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गैर इरादतन हत्या में चार को आजीवन कारावास की सजा
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ललितपुर। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (न्यू कोर्ट) अनुपम गोयल की अदालत ने तीन सगे भाइयों समेत चार आरोपियों को गैर इरादतन हत्या का दोषी पाते हुए सभी को आजीवन कारावास एवं एक-एक लाख रुपये अर्थदंड भी लगाया है।
जिला शासकीय अधिवक्ता राजेश दुबे के अनुसार ग्राम मऊमाफी निवासी सरजू प्रसाद तिवारी पुत्र कल्लू ने कोतवाली पुलिस को तहरीर देकर बताया था कि बारह वर्ष पूर्व 17 जून 2009 को शाम साढ़े सात बजे गांव मऊमाफी में कोमल लुहार के घर के सामने गांव के विक्रम सिंह, जंडैल सिंह, मोरू राजा पुत्रगण शंकर सिंह एवं मोनू राजा पुत्र नत्थू सिंह ने उसके भाई रामरतन तिवारी व भतीजे राजेश को गाली- गलौज करते हुए कहा कि उन्होंने उसके मटके तोड़ दिए हैं। भाई व भतीजे ने गालियां देने से मना किया और मटके नहीं तोड़ने की बात कही। इस पर सभी ने एक राय होकर लात- घूसों व लाठियों से मारपीट कर दी, जिससे दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। चिल्लाने पर गांव के लोगों ने बीच- बचाव किया। वह अपने भाई रामरतन को उपचार के लिए जिला अस्पताल ले गया, जहां चिकित्सक ने भाई को मृत घोषित कर दिया।
उक्त मामले में पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या, गाली- गलौज व मारपीट की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत कर दिए थे। तब से यह मामला न्यायालय में विचाराधीन चल रहा था। मंगलवार को न्यायाधीश ने अभियोजन पक्ष की ओर की पेश की गई दलीलों, साक्ष्यों व गवाहों के आधार पर सुनवाई करते हुए सभी आरोपियों विक्रम सिंह, जंडैल सिंह, मोरू राजा व मोनू राजा को गैर इरादतन हत्या का दोषी पाते हुए आजीवन कारावास एवं एक-एक लाख रुपये अर्थदंड लगाया। न्यायालय ने अर्थदंड की राशि वसूल होने पर पीड़ित परिवार को आधी राशि देने के आदेश दिए हैं।
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जिला शासकीय अधिवक्ता राजेश दुबे के अनुसार ग्राम मऊमाफी निवासी सरजू प्रसाद तिवारी पुत्र कल्लू ने कोतवाली पुलिस को तहरीर देकर बताया था कि बारह वर्ष पूर्व 17 जून 2009 को शाम साढ़े सात बजे गांव मऊमाफी में कोमल लुहार के घर के सामने गांव के विक्रम सिंह, जंडैल सिंह, मोरू राजा पुत्रगण शंकर सिंह एवं मोनू राजा पुत्र नत्थू सिंह ने उसके भाई रामरतन तिवारी व भतीजे राजेश को गाली- गलौज करते हुए कहा कि उन्होंने उसके मटके तोड़ दिए हैं। भाई व भतीजे ने गालियां देने से मना किया और मटके नहीं तोड़ने की बात कही। इस पर सभी ने एक राय होकर लात- घूसों व लाठियों से मारपीट कर दी, जिससे दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। चिल्लाने पर गांव के लोगों ने बीच- बचाव किया। वह अपने भाई रामरतन को उपचार के लिए जिला अस्पताल ले गया, जहां चिकित्सक ने भाई को मृत घोषित कर दिया।
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उक्त मामले में पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या, गाली- गलौज व मारपीट की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत कर दिए थे। तब से यह मामला न्यायालय में विचाराधीन चल रहा था। मंगलवार को न्यायाधीश ने अभियोजन पक्ष की ओर की पेश की गई दलीलों, साक्ष्यों व गवाहों के आधार पर सुनवाई करते हुए सभी आरोपियों विक्रम सिंह, जंडैल सिंह, मोरू राजा व मोनू राजा को गैर इरादतन हत्या का दोषी पाते हुए आजीवन कारावास एवं एक-एक लाख रुपये अर्थदंड लगाया। न्यायालय ने अर्थदंड की राशि वसूल होने पर पीड़ित परिवार को आधी राशि देने के आदेश दिए हैं।
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