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मलेरिया रक्त पट्टिका जांच में ललितपुर मंडल में अव्वल
Updated Sat, 09 Sep 2017 02:27 AM IST
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ललितपुर में मलेरिया के सबसे अधिक मरीज
ललितपुर।
राष्ट्रीय वैक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम की मंडलीय समीक्षा के दौरान मलेरिया रक्त पट्टिका संग्रह में ललितपुर मंडल के तीनों जिले में अव्वल रहा है। हालांकि एक्टिव सर्वेक्षण में जनपद में सबसे अधिक मलेरिया के केस भी मिले हैं, जिस पर जिला मलेरिया अधिकारी से स्पष्टीकरण भी मांगा गया है।
चिकित्सा और स्वास्थ्य सेवा महानिदेशक, अपर निदेशक मलेरिया एवं वीबीडी के निर्देश पर मंडल के अंतर्गत झांसी, ललितपुर और जालौन जिला में वैक्टर वार्न और समीक्षा बैठक 23 अग्रसत को की गई। इसके तहत जनपदवार मलेरिया रोग की पुष्टि के लिए बनाई जाने वाली रक्त पट्टिकाओं का संग्रह एवं मलेरिया धनात्मक रिपोर्ट का आंकलन किया गया। इसमें अगस्त माह और इस वर्ष अगस्त माह तक की रिपोर्ट पेश की गई। इसके तहत झांसी में अगस्त माह में एक्टिव सर्वेक्षण में कुल 4,950 रक्त पट्टिकाएं बनाई गई हैं। इसमें केवल तीन मलेरिया धनात्मक पाए गए हैं। जबकि पैसिव सर्वेक्षण में कुल 4, 367 रक्त पट्टिकाएं बनाई गई, जिसमें 41 मलेरिया रोगी पाए गए हैं। इस प्रकार जनपद झांसी में गत अगस्त माह में कुल 44 मलेरिया धनात्मक रोगी पाए गए हैं, जबकि यदि इस वर्ष झांसी में जनवरी से अगस्त माह तक का आंकलन किया जाए, तो अब तक कुल 50 हजार 363 रक्त पट्टिकाओं की जांच की गई है, जबकि अब तक कुल 160 मलेरिया धनात्मक रोगी पाए गए हैं। जिनमें मात्र 150 को ही आमूल उपचार किया गया है, दस मलेरिया धनात्मक रोगियों को उपचार नहीं करने का कारण नहीं बताया गया है। जिस पर झांसी के जिला मलेरिया अधिकारी से इसका स्पष्टीकरण मांगा गया है। वहीं यदि जनपद जालौन की बात करें तो इस जिला में अगस्त माह में 10, 117 रक्त पट्टिकाओं की जांच की गई, जिसमें कुल 49 मलेरिया धनात्मक रोगी पाए गए। जबकि जालौन में जनवरी से अगस्त माह तक कुल 35,499 रक्त पट्टिकाओं की जांच की गई है, जिसमें कुल 160 मलेरिया धनात्मक रोगी पाए गए हैं। हालांकि यहां सभी मरीजों का उपचार कराया गया। वहीं अब जनपद ललितपुर का आंकलन किया जाए, तो इस जिले में अगस्त माह में कुल 14,250 रक्त पट्टिकाओं की जांच कराई गई, जिसमें कुल 68 मलेरिया धनात्मक रोगी मिले हैं। जिनमें से कुल एक महिला मरीज का उपचार उसके प्रेग्नेंट होने की वजह से नहीं कराया जाना पाया गया। बाकी सभी मरीजों का उपचार कराया गया। जबकि ललितपुर में जनवरी से अगस्त माह तक कुल 66,838 मरीजों की मलेरिया की जांच के लिए रक्त पट्टिकाओं का संसग्रह किया गया और जांच के दौरान कुल 156 मलेरिया पॉजीटिव रोगी मिले हैं। इस प्रकार तीनों जिलों की एबीइआर रेटिंग में