महरौनी (ललितपुर)। आर्यिका विज्ञानमति माता के संघ का मंगलवार को सुबह नगर में मंगल प्रवेश हुआ। श्रावक श्राविकाओं ने आर्यिका संघ की भव्य आगवानी की। शोभायात्रा में बग्गी में भगवान अजित नाथ, आचार्य विद्यासागर महाराज एवं आर्यिका रत्न विज्ञान मति के चित्रों की झांकी चल रही थीं। महिलाएं केशरिया वस्त्रों मे मंगलगीत गा रही थीं, युवा डीजे की भक्तिमय संगीत में थिरकते हुए जय घोष कर चल रहे थे। शोभायात्रा का समापन बड़े मंदिर में हुआ। इस अवसर पर आर्यिका विज्ञानमति माता ने कहा कि भारतीय संस्कृति को समझने वाला इंसान हमेशा ईमानदारी से जीवन जीता है। हमें जीवन हमेशा ईमानदारी से जीना चाहिए।
उन्होंने कहा कि तेरा-मेरा करते-करते मनुष्य का जीवन निकल जाता है, लेकिन हाथ कुछ नहीं लगता। जहां पर अच्छे संस्कार होते हैं, वहीं पर ईश्वर का वास होता है। हमें निरंतर परमात्मा का भजन करते रहना चाहिए। प्रेम जीवन का महामंत्र है। मनुष्य को अपने जीवन में सभी के साथ प्रेम से रहना चाहिए। संत की वाणी का हमेशा पालन करना चाहिए। संत कभी किसी को गलत सीख नहीं देेते। इस मौके पर अध्यक्ष कोमल चंद सिंघई, प्रमोद सिंघई, प्रकाश सिंघई, अनिल मिठया, प्रदीप चौधरी, प्रमोद चौधरी,सतेंद्र सिंघई, प्रवीण सिंघई, मुकेश सराफ, महेद्र बाबा, बंटी सिंघई, राजू नुना, राजेश खिमलासा, अनिल पोली, शानू कठरया, आशीष बड़कुल, सामान्त भायजी, प्रभात मोदी, आशू पारौल, अब्बू सराफ, अस्सू सिंघई, सौरभ सिंघई, विजय खजुरिया, प्रिंस वटवार, शुभम आदि उपस्थित रहे। 23 जुलाई को आर्यिका संघ के चतुर्मास के लिए मंगल कलश स्थापना की जाएगी।