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Lalitpur: ट्रेन की चपेट में आने से तेंदुए की मौत, रातभर दर्द से तड़पता रहा, सुबह पहुंची वन विभाग की टीम

Wed, 11 Mar 2026 12:06 PM IST
दीपक महाजन संवाद न्यूज एजेंसी, ललितपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, ललितपुर Published by: दीपक महाजन Updated Wed, 11 Mar 2026 12:06 PM IST
सार

घायल तेंदुआ रातभर दर्द से तड़पता और दहाड़ता रहा। अगर बेहोश करने के संसाधन यहां मौजूद होते, तो उसकी जान बच सकती थी। जनपद में एक वर्ष के अंदर विभिन्न हादसों में पांच तेंदुओं की मौत हो चुकी है।

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Lalitpur: Leopard injured after being hit by a train, died during treatment
घायल तेंदुए के पास खड़ी वन विभाग टीम व स्थानीय लोग। - फोटो : संवाद

विस्तार

जखौरा रेलवे स्टेशन के पास मंगलवार देर रात ट्रेन की चपेट में आने से तेंदुए की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि रेलवे लाइन पार करते समय वह किसी ट्रेन से टकरा गया था, जिससे उसके पिछले हिस्से में गंभीर चोटें आईं। घायल तेंदुआ रातभर दर्द से तड़पता और दहाड़ता रहा। अगर बेहोश करने के संसाधन यहां मौजूद होते, तो उसकी जान बच सकती थी। जनपद में एक वर्ष के अंदर विभिन्न हादसों में पांच तेंदुओं की मौत हो चुकी है। कुछ साल पहले धाैर्रा स्टेशन के पास भी एक तेंदुए की माैत हुई थी।
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बुधवार सुबह जब आसपास के लोगों की नजर उस पर पड़ी तो उन्होंने वन विभाग को सूचना दी। सूचना मिलते ही वन विभाग और जखौरा थाना पुलिस की टीम मौके पर पहुंच गई। वन विभाग की टीम ने जाल की मदद से घायल तेंदुए को काबू में किया और पशु चिकित्सकों के साथ मिलकर उसका उपचार शुरू कराया, लेकिन गंभीर चोटों के कारण उसकी जान नहीं बचाई जा सकी। उसे जखौरा पशु चिकित्सालय ले जाया गया, जहां चिकित्सकों के पैनल ने उसका पोस्टमार्टम किया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार तेंदुए के पिछले हिस्से में गंभीर आंतरिक चोटें थीं और टक्कर के कारण शरीर में खून भी जम गया था।

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संसाधनों के अभाव में नहीं बच सकी जान
जिले में जंगली जानवरों के इलाज के लिए पर्याप्त संसाधन और विशेषज्ञों की कमी सामने आई है। तेंदुए को बेहोश करने के लिए जरूरी उपकरण और विशेषज्ञ उपलब्ध नहीं थे। घायल तेंदुआ काफी देर तक दर्द से दहाड़ता रहा, जिससे उसकी आक्रामक स्थिति को देखते हुए कोई भी उसके पास नहीं जा सका। बाद में जब वह थोड़ा शांत हुआ तो जाल के जरिए उसे पकड़कर उपचार शुरू किया गया, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय रहते उसे बेहोश कर इलाज किया जाता तो संभवतः उसकी जान बचाई जा सकती थी।
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एक साल में पांचवें तेंदुए की मौत

11 मार्च 2026 - जखौरा रेलवे स्टेशन के पास ट्रेन की चपेट में आने से माैत
2 मार्च 2026 – गौना रेंज के रिछा महोली वन क्षेत्र में शिकारी के फंदे में फंसकर मौत
जुलाई 2025 – अमझरा घाटी के पास मध्य प्रदेश सीमा में सड़क हादसे में मौत
सितंबर 2025– गौना रेंज के नेशनल हाईवे पर सड़क दुर्घटना में मौत
नवंबर 2025– गौना रेंज में ही सड़क हादसे में तेंदुए की मौत

 

 यह बोले अधिकारी

जनपद में वन्यजीव संरक्षण के कारण जंगली जानवरों की संख्या बढ़ी है। तेंदुए और भालू अधिक संख्या में हैं। जखौरा रेंज में रेलवे पटरी पार करते समय तेंदुआ ट्रेन की चपेट में आ गया, जिससे उसकी मौत हो गई। पोस्टमार्टम पैनल के माध्यम से कराया गया है और नियमानुसार अंतिम संस्कार किया जाएगा – नवीन कुमार शाक्य, प्रभागीय निदेशक, सामाजिक वानिकी



मौके का वीडियो...


 
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