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भाषणों में देरी पर भड़क गईं एसडीएम

Sat, 03 Oct 2015 01:03 AM IST
ब्यूराे/अमर उजाला
ब्यूराे/अमर उजाला Updated Sat, 03 Oct 2015 01:03 AM IST
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महरौनी (ललितपुर)। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लालबहादुर शास्त्री जयंती पर भाषण देने में देरी होने से उपजिलाधिकारी भड़क गईं और उन्होंने आपा खोते हुए कर्मचारियों को भला-बुरा कह डाला। इससे कर्मचारी भी आक्रोशित हो गए और उन्होंने नारेबाजी शुरू कर दी। हालांकि, एसडीएम ने बाद में कर्मचारियों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन कर्मचारियों ने निंदा प्रस्ताव पारित कर दिया। इसके अलावा कर्मचारियों ने जिला मुख्यालय पहुंचकर एसडीएम के खिलाफ जिलाधिकारी को संबोधित ज्ञापन एडीएम को सौंपा।
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शुक्रवार को गांधी जी और शास्त्री जी की जयंती मनाने के लिए तहसील कर्मचारी तहसील परिसर में एकत्रित हुए। कार्यक्रम में सर्वप्रथम तहसीलदार सुशील दुबे और नायब तहसीलदार आनंद कुमार नायक ने दोनों महापुरुषों के चित्र पर माल्यार्पण किया और विचार व्यक्त किए। जब अगले वक्ता को बुलाया गया तो उन्होंने विचार व्यक्त कर पाने में असमर्थता जाहिर की। इस पर अगले वक्ता को बुलाया गया। लेकिन, वक्ता को मंच तक पहुंचने में थोड़ी देर हो गई, जिससे एसडीएम यशु रुस्तगी नाराज हो गईं और बीच में ही माइक अपने हाथों में लेकर कर्मचारियों को भला-बुरा कहने लगीं। कर्मचारियों का आरोप है कि एसडीएम ने कुछ अशोभनीय शब्दों का प्रयोग किया और कर्मचारियों को सार्वजनिक रूप से अपमानित किया। इसके बाद एसडीएम कार्यक्रम छोड़कर अपने चैंबर में चली गईं।
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कुछ देर बाद तहसीलदार ने उनके पास जाकर बात की और एसडीएम पुन: गोष्ठी में पहुंची। उन्होंने माइक लेकर कर्मचारियों को काफी देर तक डांटा। एसडीएम के इस रवैये से नाखुश लेखपाल संघ ने इसे कर्मचारियों का अपमान बताया और राष्ट्रीय पर्व का भी अपमान बताते हुए निंदा प्रस्ताव पारित किया। कर्मचारियों ने एसडीएम के विरुद्ध नारेबाजी करते हुए विरोध-प्रदर्शन किया। इसके बाद सभी लेखपाल व कर्मचारी जिला मुख्यालय गए और जिलाधिकारी की अनुपस्थिति में अपर जिलाधिकारी एम के त्रिवेदी को पूरे घटनाक्रम से अवगत कराते हुए ज्ञापन देकर कार्रवाई करने की मांग की। ज्ञापन पर लेखपाल संघ के अध्यक्ष जितेंद्र सिंह, अवधेश कुुमार, मदन लाल, संतोष साहू, राकेश कुमार, रामप्रसाद, श्यामबाबू, घनश्याम, मनोज श्रीवास्तव, संतोष कुमार आदि के हस्ताक्षर हैं। उधर, राष्ट्रीय पर्व पर तहसील परिसर में हुई इस घटना को लेकर दिन भर नगर में चर्चाओं का बाजार गर्म रहा।
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