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जर्जर तार, मेंटीनेंस नहीं कैसे मिले निर्बाध बिजली
lalitpur
Updated Sun, 21 May 2017 12:56 AM IST
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प्रशासन
- फोटो : demo pic
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बिजली विभाग द्वारा हाइटेंशन तारों के मेंटीनेंस और पेड़ों की छटाई नहीं करने से शहर को निर्बाध बिजली आपूर्ति में बाधा हो रही है। मेंटिनेंस के अभाव में हर माह दर्जनों ट्रांसफार्मर भी फुंक जा रहे हैं, जो आम उपभोक्ताओं के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है।
नगर क्षेत्र में बिजली विभाग द्वारा फीडर नंबर एक, दो, तीन, चार, पांच, नेहरू नगर, पिसनारी, गोविंदनगर, तालाबपुरा, घंटाघर समेत दस फीडरों के माध्यम से करीब 26 हजार विभिन्न विधा के उपभोक्ताओं को बिजली आपूर्ति की जा रही है। इसके लिए विभाग द्वारा नगर के मुहल्लों में बिजली आपूर्ति के लिए विभिन्न क्षमता के 295 ट्रांसफार्मर स्थापित किए गए हैं। जबकि करीब 105 किलोमीटर हाइटेंशन और लोटेंशन बिजली लाइन बिछाई गई है। प्रदेश शासन द्वारा शहरी क्षेत्र को 24 घंटे बिजली आपूर्ति के आदेश दिए हैं। लेकिन शहर में कई स्थानों पर जर्जर हो चुकी हाइटेंशन व लोटेंशन लाइनों का महीनों से मेंटीनेंस नहीं हुआ है। जंपर नहीं बदले गए हैं। मुहल्लों व मुख्य सड़कों पर रखे दर्जनों सही स्थिति में रखे ट्रांसफार्मरों का ऑयल नहीं बदला गया है और न ही इनका मेंटीनेंस ही किया जा रहा है। बारिश व आंधी से बचाव के लिए मेंटीनेंस भी अब तक शुरू नहीं किया गया है। इससे आए दिन तेज हवा चलने के कारण तार टूटने के दौरान घंटों बिजली आपूर्ति ठप बनी रहती है। लेकिन बिजली विभाग है कि समय से पहले नींद से जागता ही नहीं। इसका खामियाजा आखिरकार शहर के उपभोक्ताओं को ही भुगतना पड़ रहा है।
स्टीमेट तक सीमित हाइटेंशन तारों की गार्डिंग
ललितपुर। शहर में हाइटेंशन बिजली लाइनों के नीचे कई स्थानों पर आम लोगों की सुरक्षा के लिहाज से लगाई जाने वाली गार्डिंग भी वर्षों से टूटी पड़ी हैं। विभाग द्वारा गार्डिंग बदलने के लिए कई बार स्टीमेट भी बनाया गया और स्टीमेट आला अधिकारियों को पास कराने के लिए चीफ ऑफिस भी भेजा गया, लेकिन उक्त स्थानों पर हाइटेंशन गार्डिंग बदलने का कार्य अब तक नहीं हो सका है। जबकि शहरी क्षेत्र में ही हाइटेंशन तार गिरने से कई लोगों की मौत भी हो चुकी है।
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शहर में बारिश से पूर्व टीमें बनाकर तारों व ट्रांसफार्मर के मेंटीनेंस का कार्य किया जाएगा। पेड़ों की कटिंग के लिए कर्मचारियों को निर्देशित किया गया है। हाइटेंशन तारों की गार्डिंग बजट के अभाव में पूरी नहीं हो सकी है। इसका स्टीमेट के लिए फिर से रिमाइंडर चीफ ऑफिस भेजा जाएगा।
अखिलेश कुमार वर्मा, एसडीओ प्रथम।
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नगर क्षेत्र में बिजली विभाग द्वारा फीडर नंबर एक, दो, तीन, चार, पांच, नेहरू नगर, पिसनारी, गोविंदनगर, तालाबपुरा, घंटाघर समेत दस फीडरों के माध्यम से करीब 26 हजार विभिन्न विधा के उपभोक्ताओं को बिजली आपूर्ति की जा रही है। इसके लिए विभाग द्वारा नगर के मुहल्लों में बिजली आपूर्ति के लिए विभिन्न क्षमता के 295 ट्रांसफार्मर स्थापित किए गए हैं। जबकि करीब 105 किलोमीटर हाइटेंशन और लोटेंशन बिजली लाइन बिछाई गई है। प्रदेश शासन द्वारा शहरी क्षेत्र को 24 घंटे बिजली आपूर्ति के आदेश दिए हैं। लेकिन शहर में कई स्थानों पर जर्जर हो चुकी हाइटेंशन व लोटेंशन लाइनों का महीनों से मेंटीनेंस नहीं हुआ है। जंपर नहीं बदले गए हैं। मुहल्लों व मुख्य सड़कों पर रखे दर्जनों सही स्थिति में रखे ट्रांसफार्मरों का ऑयल नहीं बदला गया है और न ही इनका मेंटीनेंस ही किया जा रहा है। बारिश व आंधी से बचाव के लिए मेंटीनेंस भी अब तक शुरू नहीं किया गया है। इससे आए दिन तेज हवा चलने के कारण तार टूटने के दौरान घंटों बिजली आपूर्ति ठप बनी रहती है। लेकिन बिजली विभाग है कि समय से पहले नींद से जागता ही नहीं। इसका खामियाजा आखिरकार शहर के उपभोक्ताओं को ही भुगतना पड़ रहा है।
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स्टीमेट तक सीमित हाइटेंशन तारों की गार्डिंग
ललितपुर। शहर में हाइटेंशन बिजली लाइनों के नीचे कई स्थानों पर आम लोगों की सुरक्षा के लिहाज से लगाई जाने वाली गार्डिंग भी वर्षों से टूटी पड़ी हैं। विभाग द्वारा गार्डिंग बदलने के लिए कई बार स्टीमेट भी बनाया गया और स्टीमेट आला अधिकारियों को पास कराने के लिए चीफ ऑफिस भी भेजा गया, लेकिन उक्त स्थानों पर हाइटेंशन गार्डिंग बदलने का कार्य अब तक नहीं हो सका है। जबकि शहरी क्षेत्र में ही हाइटेंशन तार गिरने से कई लोगों की मौत भी हो चुकी है।
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शहर में बारिश से पूर्व टीमें बनाकर तारों व ट्रांसफार्मर के मेंटीनेंस का कार्य किया जाएगा। पेड़ों की कटिंग के लिए कर्मचारियों को निर्देशित किया गया है। हाइटेंशन तारों की गार्डिंग बजट के अभाव में पूरी नहीं हो सकी है। इसका स्टीमेट के लिए फिर से रिमाइंडर चीफ ऑफिस भेजा जाएगा।
अखिलेश कुमार वर्मा, एसडीओ प्रथम।