झांसी को इस वर्ष 2.48, जालौन को 2.60 और ललितपुर को सबसे अधिक 4.88 पाइंट मिले हैं। ललितपुर में अगस्त माह में सबसे अधिक 68 मलेरिया पॉजीटिव रोगी पाए गए हैं, जिसमें से अकेले 35 मलेरिया पॉजीटिव रोगी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मड़ावरा में मिले हैं। जिस पर जिला मलेरिया अधिकारी को मलेरिया वृद्धि के कारणों को स्पष्ट करने एवं उक्त क्षेत्र में आवश्यक वेक्टर कंट्रोल मेजर्स लेने के लिए भी निर्देशित किया गया है।
प्राईवेट नर्सिंग होम व पैथौलॉजी से भी मांगी रिपोर्ट
ललितपुर। जनपद के ऐपीडेमियोलॉजिस्ट डॉ. देशराज सिंह द्वारा बताया गया कि ललितपुर में 33 राजकीय चिकित्सालय एवं दो पैथोलॉजी लैब हैं, जिसमें सभी से रिपोर्ट प्राप्त हो रही है। वहीं, इस जिले में नौ प्राइवेट हास्पिटल और 27 पैथोलॉजी लैब हैं, जिसमें से अब तक कुल सात नर्सिंग होम एवं नौ पैथोलॉजी लैब रिपोर्ट भेज रहे हैं। पोर्टल प र सभी सूचनाएं अपलोड की जा रही हैं। इसके लिए सीएमओ से सभी प्राइवेट चिकित्सालयों और पैथोलॉजी लैब से डिसीज को नोटीफाइड करने एवं पोर्टल पर सूचनाएं अपलोड कराने के निर्देश दिए गए हैं।
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अब तक डेंगू और स्वाइन फ्लू के तीन-तीन मरीज
ललितपुर। जनपद में आठ अगस्त से सात सितंबर तक डेंगू के तीन केस मिले हैं। मंडल के जनपदों में डेंगू और चिकनगुनिया जांच के लिए सेंटीनल सर्विलांस हास्पिटल महारानी लक्षमीबाई मेडिकल कॉलेज झांसी में एलाइजा रीडर, आवश्यक रीजेंट के साथ एक-एक एलाइजा किट की उपलब्ध है। झांसी में जांच के दौरान जनपद के दो मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई है, जबकि एक मरीज में लखनऊ की लैब में पुष्टि हुई थी। वहीं जिला में अब तक तीन मरीजों में स्वाईन फ्लू की पुष्टि की जा चुकी है। जिसमें सदर विधायक भी शामिल हैं। जिला में आजादपुरा और तालाबपुरा निवासी एक महिला समेत दो लोगों की स्वाइन फ्लू से मौत भी हो चुकी है। वहीं तालाबपुरा निवासी एक व्यक्ति की स्वाइन फ्लू के लक्षणों के चलते मौत हुई है, हालांकि इसकी जांच नहीं होने के चलते स्वाइन फ्लू की पुष्टि नहीं हो सकी है।
अगस्त माह तक सबसे अधिक रक्त पट्टिकाओं का संग्रह और जांच मलेरिया विभाग द्वारा जनपद में किया गया है। हालांकि अगस्त माह में मलेरिया के 68 पॉजीटिव मरीज मिले हैं, जिसके चलते क्षेत्रों को चिह्नित करके दवा का छिड़काव और उन हर क्षेत्रों में फॉगिंग भी कराई गई है, ताकि मलेरिया एवं डेंगू जनित मच्छरों के लार्वा को नष्ट कराया जा सके। सर्वे में डेंगू के लार्वा पाए जाने वाले घरों के स्वामियों को नोटिस दिया गया है और वर्तमान में ऐसे स्थानों को चिह्नित कर सर्वे का काम जारी है।
- केएस सिंह यादव, जिला मलेरिया अधिकारी, ललितपुर।
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ललितपुर।
