रिय सहयोग रहा। संवाद
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ललितपुर। शनिवार को डोल ग्यारस पर्व धूमधाम से मनाया गया। विभिन्न मंदिरों से भगवान के विग्रह विमानों पर सवार होकर सुम्मेरा तालाब पहुंचे। वहां उन्हें विधिवत स्नान कराया गया। इसके बाद सभी विमानों की सामूहिक आरती रामलीला मैदान में की गई।
डोल ग्यारस पर सुम्मेरा तालाब पर विशेष मेला का आयोजन किया जाता है। शाम को चौबयाना स्थित बड़ा मंदिर से शोभायात्रा का शुभारंभ हुआ, जो घंटाघर से सावरकर होते हुए, तालाबपुरा में सुम्मेरा तालाब पर पहुंची। जहां भगवान बांके बिहारी का जल विहार हुआ। कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए रामलीला हनुमान जयंती महोत्सव समिति का विशेष योगदान रहा है। शोभायात्रा में रघुनाथजी बड़ा मंदिर, विजय राघव मंदिर, गोविंद गढ़ी मंदिर, बांके बिहारी मंदिर, संकट मोचन मंदिर, वनखंडी मंंदिर, पंचमुखी मंदिर, कंचनघाट मंदिर, मुरलीधरन मंदिर, लक्ष्मीनारायण मंदिर, बिहारी जू मंदिर, रघुनाथजी मंदिर पुरानी बजरिया, जुगल किशोर मंदिर, शिव मंदिर, हनुमानधारा मंदिर, गोकुल घाट मंदिर, सिद्धन मंदिर, अवध बिहारी मंदिर, मदन मोहन मंदिर के विमान शामिल हुए।
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थानेश्वर मंदिर, तुवन मंदिर, राधा कृष्ण मंदिर, रामलला मंदिर, रामजानकी मंदिर रावरपुरा, राधाकृष्ण मंदिर, श्रीसिंह वाहनी हनुमान मंदिर, रिसाला मंदिर, रामराजा मंदिर, कुश कुटी मंदिर, नामदेव गणेश मंदिर, परमहंस मंदिर, धनुषधारी मंदिर, जुगल किशोर हवलदार मंदिर, सर्वेश्वर धाम मंदिर, रामजानकी मंदिर गौर कॉलीन के विमान भी शामिल हुए। सुम्मेरा तालाब पर जलविहार करने के बाद रामलीला मैदान में सभी विमानों की सामूहिक आरती की गई। इसके बाद सभी विमान कटरा बाजार में गणेश प्रतिमा के पास पहुंचे, जहां पर एक बार फिर सामूहिक आरती का कार्यक्रम हुआ। आरती के बाद सभी विमान नगर भ्रमण करते हुए, भक्तों को उनके घर पर दर्शन देते हुए अपने-अपने मंदिर पर पहुंचे। इस अवसर पर समिति के अध्यक्ष ब्रजेश चर्तुवेदी, राजेश दुबे, हरविंदर सिंह, अमित तिवारी, जगदीश पाठक, रमेश कुमार रावत आदि मौजूद रहे।
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डीएम व एसपी ने की विमानों की महाआरती : जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी व पुलिस अधीक्षक मोहम्मद मुश्ताक ने विमानों की महाआरती की है। इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी अंकुर श्रीवास्तव, उपजिलाधिकारी सदर चंद्रभूषण प्रताप सिंह आदि प्रशासनिक व पुलिस अफसर मौजूद रहे।
पहले विमानों को अपने घर पर रोककर करते थे रात्रि जागरण
बांसी। पूर्व के समय में विमानों को अपने आंगन में रोकने की परंपरा थी, गांव व शहर में संपन्न लोग विमानों को अपने घर पर रोकते थे। रात भर भजन कीर्तन होता था। इसके बाद सुबह भगवान का भोग लगाकर भव्य भंडारे का आयोजन किया जाता था, इसके बाद विमानों को विदा किया जाता था। शहरी क्षेत्र में यह परंपरा दिखाई नहीं देती है, लेकिन कस्बा में अभी विमान को रोकने की परंपरा है।
