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Lalitpur News: पर्यूषण पर्व प्रदर्शन का नहीं आत्म दर्शन का पर्व-मानी
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तालबेहट। सिद्ध क्षेत्र पावागिरि सहित नगर के दोनों जैन मंदिरों में दशलक्षण महापर्व मनाया जा रहा है। रविवार को पारसनाथ दिगंबर जैन मंदिर में संतोष जैन शास्त्री और वासुपूज्य दिगंबर जैन मंदिर में मानी दीदी के निर्देशन में अभिषेक-शांतिधारा संपन्न हुई।
पारसनाथ स्वामी की विशेष पूजन अर्चना की गई। श्रेष्ठजनों ने आचार्य श्री के चित्र का अनावरण किया। संतोष शास्त्री ने कहा कि पर्यूषण पर्व का पांचवां दिन उत्तम सत्य का होता है। सत्य और अहिंसा धर्म का मूल हैं। मानी दीदी ने बताया कि पर्यूषण पर्व प्रदर्शन का नहीं, आत्म दर्शन का पर्व है। उन्होंने लालच, तुलना, शिकायत और अपेक्षा से बचने की सलाह दी। रात में सांस्कृतिक कार्यक्रम हुए। फैंसी ड्रेस में दैविक प्रथम, आशवी द्वितीय और आही तृतीय स्थान पर रहे। भजन में प्रगति और पर्व प्रथम, यश द्वितीय और मिष्ठी तृतीय रहे।
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पारसनाथ स्वामी की विशेष पूजन अर्चना की गई। श्रेष्ठजनों ने आचार्य श्री के चित्र का अनावरण किया। संतोष शास्त्री ने कहा कि पर्यूषण पर्व का पांचवां दिन उत्तम सत्य का होता है। सत्य और अहिंसा धर्म का मूल हैं। मानी दीदी ने बताया कि पर्यूषण पर्व प्रदर्शन का नहीं, आत्म दर्शन का पर्व है। उन्होंने लालच, तुलना, शिकायत और अपेक्षा से बचने की सलाह दी। रात में सांस्कृतिक कार्यक्रम हुए। फैंसी ड्रेस में दैविक प्रथम, आशवी द्वितीय और आही तृतीय स्थान पर रहे। भजन में प्रगति और पर्व प्रथम, यश द्वितीय और मिष्ठी तृतीय रहे।
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