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Lalitpur News: एनाटॉमी विभाग में आचार्यों की कमी, पढ़ाई हो रही प्रभावित
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। मेडिकल कॉलेज के एनाटॉमी विभाग में प्रोफेसरों की कमी है। मात्र एक सीनियर रेजीडेंट से काम चलाया जा रहा है। इससे एमबीबीएस की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। हालांकि, समस्या से निपटने के लिए मेडिकल कॉलेज प्रशासन प्रोफेसरों की नियुक्ति में जुटा है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही प्रोफेसरों की कमी पूरी हो जाएगी।
सत्र 2024-25 में एमबीबीएस प्रथम वर्ष में 100 छात्र हैं। इन्हें एनाटॉमी, फिजियोलॉजी और बायो-केमिस्ट्री पढ़ाई जाती है। दो विभाग में दो-दो आचार्य हैं, लेकिन एनाटॉमी में आचार्यों की कमी बनी हुई है। पहले एनाटॉमी में दो प्रोफेसर तैनात थे, एक प्रोफेसर ने इस्तीफा दे दिया है। दूसरे प्रोफेसर ने अब तक ज्वाइन नहीं किया। इससे अब एक भी प्रोफेसर नहीं हैं। वर्तमान में एक सीनियर रेजीडेंट बच्चों को पढ़ा रहे हैं।
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मेडिकल कॉलेज में प्रोफेसरों की कमी पूरी करने के लिए निरंतर भर्ती की जा रही है। जल्द ही प्रोफेसर मिलने की संभावना है।
- डॉ. डीनाथ, प्रधानाचार्य, मेडिकल कॉलेज
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ललितपुर। मेडिकल कॉलेज के एनाटॉमी विभाग में प्रोफेसरों की कमी है। मात्र एक सीनियर रेजीडेंट से काम चलाया जा रहा है। इससे एमबीबीएस की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। हालांकि, समस्या से निपटने के लिए मेडिकल कॉलेज प्रशासन प्रोफेसरों की नियुक्ति में जुटा है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही प्रोफेसरों की कमी पूरी हो जाएगी।
सत्र 2024-25 में एमबीबीएस प्रथम वर्ष में 100 छात्र हैं। इन्हें एनाटॉमी, फिजियोलॉजी और बायो-केमिस्ट्री पढ़ाई जाती है। दो विभाग में दो-दो आचार्य हैं, लेकिन एनाटॉमी में आचार्यों की कमी बनी हुई है। पहले एनाटॉमी में दो प्रोफेसर तैनात थे, एक प्रोफेसर ने इस्तीफा दे दिया है। दूसरे प्रोफेसर ने अब तक ज्वाइन नहीं किया। इससे अब एक भी प्रोफेसर नहीं हैं। वर्तमान में एक सीनियर रेजीडेंट बच्चों को पढ़ा रहे हैं।
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मेडिकल कॉलेज में प्रोफेसरों की कमी पूरी करने के लिए निरंतर भर्ती की जा रही है। जल्द ही प्रोफेसर मिलने की संभावना है।
- डॉ. डीनाथ, प्रधानाचार्य, मेडिकल कॉलेज