विमान में सवार होकर निकले ठाकुरजी
बानपुर। मंदिरों में भगवान के मंत्रोच्चारण के साथ पूजा अर्चना की गई। श्रीबजरंगढ़ मंदिर, श्रीमहावीर मंदिर, श्रीबिहारीजी मंदिर, श्रीमुरली मनोहर मंदिर, श्रीउपादिया मंदिर के विमानों मे सवार होकर ठाकुरजी मुख्य बाजार होते हुए श्रीबजरंगढ़ मंदिर बगिया पहुंचे। यहां विधि विधान मंत्रोच्चार के साथ पूजा अर्चना एवं महाआरती की गई। श्रद्धालुओं ने अपने-अपने द्वार पर विमान में सवार ठाकुरजी की पूजा अर्चना की गई।
श्रद्धा और भक्ति के साथ हुआ जल-विहार
मड़ावरा। जल-झूलनी एकादशी के नाम से भी प्रसिद्ध इस त्योहार को कस्बे समेत ग्राम रनगांव के विभिन्न मंदिरों से देव-प्रतिमाओं को सुंदर तथा सुसज्जित विमानों में विराजमान कर स्थानीय प्राचीन तालाब में जलविहार कराया गया। शोभायात्रा में राधे-कृष्ण संकीर्तन मंडली ने भजन-कीर्तन की प्रस्तुति शोभायात्रा में चार-चांद लगाती नजर आई। विमान आगमन से पूर्व पूरे मार्ग पर ग्रामीणों द्वारा अपने-अपने दरवाजों के सामने धुलाई-सफाई कर श्रद्धा-भाव से साथ विमानों में विराजित देव-प्रतिमाओं की मंगल आरती की गई।
जल विहार के श्रीजी का घर-घर हुआ स्वागत
बांसी। जल बिहार पर प्रमुख छह मंदिरों के सात विमानों की परंपरागत शोभा यात्रा निकाली गई। श्रीरघुनाथजी मंदिर से श्रीराम दरबार की मूर्ति, श्री बांके बिहार भगवान की मूर्तियां विमानों से निकाली गई। गांव के प्रमुख मार्गों से होते विमानों की शोभायात्रा मन तालाब पर पंहुची, यहां भगवानों का जल विहार हुआ। जल विहार के बाद भगवान के विमानों को एक दिन के लिए रामसहाय गुप्ता ने अपने आवास पर रोका। रविवार को भगवान के विमान रमाकांत गोस्वामी के घर पहुंचेंगे। इसके बाद मंदिर में भगवान पहुंचेंगे। संवाद
धूमधाम से निकाली गई भगवान की शोभायात्रा
सौजना। ग्राम सौजना में डोल ग्यारस पर्व धूमधाम से मनाया गया। सर्वप्रथम भगवान श्रीजी की यात्रा हनुमानगढ़ी मंदिर से गांव में होते हुए रघुनाथजी मंदिर पहुंची, जहां रघुनाथ जी मंदिर की भगवान के विमान को साथ लेते हुए गोपालजी नरसिंह मंदिर के विमान की शोभायात्रा बड़े तालाब के पास पहुंची। चारों मंदिर के भगवानों की तालाब में विधि विधान के साथ पूजा अर्चना करने के बाद जलविहार किया गया।
जल झूलनी एकादशी पर ठाकुरजी को कराया जल विहार
बिरधा। चारों प्रमुख मंदिरों श्रीजी विमान शोभायात्रा में शामिल हुए। शोभा यात्रा श्री रामराजा मंदिर कुशवाहा समाज श्रीराम राजा मंदिर साहू समाज से होते हुए श्री राधे कृष्ण मंदिर विश्वकर्मा समाज, श्री हनुमानगढ़ी मंदिर पर चारों सुसज्जित विमान एकत्रित हुए। शोभायात्रा में श्रद्धालुओं ने श्री राम जय राम जय जय राम की धुन का संकीर्तन किया।
भगवान के दर्शन कर धन्य हुए श्रद्धालु
