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मकान व मंदिर के स्थान पर दिखाई खाली जमीन
ललितपुर/ ब्यूरो
Updated Sat, 20 Jun 2015 12:44 AM IST
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ललितपुर। राजस्वकर्मी खसरों में हेरफेर करके बेशकीमती जमीन के स्थान पर कम मालियत वाली जमीन दिखाकर मिलीभगत कर रहे हैं। ग्राम घुटारी के ग्रामीणों ने राजस्वकर्मी पर गंभीर आरोप लगाते हुए शासन, राजस्व परिषद सहित अन्य अफसरों को शिकायती पत्र भेजे हैं।
राज्यपाल, मुख्यमंत्री, राजस्वमंत्री, राजस्व परिषद, जिलाधिकारी को संबोधित शिकायतीपत्र में बताया गया कि गांव में तैनात राजस्व कर्मी लंबे समय से जमीनों का हेरफेर करते चले आ रहे हैं। दबंगों को शह देकर गरीबों की जमीन दबाई जा रही है। ग्राम घुटारी के आराजी संख्या 87/3 रकवा 0.809 हेक्टेयर में पानकुंवर का नाम दर्ज है। 0.405 हेक्टेयर में आबादी व मंदिर है। इसके खसरे में मिलीभगत करके आबादी व मंदिर को हटाकर कम मालियत वाली जमीन दिखाया गया है।
आराजी नंबर 87/1 जो रुकमणी, फूलाबाई, लक्ष्मीबाई, पष्पा के नाम, आराजी संख्या 87/5 करवा 0.081 मनुवा के नाम दर्ज है। पुराने खसरा नंबर 1411 में जहां आबादी व मंदिर को दिखाया गया। वहीं, नए खसरे 1421 में लोगों को अनुचित लाभ दिलाने के लिए खत्म कर दिया है। आराजी संख्या 87/4 में भी यही किया गया है। राजस्वकर्मी ने मिलीभगत करके दूसरे स्थान पर खाली पड़ी जमीन को दिखाकर बिकवा दी है। जबकि, पुराने खसरा में उक्त स्थान पर मकान, मंदिर व पेड़ लगे हुए हैं। उक्त राजस्वकर्मी पहले भी गलत इंद्राज करके किसानों के साथ धोखा करता रहा है, जिससे गरीबों को अब तक उनके हक की जमीन नहीं मिल पाई है।
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दबंगों को जमीन रजिस्ट्री करवा दी गई और लाखों के राजस्व को ही नुकसान नहीं पहुंचाया, बल्कि गांव के लोगों को भी धोखे में रखा गया। ग्रामीणों जांच करके लेखपाल पर कार्रवाई करने व स्थानांतरण करने की मांग की है। ऐसा नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। साक्ष्य के तौर पर ग्रामीणों ने नए व पुराने खसरे की छायाप्रति भी संलग्न की है। शिकायती पत्र रमेश, पूरन, वीरभान, रामसेवक, रामस्वरूप, बाबूलाल, मुन्ना, बंदू सहित अन्य किसानों के हस्ताक्षर अंकित हैं।
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राज्यपाल, मुख्यमंत्री, राजस्वमंत्री, राजस्व परिषद, जिलाधिकारी को संबोधित शिकायतीपत्र में बताया गया कि गांव में तैनात राजस्व कर्मी लंबे समय से जमीनों का हेरफेर करते चले आ रहे हैं। दबंगों को शह देकर गरीबों की जमीन दबाई जा रही है। ग्राम घुटारी के आराजी संख्या 87/3 रकवा 0.809 हेक्टेयर में पानकुंवर का नाम दर्ज है। 0.405 हेक्टेयर में आबादी व मंदिर है। इसके खसरे में मिलीभगत करके आबादी व मंदिर को हटाकर कम मालियत वाली जमीन दिखाया गया है।
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आराजी नंबर 87/1 जो रुकमणी, फूलाबाई, लक्ष्मीबाई, पष्पा के नाम, आराजी संख्या 87/5 करवा 0.081 मनुवा के नाम दर्ज है। पुराने खसरा नंबर 1411 में जहां आबादी व मंदिर को दिखाया गया। वहीं, नए खसरे 1421 में लोगों को अनुचित लाभ दिलाने के लिए खत्म कर दिया है। आराजी संख्या 87/4 में भी यही किया गया है। राजस्वकर्मी ने मिलीभगत करके दूसरे स्थान पर खाली पड़ी जमीन को दिखाकर बिकवा दी है। जबकि, पुराने खसरा में उक्त स्थान पर मकान, मंदिर व पेड़ लगे हुए हैं। उक्त राजस्वकर्मी पहले भी गलत इंद्राज करके किसानों के साथ धोखा करता रहा है, जिससे गरीबों को अब तक उनके हक की जमीन नहीं मिल पाई है।
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दबंगों को जमीन रजिस्ट्री करवा दी गई और लाखों के राजस्व को ही नुकसान नहीं पहुंचाया, बल्कि गांव के लोगों को भी धोखे में रखा गया। ग्रामीणों जांच करके लेखपाल पर कार्रवाई करने व स्थानांतरण करने की मांग की है। ऐसा नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। साक्ष्य के तौर पर ग्रामीणों ने नए व पुराने खसरे की छायाप्रति भी संलग्न की है। शिकायती पत्र रमेश, पूरन, वीरभान, रामसेवक, रामस्वरूप, बाबूलाल, मुन्ना, बंदू सहित अन्य किसानों के हस्ताक्षर अंकित हैं।