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लूटकांड के आरोपी को साढ़े तीन वर्ष की कैद
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 31 Mar 2016 12:28 AM IST
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court, lalitpur news
- फोटो : demopic
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ललितपुर। चार वर्ष पूर्व गल्ला व्यापारी के साथ हुई लूट और पुलिस मुठभेड़ में पकड़े गए अभियुक्त को अपर सत्र न्यायाधीश हरीश कुमार यादव ने तीन वर्ष 11 माह की सजा सुनाई। पांच हजार रुपये अर्थदंड लगाया गया।
चार वर्ष पूर्व 30 अप्रैल 2012 को मुहल्ला मऊठाना निवासी गल्ला व्यापारी विमल चंद जैन ने कोतवाली में तहरीर देकर बताया था कि वह पंजाब नेशनल बैंक से रुपये निकालकर तुवन चौराहा पर पहुंचा था कि दो बदमाश काले रंग की डिस्कवर गाड़ी से आए और उसके तमंचा अड़ा दिया था। इसी दौरान काली पल्सर से दो अन्य बदमाशों ने भी उस पर तमंचा तान दिया और 3.10 लाख रुपये लूट लिए।
जानकारी पर तत्कालीन एसओजी प्रभारी सुनीत कुमार और तत्कालीन थाना प्रभारी बलजीत सिंह ने फोर्स के साथ पल्सर सवार झांसी के सीपरी बाजार थाना अंतर्गत ग्राम भोजला
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निवासी बृजेंद्र यादव और थाना रक्सा के ग्राम अठोंदना निवासी विनोद पाल को मन्नू पेट्रोलपंप पर घेर लिया। जबकि डिस्कवर सवार दो बदमाश भाग निकले। इसके बाद पुलिस और बदमाशों में मुठभेड़ हुई। इसी दौरान बृजेंद्र ने खुद के ऊपर तमंचा अड़ाकर मरने की धमकी दी, पुलिस व मौजूद लोगों ने उसे समझाने का प्रयास किया। इसी बीच चकमा देकर पुलिस कर्मी गंगाराम ने उसे काबू कर लिया था।
पुलिस ने तत्कालीन एसओजी प्रभारी सुनीत कुमार और गल्ला व्यापारी विमल चंद जैन की तहरीर के आधार पर पकड़े गए दोनों आरोपियों व चार लुटेरों के खिलाफ लूट, हत्या का प्रयास और अवैध रूप से हथियार रखने की विभिन्न धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कर लिया था। वहीं, फरार झांसी के थाना मोंठ अंतर्गत ग्राम बुढ़ावली निवासी सुनील यादव उर्फ जिप्सी और प्रेमनगर थाना अंतर्गत नगरा निवासी शंकर अहिरवार को पुलिस ने बाद में गिरफ्तार कर लिया था।
पुलिस ने उक्त मामले मेें न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत किए। तब से यह मामला विचाराधीन चल रहा था। उक्त मामले में अभियुक्त विनोद पाल द्वारा सहअभियुक्तगण से पत्रावली प्रथक कर निर्णीत करने को प्रार्थना पत्र दिया गया। जिस पर न्यायालय ने पत्रावली अलग कर साक्ष्य के आधार पर मंगलवार को विनोद पाल को लूूट, हत्या का प्रयास और अवैध हथियार रखने के आरोप में सजा का निर्णय सुनाया। मामले की पैरवी अपर जिला शासकीय अधिवक्ता खुशीलाल लोधी ने की।
डबरा जेल से फरार साथी के साथ करता था लूट
ललितपुर। पुलिस द्वारा पूछताछ के दौरान अभियुक्त बृजेंद्र यादव ने स्वीकारा था कि वह 9 नवंबर वर्ष 2011 को डबरा जेल से फरार हुआ था और विनोद, सुनील एवं शंकर के साथ लूट करता था। 15 मार्च 2012 को