जाखलौन। माताखेड़ा (मादौन) में जलझूलनी एकादशी पर शनिवार को फलाहारी आश्रम हरदारी से डोल यात्रा निकाली गई। झालर, मंजिर और शंखनाद की गूंज व जयकारों के साथ ठाकुरजी की डोलयात्रा के श्रद्धालुओं ने दर्शन किए और फल व प्रसाद आदि चढ़ाए। साथ ही सुख समृद्धि की कामना की। फलाहारी आश्रम हरदारी मंदिर से शुरू होकर माताखेड़ा से जलविहार के बाद विमान यात्रा कपासी मंदिर पहुंची। रास्ते में लोगों ने भगवान के दर्शन कर फल आदि चढ़ाए।
विमान में बैठकर जल विहार करने निकले भगवान
महरौनी। भक्तों ने भगवान को विमानों में विराजमान कराकर गाजे बाजे के साथ शोभायात्रा निकाली और भगवान का जल विहार कराया। नगर में निकले रामजानकी मंदिर, दीवान का मंदिर, किले के हनुमानजी का मंदिर, लक्ष्मी नारायण मंदिर से विमान निकाले गए। भगवान की शोभायात्रा में मंत्री प्रतिनिधि चंद्रशेखर पंथ ने भाग लिया। इसके अलावा ग्राम जखौरा, कुंहेडी, कुआं घोषी, छायन, नैनवारा, सैदपुर, बमहौरी, क्योलारी, गुढ़ा, जुदईया, भदौरा, छपरट, समोगर, सिलावन, निवारी, पडवां, धबारी, सुनवाहा सहित समूचे ग्रामीण क्षेत्र में भगवान का जल विहार मनाया गया। संवाद
बच्छ सागर में भक्तोंं को भगवान ने दिए दर्शन
बार (ललितपुर)। मंदिरों से विमान में भगवानों को बैठा कर अपने-अपने क्षेत्र की नदी तालाब आदि जगह भगवान का विहार कराया गया। कस्बा बार में भी कस्बे में स्थित पांचों मंदिरों के भगवान को विमान द्वारा कस्बे में स्थित बच्छ सागर तालाब पर ले जाया गया, इसी प्रकार ग्राम धमना एवं ग्राम पंचायत पुलवारा के विमान भी तालाब पर आए सभी विमान ने तालाब के बीच में पहुंचकर सात परिक्रमा लगाई। इसके उपरांत सभी विमान में विराजमान भगवान की आरती उतारी गई। इस अवसर पर तालाब पर कई सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।
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विमान निकालकर श्रीजी को कराया विहार
ललितपुर। तुवन चौराहा पर स्थित श्रीराधा कृष्ण मंदिर में धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन धनगर पाल समाज कल्याण समिति द्वारा किया गया। दिन में विमान निकाल कर श्रीजी के विहार कराया गया। वहीं संगीतमय सुंदरकांड किया गया। रात में भजन संध्या कार्यक्रम हुआ। कलाकारों द्वारा भजन और भक्ति गीतों की प्रस्तुत दी गई। कार्यक्रम के दौरान पाल समाज के जिलाध्यक्ष बाबूलाल पाल, हाकिम पाल, मुन्नालाल, महेंद्र पाल, परशुरामपाल, अर्जुन पाल, अमृत पाल, भगवानदास सहित अन्य लोग मौजूद रहे। संवाद
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भुचेरा और बनगुवाकलां में निकले विमान
तालबेहट। ग्राम भुचेरा और बनगुवाकलां में भगवान के विमान गाजे बाजे के साथ निकाले गए। ग्राम भुचेरा स्थित बिहारी मंदिर से भगवान के विमान विहार के लिए तालाब पर पहुंचे। इसके बाद विमान गांव की परिक्रमा करते हुए देर रात मंदिर पर पहुंचे। इधर, ग्राम बनगुवा कलां स्थित बिहारी मंदिर से भगवान के विमान विहार के लिए बेतवा नदी पर पहुंचे। विमान हनुमान मंदिर बजरंगगढ होते हुए पूरे गांव में घूमते हुए रात में मंदिर पहुंचे। नीरज पटैरिया, जीतू पांडेय, सतीश राजपूत, हरेंद्र राजपूत, राजीव सहित ग्रामीणों का सक्रिय सहयोग रहा। संवाद