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शासन से हरी झंडी, पर जनपद में अब भी थमा साक्षर भारत मिशन
Updated Sun, 29 Oct 2017 03:06 AM IST
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जनपद में अब भी थमा साक्षर भारत मिशन
शासन से जारी मानदेय को एक माह माह बीता, अधिकारियों को नहीं सुध
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर।
केंद्र सरकार द्वारा संचालित साक्षर भारत मिशन योजना को शासन ने 11 अक्तूबर को निर्देश जारी करके 31 दिसंबर तक के लिए बढ़ा दिया है। लेकिन जनपद में इस मिशन को दोबारा गति नहीं मिल सकी है। वहीं, जनपद में संचालित 380 साक्षरता केंद्रों पर तैनात 680 प्रेरकों का मानदेय शासन से जारी होने के बाद भी प्रेरकों के खातों में नहीं पहुंच सकता है।
भारत में 15 वर्ष से कम आयु वाले असाक्षर लोगों साक्षर बनाने के लिए केंद्र सरकार द्वारा साक्षर भारत मिशन योजना संचालित की जा रही है। इस मिशन के तहत जनपद में कुल 340 साक्षरता केंद्र स्थापित है, जिन पर एक-एक महिला व पुरुष प्रेरक तैनात हैं जो पढ़ाने का काम करते हैं। शासन की ओर से इन 640 प्रेरकों को हर माह दो-दो हजार रुपये की मासिक मानदेय उपलब्ध कराया जा रहा है। बीते 34 माह से इन प्रेरकों को कोई मानदेय नहीं मिला है। गौरतलब है कि बीते 34 माह मानदेय नहीं मिलने के बाद दीपावली के त्योहार के मद्देनजर केंद्र सरकार ने दीपावली से पूर्व 25 सितंबर को समस्त प्रेरकों को तीन-तीन माह के मानदेय की धनराशि शासन को उपलब्ध करा दी थी और 30 सितंबर तक मानदेय प्रेरकों के खाते में भेजने के निर्देश दिए गए थे। दीपावली का त्योहार तो दूर पूरा एक माह बीतने वाला है, लेकिन अभी तक किसी भी प्रेरक के खाते में मानदेय की धनराशि नहीं भेजी गई है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि शासन द्वारा भी तक प्रेरकों के मानदेय की कोई भी धनराशि नहीं भेजी गई है। जबकि शासन ने जनपद के समस्त 680 प्रेरकों का तीन-तीन माह का मानदेय संबंधित ब्लॉक के खाते में भेज दिया है। बार ब्लॉक क्षेत्र में तैनात 110 प्रेरकों के तीन माह के मानदेय के 6.60 लाख रुपये, बिरधा ब्लॉक में तैनात 128 प्रेरकों के मानदेय के 7.68 लाख रुपये, जखौरा ब्लॉक में तैनात 136 प्रेरकों के मानदेय के 8.16 लाख रुपये, मड़ावरा ब्लॉक में तैनात 102 प्रेरकों के मानदेय के 6.12 लाख रुपये, महरौनी ब्लॉक क्षेत्र में तैनात 110 प्रेरकों के मानदेय के 6.60 लाख रुपये और ताबलबेहट ब्लॉक क्षेत्र में तैनात 94 प्रेरकों के मानदेय के 5.64 लाख रुपये संबंधित ब्लॉक स्तर पर खुले खातों में भेज दिए गए हैं।
जनपद स्तर पर लगा हुआ है योजना में ब्रेक
शासन ने सितंबर माह के अंत में निर्देश जारी करके 30 सितंबर के बाद साक्षर भारत मिशन योजना की समय अवधि को बढ़ाने व कर्मियों के नवीनीकरण पर रोक लगा दी थी। इसके बाद 11 अक्टूबर को शासन ने निर्देश जारी करते हुए योजना को 31 सितंबर तक यथावत जारी रखने के आदेश कर दिए थे। गौरतबल है कि जनपद स्तर पर अभी तक जिला बेसिक शिक्षा अधिकारीी व जिला लोक शिक्षा आयोग समिति के अध्यक्ष द्वारा इस योजना व कर्मियों का नवीनीकरण नहीं किया है। वर्तमान में जिला व ब्लॉक समन्वयक और प्रेरक में अपने काम व तैनाती को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। यही कारण है कि कोई दिशा-निर्देश जारी नहीं होने के कारण ही प्रेरकों के खातों मेें भी मानदेय जानी नहीं हो पा रहा है।
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योजना को यथावत रखने के निर्देश के लिए डीएम से अनुमोदन करा लिया है। इसके अलावा प्रेरकों के मानदेय की अभी कोई भी धनराशि शासन से नहीं भेजी गई है।
- अंबरीष कुमार
