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Lalitpur News: देवगढ़ की कला, संस्कृति और वन्यजीवों को कैमरे में उतारा
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ललितपुर। बुंदेलखंड के ललितपुर स्थित ऐतिहासिक देवगढ़ की कला, शिल्पकारी और वन्यजीवों पर आधारित डॉक्यूमेंट्री फिल्म ‘देवगढ़ : शिल्पकारी एवं वन्यजीव’ यूट्यूब पर रिलीज हो गई है। राम बुंदेला ने इसका निर्देशन किया है। डॉक्यूमेंट्री में देवगढ़ की ऐतिहासिक विरासत के साथ यहां की प्राकृतिक संपदा और वन्य जीवों को भी करीब से दिखाया गया है।
डॉक्यूमेंट्री फिल्म मुरारी लाल जैन के शोध पर आधारित है। इसका लेखन फिल्म अभिनेता आरिफ शहडोली ने किया है, जबकि छायांकन विनीत सिंह ने किया है। फिल्म में देवगढ़ की बारीक से बारीक छवियों को कैमरे में कैद किया गया है।
दुर्गम स्थानों पर जाकर की शूटिंग
निर्देशक राम बुंदेला अपने कैमरामैन के साथ देवगढ़ के ऐसे दुर्गम स्थानों तक पहुंचे, जहां सामान्य तौर पर पहुंचना आसान नहीं है। शूटिंग के दौरान वन्य जीवों को कैमरे में कैद करने के कई रोमांचक अनुभव भी हुए।
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बुंदेला बताते हैं कि एक बार टीम मगरमच्छ की शूटिंग कर रही थी। मगरमच्छ धूप सेंकने के लिए पानी के किनारे आया था। अचानक उसने पानी में छलांग लगा दी। इससे नाव के साथ कैमरा भी हिल गया और कुछ क्षण के लिए शूटिंग टीम की सांसें थम गईं।
बौद्ध, जैन और सनातन संस्कृति का संगम
देवगढ़ बौद्ध, जैन और सनातन संस्कृति की समृद्ध विरासत को समेटे हुए है। यहां गुप्तकाल में निर्मित दशावतार मंदिर ऐतिहासिक और स्थापत्य की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। इसकी कला और स्थापत्य को देखने के लिए देश-विदेश से पर्यटक देवगढ़ पहुंचते हैं।
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डॉक्यूमेंट्री फिल्म मुरारी लाल जैन के शोध पर आधारित है। इसका लेखन फिल्म अभिनेता आरिफ शहडोली ने किया है, जबकि छायांकन विनीत सिंह ने किया है। फिल्म में देवगढ़ की बारीक से बारीक छवियों को कैमरे में कैद किया गया है।
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दुर्गम स्थानों पर जाकर की शूटिंग
निर्देशक राम बुंदेला अपने कैमरामैन के साथ देवगढ़ के ऐसे दुर्गम स्थानों तक पहुंचे, जहां सामान्य तौर पर पहुंचना आसान नहीं है। शूटिंग के दौरान वन्य जीवों को कैमरे में कैद करने के कई रोमांचक अनुभव भी हुए।
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बुंदेला बताते हैं कि एक बार टीम मगरमच्छ की शूटिंग कर रही थी। मगरमच्छ धूप सेंकने के लिए पानी के किनारे आया था। अचानक उसने पानी में छलांग लगा दी। इससे नाव के साथ कैमरा भी हिल गया और कुछ क्षण के लिए शूटिंग टीम की सांसें थम गईं।
बौद्ध, जैन और सनातन संस्कृति का संगम
देवगढ़ बौद्ध, जैन और सनातन संस्कृति की समृद्ध विरासत को समेटे हुए है। यहां गुप्तकाल में निर्मित दशावतार मंदिर ऐतिहासिक और स्थापत्य की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। इसकी कला और स्थापत्य को देखने के लिए देश-विदेश से पर्यटक देवगढ़ पहुंचते हैं।