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बाजार में सार्वजनिक हुई बीएसए विभाग की गोपनीयता

Tue, 24 Oct 2017 11:18 PM IST
Updated Tue, 24 Oct 2017 11:18 PM IST
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बाजार में सार्वजनिक हुई बीएसए विभाग की गोपनीयता
सार्वजनिक की जा रहीं बीएसए आफिस की गोपनीयता
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ललितपुर।
मानव संपदा के क्रम में जिला बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों व कर्मियों की जिम्मेदारी है कि वह केंद्र सरकार द्वारा संचालित अपने विभाग में तैनात शिक्षकों, अनुदेशकों, शिक्षामित्रों व परिचारकों के सेवा विवरण को ऑनलाइन फीड करें। यह विभाग का गोपनीय कार्य है, लेकिन विभागीय अधिकारी ने अपनी जिम्मेदारियों से बचने के लिए विभागीय गोपनीयता को बाजार में उतार दिया है।
सरकारी विभागों का डिजिटाइजेशन कराने के क्रम में केंद्र सरकार द्वारा मानव संपदा योजना के तहत समस्त कर्मियों की सेवा विवरण और अन्य व्यक्तिगत जानकारियां ऑनलाइन फीडिंग की जा रही है। यह योजना पिछले वर्ष से संचालित की जा रही है, लेकिन अभी तक जिला बेसिक शिक्षा विभाग के द्वारा शासन के निर्देशन के क्रम में ऑनलाइन फीडिंग का कार्य पूरा नहीं किया गया है। अब शासन से लगातार हो रही सख्ती के चलते विभागीय अधिकारी विभाग की गोपनीयता को भी बाजार में उतार रहे हैं। जिला मुख्यालय पर स्थित जखौरा ब्लॉक संसाधन केंद्र पर नोटिस बोर्ड में एक पत्र चस्पा है, इसपर ऑनलाइन कंप्यूटर फीडिंग करने वाली शहर की पांच दुकानों का नाम व पता और संचालक का मोबाइल नंबर अंकित है। नोटिस बोर्ड पर चस्पा इस पत्र में साफ लिखा हुआ है कि समस्त अध्यापक, अनुदेशक, शिक्षामित्र व अनुचर अपना ईसी कोर्ड बीआरसी से प्राप्त करके उक्त दुकानों पर संपर्क करके अपना फार्म पूर्ण करा लें। गौरतलब है कि इस ऑनलाइन फीडिंग में कर्मियों का अब तक का सेवा विवरण और अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां भरी जानी है, तो गोपनीय होने के साथ सही भरी जानी भी जरूरी है। यदि कोई कर्मी अपनी मनमर्जी से सेवा विवरण भर देता है, तो इससे वित्तीय अनियमितताएं होना स्वभाविक है। अनुदेशक व शिक्षामित्र तो ठीक है, लेकिन स्थायी कर्मियों में अध्यापकों व परिचारकों के सेवा विवरण की ऑनलाइन फीडिंग के लिए सर्विस बुक की भी जरूरत पड़ रही है, तो अध्यापकों व परिचारकों को दे दी जा रही है। अपनी जिम्मेदारियों से बचने के लिए विभागीय अधिकारियों द्वारा विभागीय गोपनीयता को बाजार में उतारा जा रहा है। आमतौर पर विभाग में तैनात शिक्षकों, अनुदेशकों, शिक्षामित्रों और परिचारकों के सेवा विवरण व अन्य महत्वपूर्ण जानकारियों को ऑनलाइन फीड करने का काम कंप्यूटर ऑपरेटरों व कंप्यूटर अनुदेशकों को सौंपा गया था।
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देने पड़ रहे 200 से 300 रुपये
जहां विभागीय कर्मियों के द्वारा ही मुफ्त में ऑनलाइन फीडिंग का काम किया जाना है, वहीं दूसरी ओर शिक्षकों को बाजार में फीडिंग कराने के बदले 200 से 300 रुपये देने पर पड़ रहे हैं। विभाग की गोपनीयता भंग करने के साथ-साथ यहां पर ऑनलाइन फीडिंग करने वाले दुकानदारों को व्यक्तिगत लाभ पहुंचाने का कार्य भी अधिकारियों द्वारा किया जा रहा है।
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आधार नंबर फीड कराएं वरना नहीं मिलेगा वेतन
मानव संपदा की ऑनलाइन फीडिंग के लिए अनेकों शिक्षकों ने अपने आधार नंबर विभाग में उपलब्ध नहीं कराए हैं। इस मामले में गंभीरता दिखाते हुए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अंबरीष कुमार ने निर्देश जारी कर दिए हैं कि यदि दो दिनों के भीतर बकाया शिक्षकों ने अपने आधार नंबर उपलब्ध नहीं कराए तो उनका वेतन जारी नहीं किया जाएगी। गौरतलब है कि विकासखंड जखौरा क्षेत्र में 250, बिरधा में 161, महरौनी में 29, तालबेहट में 128, मड़ावरा में 112, बार में 268 और नगर क्षेत्र में 15 यानि जनपद में कुल मिलाकर 963 लोगों ने अपने आधार नंबर उपलब्ध नहीं कराए हैं।

मामला संज्ञान में नही है और ऑनलाइन फीडिंग के बाद विभागीय अधिकारी द्वारा फीडिंग का सत्यापन कराया जाएगा। सत्यापन कराने के बाद ही इसको लॉक किया जाएगा।
- अंबरीष कुमार, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, ललितपुर।
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