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, ललितपुर।
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शासन से जारी मानदेय को एक माह माह बीता, अधिकारियों को नहीं सुध
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर।
केंद्र सरकार द्वारा संचालित साक्षर भारत मिशन योजना को शासन ने 11 अक्तूबर को निर्देश जारी करके 31 दिसंबर तक के लिए बढ़ा दिया है। लेकिन जनपद में इस मिशन को दोबारा गति नहीं मिल सकी है। वहीं, जनपद में संचालित 380 साक्षरता केंद्रों पर तैनात 680 प्रेरकों का मानदेय शासन से जारी होने के बाद भी प्रेरकों के खातों में नहीं पहुंच सकता है।
भारत में 15 वर्ष से कम आयु वाले असाक्षर लोगों साक्षर बनाने के लिए केंद्र सरकार द्वारा साक्षर भारत मिशन योजना संचालित की जा रही है। इस मिशन के तहत जनपद में कुल 340 साक्षरता केंद्र स्थापित है, जिन पर एक-एक महिला व पुरुष प्रेरक तैनात हैं जो पढ़ाने का काम करते हैं। शासन की ओर से इन 640 प्रेरकों को हर माह दो-दो हजार रुपये की मासिक मानदेय उपलब्ध कराया जा रहा है। बीते 34 माह से इन प्रेरकों को कोई मानदेय नहीं मिला है। गौरतलब है कि बीते 34 माह मानदेय नहीं मिलने के बाद दीपावली के त्योहार के मद्देनजर केंद्र सरकार ने दीपावली से पूर्व 25 सितंबर को समस्त प्रेरकों को तीन-तीन माह के मानदेय की धनराशि शासन को उपलब्ध करा दी थी और 30 सितंबर तक मानदेय प्रेरकों के खाते में भेजने के निर्देश दिए गए थे। दीपावली का त्योहार तो दूर पूरा एक माह बीतने वाला है, लेकिन अभी तक किसी भी प्रेरक के खाते में मानदेय की धनराशि नहीं भेजी गई है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि शासन द्वारा भी तक प्रेरकों के मानदेय की कोई भी धनराशि नहीं भेजी गई है। जबकि शासन ने जनपद के समस्त 680 प्रेरकों का तीन-तीन माह का मानदेय संबंधित ब्लॉक के खाते में भेज दिया है। बार ब्लॉक क्षेत्र में तैनात 110 प्रेरकों के तीन माह के मानदेय के 6.60 लाख रुपये, बिरधा ब्लॉक में तैनात 128 प्रेरकों के मानदेय के 7.68 लाख रुपये, जखौरा ब्लॉक में तैनात 136 प्रेरकों के मानदेय के 8.16 लाख रुपये, मड़ावरा ब्लॉक में तैनात 102 प्रेरकों के मानदेय के 6.12 लाख रुपये, महरौनी ब्लॉक क्षेत्र में तैनात 110 प्रेरकों के मानदेय के 6.60 लाख रुपये और ताबलबेहट ब्लॉक क्षेत्र में तैनात 94 प्रेरकों के मानदेय के 5.64 लाख रुपये संबंधित ब्लॉक स्तर पर खुले खातों में भेज दिए गए हैं।
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जनपद स्तर पर लगा हुआ है योजना में ब्रेक
शासन ने सितंबर माह के अंत में निर्देश जारी करके 30 सितंबर के बाद साक्षर भारत मिशन योजना की समय अवधि को बढ़ाने व कर्मियों के नवीनीकरण पर रोक लगा दी थी। इसके बाद 11 अक्टूबर को शासन ने निर्देश जारी करते हुए योजना को 31 सितंबर तक यथावत जारी रखने के आदेश कर दिए थे। गौरतबल है कि जनपद स्तर पर अभी तक जिला बेसिक शिक्षा अधिकारीी व जिला लोक शिक्षा आयोग समिति के अध्यक्ष द्वारा इस योजना व कर्मियों का नवीनीकरण नहीं किया है। वर्तमान में जिला व ब्लॉक समन्वयक और प्रेरक में अपने काम व तैनाती को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। यही कारण है कि कोई दिशा-निर्देश जारी नहीं होने के कारण ही प्रेरकों के खातों मेें भी मानदेय जानी नहीं हो पा रहा है।
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योजना को यथावत रखने के निर्देश के लिए डीएम से अनुमोदन करा लिया है। इसके अलावा प्रेरकों के मानदेय की अभी कोई भी धनराशि शासन से नहीं भेजी गई है।
- अंबरीष कुमार
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, ललितपुर।