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Lalitpur News: बालाबेहट में सकारात्मक सर्वे से बांध बनाने की जगी उम्मीद
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फिजिबिलिटी सर्वे के लिए शासन से 60 लाख रुपये की मांग, डीपीआर बनाने की तैयारी में जुटा विभाग
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। बालाबेहट में सौंर नदी बांध परियोजना के लिए किए गए हाइड्रोग्राफिक सर्वे की रिपोर्ट आ गई है। यह रिपोर्ट सकारात्मक है। इससे बांध बनाने की उम्मीद जगी है। अब विभाग ने फिजिबिलिटी सर्वे के लिए शासन से 60 लाख रुपये की मांग की है। वहीं, विभाग ने यहां बांध बनाने के लिए डीपीआर बनाने की तैयारी शुरू कर दी है।
बालाबेहट क्षेत्र सबसे पिछड़े इलाकों में शुमार किया जाता है। पहाड़ी क्षेत्र पर बसा होने के कारण यहां पानी की समस्या रहती है। यहां के लोगों को पेयजल और सिंचाई के लिए पानी की व्यवस्था के लिए सिंचाई विभाग ने बांध परियोजना पर काम शुरू किया है। विभाग ने सौंर नदी पर करीब 8-10 एमसीएम पानी भंडारण क्षमता का बांध बनाने की योजना बनाई थी। सिंचाई विभाग के आलाधिकारियों ने 2023 में बालाबेहट का निरीक्षण कर यहां बांध बनाने की संभावनाएं तलाशी थीं।
जमीन की गुणवत्ता के लिए जियोलॉजिकल विभाग के भू वैज्ञानिकों की टीम ने भी यहां आकर सर्वे और नापजोख सहित मिट्टी व पत्थर के नमूने लिए गए थे। जियोलॉजिकल सर्वे सफल रहने के बाद यहां पानी की उपलब्धता जानने के लिए वर्ष 2024 में सिंचाई विभाग ने आईआईटी रुड़की से हाइड्रोग्राफिक सर्वे कराया था। इसकी रिपोर्ट हाल ही में सकारात्मक आई है। इसके बाद सिंचाई विभाग डीपीआर बनाने की कवायद में जुट गया है।
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वहीं, फिजिबिलिटी सर्वे के लिए सिंचाई विभाग ने शासन से 60 लाख रुपये की मांग की है। धनराशि स्वीकृत होने के बाद आगे की प्रक्रिया की जाएगी। बालाबेहट क्षेत्र में बांध परियोजना निर्मित होने से इस क्षेत्र के 12 से अधिक गांव के लोगों को पेयजल के साथ-साथ सिंचाई के लिए भी पानी मिलने लगेगा।
वर्जन
सौंर नदी पर प्रस्तावित बांध करीब आठ से दस एमसीएम पानी भरने की क्षमता का बताया जा रहा है। बांध को करीब दो से तीन सौ हेक्टेयर में बनाए जाने की योजना पर सिंचाई विभाग काम कर रहा है। फिजिबिलिटी सर्वे की स्वीकृति मिलने के बाद आगे की प्रक्रिया की जाएगी। - सीपी सिंह, अधिशासी अभियंता, सिंचाई निर्माण खंड द्वितीय
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। बालाबेहट में सौंर नदी बांध परियोजना के लिए किए गए हाइड्रोग्राफिक सर्वे की रिपोर्ट आ गई है। यह रिपोर्ट सकारात्मक है। इससे बांध बनाने की उम्मीद जगी है। अब विभाग ने फिजिबिलिटी सर्वे के लिए शासन से 60 लाख रुपये की मांग की है। वहीं, विभाग ने यहां बांध बनाने के लिए डीपीआर बनाने की तैयारी शुरू कर दी है।
बालाबेहट क्षेत्र सबसे पिछड़े इलाकों में शुमार किया जाता है। पहाड़ी क्षेत्र पर बसा होने के कारण यहां पानी की समस्या रहती है। यहां के लोगों को पेयजल और सिंचाई के लिए पानी की व्यवस्था के लिए सिंचाई विभाग ने बांध परियोजना पर काम शुरू किया है। विभाग ने सौंर नदी पर करीब 8-10 एमसीएम पानी भंडारण क्षमता का बांध बनाने की योजना बनाई थी। सिंचाई विभाग के आलाधिकारियों ने 2023 में बालाबेहट का निरीक्षण कर यहां बांध बनाने की संभावनाएं तलाशी थीं।
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जमीन की गुणवत्ता के लिए जियोलॉजिकल विभाग के भू वैज्ञानिकों की टीम ने भी यहां आकर सर्वे और नापजोख सहित मिट्टी व पत्थर के नमूने लिए गए थे। जियोलॉजिकल सर्वे सफल रहने के बाद यहां पानी की उपलब्धता जानने के लिए वर्ष 2024 में सिंचाई विभाग ने आईआईटी रुड़की से हाइड्रोग्राफिक सर्वे कराया था। इसकी रिपोर्ट हाल ही में सकारात्मक आई है। इसके बाद सिंचाई विभाग डीपीआर बनाने की कवायद में जुट गया है।
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वहीं, फिजिबिलिटी सर्वे के लिए सिंचाई विभाग ने शासन से 60 लाख रुपये की मांग की है। धनराशि स्वीकृत होने के बाद आगे की प्रक्रिया की जाएगी। बालाबेहट क्षेत्र में बांध परियोजना निर्मित होने से इस क्षेत्र के 12 से अधिक गांव के लोगों को पेयजल के साथ-साथ सिंचाई के लिए भी पानी मिलने लगेगा।
वर्जन
सौंर नदी पर प्रस्तावित बांध करीब आठ से दस एमसीएम पानी भरने की क्षमता का बताया जा रहा है। बांध को करीब दो से तीन सौ हेक्टेयर में बनाए जाने की योजना पर सिंचाई विभाग काम कर रहा है। फिजिबिलिटी सर्वे की स्वीकृति मिलने के बाद आगे की प्रक्रिया की जाएगी। - सीपी सिंह, अधिशासी अभियंता, सिंचाई निर्माण खंड द्वितीय