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चेक बाउंस में दो को छह-छह माह का कारावास
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चेक बाउंस में दो को छह-छह माह का कारावास
ललितपुर। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट रवि कुमार गुप्त की अदालत ने अलग-अलग चेक बाउंस के मामले में ग्राम मिर्चवारा निवासी एक अभियुक्त को छह माह का कारावास एवं एक लाख रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। वहीं, गांधीनगर निवासी एक महिला को चेक बाउंस के मामले में दोषी पाते हुए छह माह का कारावास एवं चार लाख रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
मुहल्ला आजादपुरा निवासी बृजेश स्वामी ने न्यायालय में एक परिवाद दायर कर बताया था कि ग्राम मिर्चवारा निवासी अभिषेक बाजपेयी ने करीब एक वर्ष पूर्व उसे जमीन दिखाकर उससे 70 हजार रुपये लिए थे। उसने पता किया तो जमीन से अभिषेक का कोई संबंध ही नहीं था। उसने पैसा वापस मांगे तो एक चेक भरकर दे दिया। वह नौ दिसंबर 2016 को उसने चेक बैंक में जमा किया, तो पता चला कि पैसा नहीं है। चेक बउंस हो गया। उसने सूचना दी, तो एक माह का समय मांगा। फिर 12 जनवरी चेक जमा किया तो फिर से बाउंस हो गया। मंगलवार को न्यायालय ने दोनों पक्षों की दलीलों व साक्ष्यों के आधार पर सुनवाई करते हुए अभियुक्त अभिषेक बाजपेयी को चेक बाउंस के उक्त मामले में दोषी पाते हुए छह माह का साधारण कारावास एवं एक लाख रुपये का अर्थदंड लगाया। अधिवक्ता आनंद कुमार चतुर्वेदी ने की।
इसी तरह वर्ष 2007 में सिविल लाइन निवासी विमलेश कुमार जैन पुत्र कपूर चंद्र जैन ने न्यायालय में वाद दायर बताया कि 10 माच्र 2007 को गांधीनगर निवासिनी मंजू तिवारी अपने पति के साथ पास आई और मकान खरीदने के लिए दस लाख रुपये उधार मांगे। उसने दे दिए। मंजू ने एक अप्रैल 2007 को इलाहाबाद बैंक का एक चेक तीन लाख रुपये का दिया। सात लाख रुपये का चेक जिला सहकारी बैंक का दिया। लेकिन, चेक बाउंस हो गए। मंगलवार को न्यायालय ने दोनों पक्षों की ओर से दी गई दलीलों व साक्ष्यों के आधार पर सुनवाई करते हुए मंजू को दोषी पतो हुए छह माह का कारावास एवं चार लाख रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। पैरवी अधिवक्ता अजय मिश्रा ने की।
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ललितपुर। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट रवि कुमार गुप्त की अदालत ने अलग-अलग चेक बाउंस के मामले में ग्राम मिर्चवारा निवासी एक अभियुक्त को छह माह का कारावास एवं एक लाख रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। वहीं, गांधीनगर निवासी एक महिला को चेक बाउंस के मामले में दोषी पाते हुए छह माह का कारावास एवं चार लाख रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
मुहल्ला आजादपुरा निवासी बृजेश स्वामी ने न्यायालय में एक परिवाद दायर कर बताया था कि ग्राम मिर्चवारा निवासी अभिषेक बाजपेयी ने करीब एक वर्ष पूर्व उसे जमीन दिखाकर उससे 70 हजार रुपये लिए थे। उसने पता किया तो जमीन से अभिषेक का कोई संबंध ही नहीं था। उसने पैसा वापस मांगे तो एक चेक भरकर दे दिया। वह नौ दिसंबर 2016 को उसने चेक बैंक में जमा किया, तो पता चला कि पैसा नहीं है। चेक बउंस हो गया। उसने सूचना दी, तो एक माह का समय मांगा। फिर 12 जनवरी चेक जमा किया तो फिर से बाउंस हो गया। मंगलवार को न्यायालय ने दोनों पक्षों की दलीलों व साक्ष्यों के आधार पर सुनवाई करते हुए अभियुक्त अभिषेक बाजपेयी को चेक बाउंस के उक्त मामले में दोषी पाते हुए छह माह का साधारण कारावास एवं एक लाख रुपये का अर्थदंड लगाया। अधिवक्ता आनंद कुमार चतुर्वेदी ने की।
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इसी तरह वर्ष 2007 में सिविल लाइन निवासी विमलेश कुमार जैन पुत्र कपूर चंद्र जैन ने न्यायालय में वाद दायर बताया कि 10 माच्र 2007 को गांधीनगर निवासिनी मंजू तिवारी अपने पति के साथ पास आई और मकान खरीदने के लिए दस लाख रुपये उधार मांगे। उसने दे दिए। मंजू ने एक अप्रैल 2007 को इलाहाबाद बैंक का एक चेक तीन लाख रुपये का दिया। सात लाख रुपये का चेक जिला सहकारी बैंक का दिया। लेकिन, चेक बाउंस हो गए। मंगलवार को न्यायालय ने दोनों पक्षों की ओर से दी गई दलीलों व साक्ष्यों के आधार पर सुनवाई करते हुए मंजू को दोषी पतो हुए छह माह का कारावास एवं चार लाख रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। पैरवी अधिवक्ता अजय मिश्रा ने की।
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