उसने शहर के रेलवे स्टेशन स्थित जैन मंदिर से लौट रही महिलाओं के मंगलसूत्र, सोने की जंजीर आदि आभूषण लूट करने का प्रयास किया था। जबकि, इससे पूर्व भी वह जनपद में अन्य लूट की वारदातों की अंजाम दे चुके थे।
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चार वर्ष पूर्व 30 अप्रैल 2012 को मुहल्ला मऊठाना निवासी गल्ला व्यापारी विमल चंद जैन ने कोतवाली में तहरीर देकर बताया था कि वह पंजाब नेशनल बैंक से रुपये निकालकर तुवन चौराहा पर पहुंचा था कि दो बदमाश काले रंग की डिस्कवर गाड़ी से आए और उसके तमंचा अड़ा दिया था। इसी दौरान काली पल्सर से दो अन्य बदमाशों ने भी उस पर तमंचा तान दिया और 3.10 लाख रुपये लूट लिए।
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जानकारी पर तत्कालीन एसओजी प्रभारी सुनीत कुमार और तत्कालीन थाना प्रभारी बलजीत सिंह ने फोर्स के साथ पल्सर सवार झांसी के सीपरी बाजार थाना अंतर्गत ग्राम भोजला
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निवासी बृजेंद्र यादव और थाना रक्सा के ग्राम अठोंदना निवासी विनोद पाल को मन्नू पेट्रोलपंप पर घेर लिया। जबकि डिस्कवर सवार दो बदमाश भाग निकले। इसके बाद पुलिस और बदमाशों में मुठभेड़ हुई। इसी दौरान बृजेंद्र ने खुद के ऊपर तमंचा अड़ाकर मरने की धमकी दी, पुलिस व मौजूद लोगों ने उसे समझाने का प्रयास किया। इसी बीच चकमा देकर पुलिस कर्मी गंगाराम ने उसे काबू कर लिया था।
पुलिस ने तत्कालीन एसओजी प्रभारी सुनीत कुमार और गल्ला व्यापारी विमल चंद जैन की तहरीर के आधार पर पकड़े गए दोनों आरोपियों व चार लुटेरों के खिलाफ लूट, हत्या का प्रयास और अवैध रूप से हथियार रखने की विभिन्न धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कर लिया था। वहीं, फरार झांसी के थाना मोंठ अंतर्गत ग्राम बुढ़ावली निवासी सुनील यादव उर्फ जिप्सी और प्रेमनगर थाना अंतर्गत नगरा निवासी शंकर अहिरवार को पुलिस ने बाद में गिरफ्तार कर लिया था।
पुलिस ने उक्त मामले मेें न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत किए। तब से यह मामला विचाराधीन चल रहा था। उक्त मामले में अभियुक्त विनोद पाल द्वारा सहअभियुक्तगण से पत्रावली प्रथक कर निर्णीत करने को प्रार्थना पत्र दिया गया। जिस पर न्यायालय ने पत्रावली अलग कर साक्ष्य के आधार पर मंगलवार को विनोद पाल को लूूट, हत्या का प्रयास और अवैध हथियार रखने के आरोप में सजा का निर्णय सुनाया। मामले की पैरवी अपर जिला शासकीय अधिवक्ता खुशीलाल लोधी ने की।
डबरा जेल से फरार साथी के साथ करता था लूट
ललितपुर। पुलिस द्वारा पूछताछ के दौरान अभियुक्त बृजेंद्र यादव ने स्वीकारा था कि वह 9 नवंबर वर्ष 2011 को डबरा जेल से फरार हुआ था और विनोद, सुनील एवं शंकर के साथ लूट करता था। 15 मार्च 2012 को
उसने शहर के रेलवे स्टेशन स्थित जैन मंदिर से लौट रही महिलाओं के मंगलसूत्र, सोने की जंजीर आदि आभूषण लूट करने का प्रयास किया था। जबकि, इससे पूर्व भी वह जनपद में अन्य लूट की वारदातों की अंजाम दे चुके थे।