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सुरक्षा किट को लेकर चिकित्सक व अधीक्षक में कहासुनी
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ललितपुर। जिला अस्पताल प्रबंधन चिकित्सकों की सुरक्षा को लेकर बेपरवाह बना हुआ है। यह बृहस्पतिवार को उस समय देखने को मिला जब आइसोलेशन वार्ड में ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक को पीपीई किट नहीं दी गई। इससे चिकित्सक और अधीक्षक के बीच किट की मांग को लेकर कहासुनी हो गई। बाद में उच्च अधिकारियों के हस्तक्षेप पर चिकित्सक को पीपीई सुरक्षा किट उपलब्ध कराई गई।
शासन ने आइसोलेशन वार्ड में संदिग्ध मरीजों की जांच, इलाज करने वाले चिकित्सकों और अन्य स्टाफ को संक्रमण से बचाव के लिए पीपीई किट उपलब्ध कराए जाने के निर्देश दिए हैं। इस किट में एप्रिन, चश्मा, जूते का कवर आदि की सुविधा है। इस वार्ड में तैनात चिकित्सकों को एन 95 मास्क भी देने के निर्देश हैं, ताकि चिकित्सक समेत स्टाफ को संक्रमित होने से बचाया जा सके। बृहस्पतिवार को जब एक चिकित्सक ने आइसोलेशन वार्ड में तैनात चिकित्सक व कार्यरत स्टाफ को पीपीई किट दिए जाने की मांग की, तो एक जिम्मेदार चिकित्सक नाराज हो गए। उन्होंने तेज आवाज में किट देने से मना कर दिया। इससे दोनों में कहासुनी हो गई। इस दौरान मरीजों को लगभग आधा घंटे तक उपचार नहीं मिल सका। मामले की सूचना उच्च अधिकारियों को हो गई। बाद में अस्पताल प्रबंधन ने पीपीई किट उपलब्ध कराई और व्यवस्थित तरीके से सफाई कराने का अश्वासन दिया। इस पर मामला शांत हो गया।
आइसोलेशन में ओपीडी के लिए मुझे तैनात किया गया है। पीपीई किट की मांग गई थी, लेकिन किट से मना करते हुए ओपीडी करने से मना कर दिया। इसको लेकर कहासुनी हो गई थी।
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- डॉ. डीके राज, सर्जन, जिला अस्पताल पुरुष
चिकित्सक से सुबह के समय कहासुनी हो गई थी, अब समझौता हो गया है। कोई भी मामला नहीं है।
- डॉ. एसके वासवानी, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, जिला अस्पताल पुरुष
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शासन ने आइसोलेशन वार्ड में संदिग्ध मरीजों की जांच, इलाज करने वाले चिकित्सकों और अन्य स्टाफ को संक्रमण से बचाव के लिए पीपीई किट उपलब्ध कराए जाने के निर्देश दिए हैं। इस किट में एप्रिन, चश्मा, जूते का कवर आदि की सुविधा है। इस वार्ड में तैनात चिकित्सकों को एन 95 मास्क भी देने के निर्देश हैं, ताकि चिकित्सक समेत स्टाफ को संक्रमित होने से बचाया जा सके। बृहस्पतिवार को जब एक चिकित्सक ने आइसोलेशन वार्ड में तैनात चिकित्सक व कार्यरत स्टाफ को पीपीई किट दिए जाने की मांग की, तो एक जिम्मेदार चिकित्सक नाराज हो गए। उन्होंने तेज आवाज में किट देने से मना कर दिया। इससे दोनों में कहासुनी हो गई। इस दौरान मरीजों को लगभग आधा घंटे तक उपचार नहीं मिल सका। मामले की सूचना उच्च अधिकारियों को हो गई। बाद में अस्पताल प्रबंधन ने पीपीई किट उपलब्ध कराई और व्यवस्थित तरीके से सफाई कराने का अश्वासन दिया। इस पर मामला शांत हो गया।
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आइसोलेशन में ओपीडी के लिए मुझे तैनात किया गया है। पीपीई किट की मांग गई थी, लेकिन किट से मना करते हुए ओपीडी करने से मना कर दिया। इसको लेकर कहासुनी हो गई थी।
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- डॉ. डीके राज, सर्जन, जिला अस्पताल पुरुष
चिकित्सक से सुबह के समय कहासुनी हो गई थी, अब समझौता हो गया है। कोई भी मामला नहीं है।
- डॉ. एसके वासवानी, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, जिला अस्पताल पुरुष