राष्ट्रीय वैक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम की मंडलीय समीक्षा के दौरान मलेरिया रक्त पट्टिका संग्रह में ललितपुर मंडल के तीनों जिले में अव्वल रहा है। हालांकि एक्टिव सर्वेक्षण में जनपद में सबसे अधिक मलेरिया के केस भी मिले हैं, जिस पर जिला मलेरिया अधिकारी से स्पष्टीकरण भी मांगा गया है।
चिकित्सा और स्वास्थ्य सेवा महानिदेशक, अपर निदेशक मलेरिया एवं वीबीडी के निर्देश पर मंडल के अंतर्गत झांसी, ललितपुर और जालौन जिला में वैक्टर वार्न और समीक्षा बैठक 23 अग्रसत को की गई। इसके तहत जनपदवार मलेरिया रोग की पुष्टि के लिए बनाई जाने वाली रक्त पट्टिकाओं का संग्रह एवं मलेरिया धनात्मक रिपोर्ट का आंकलन किया गया। इसमें अगस्त माह और इस वर्ष अगस्त माह तक की रिपोर्ट पेश की गई। इसके तहत झांसी में अगस्त माह में एक्टिव सर्वेक्षण में कुल 4,950 रक्त पट्टिकाएं बनाई गई हैं। इसमें केवल तीन मलेरिया धनात्मक पाए गए हैं। जबकि पैसिव सर्वेक्षण में कुल 4, 367 रक्त पट्टिकाएं बनाई गई, जिसमें 41 मलेरिया रोगी पाए गए हैं। इस प्रकार जनपद झांसी में गत अगस्त माह में कुल 44 मलेरिया धनात्मक रोगी पाए गए हैं, जबकि यदि इस वर्ष झांसी में जनवरी से अगस्त माह तक का आंकलन किया जाए, तो अब तक कुल 50 हजार 363 रक्त पट्टिकाओं की जांच की गई है, जबकि अब तक कुल 160 मलेरिया धनात्मक रोगी पाए गए हैं। जिनमें मात्र 150 को ही आमूल उपचार किया गया है, दस मलेरिया धनात्मक रोगियों को उपचार नहीं करने का कारण नहीं बताया गया है। जिस पर झांसी के जिला मलेरिया अधिकारी से इसका स्पष्टीकरण मांगा गया है। वहीं यदि जनपद जालौन की बात करें तो इस जिला में अगस्त माह में 10, 117 रक्त पट्टिकाओं की जांच की गई, जिसमें कुल 49 मलेरिया धनात्मक रोगी पाए गए। जबकि जालौन में जनवरी से अगस्त माह तक कुल 35,499 रक्त पट्टिकाओं की जांच की गई है, जिसमें कुल 160 मलेरिया धनात्मक रोगी पाए गए हैं। हालांकि यहां सभी मरीजों का उपचार कराया गया। वहीं अब जनपद ललितपुर का आंकलन किया जाए, तो इस जिले में अगस्त माह में कुल 14,250 रक्त पट्टिकाओं की जांच कराई गई, जिसमें कुल 68 मलेरिया धनात्मक रोगी मिले हैं। जिनमें से कुल एक महिला मरीज का उपचार उसके प्रेग्नेंट होने की वजह से नहीं कराया जाना पाया गया। बाकी सभी मरीजों का उपचार कराया गया। जबकि ललितपुर में जनवरी से अगस्त माह तक कुल 66,838 मरीजों की मलेरिया की जांच के लिए रक्त पट्टिकाओं का संसग्रह किया गया और जांच के दौरान कुल 156 मलेरिया पॉजीटिव रोगी मिले हैं। इस प्रकार तीनों जिलों की एबीइआर रेटिंग में झांसी को इस वर्ष 2.48, जालौन को 2.60 और ललितपुर को सबसे अधिक 4.88 पाइंट मिले हैं। ललितपुर में अगस्त माह में सबसे अधिक 68 मलेरिया पॉजीटिव रोगी पाए गए हैं, जिसमें से अकेले 35 मलेरिया पॉजीटिव रोगी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मड़ावरा में मिले हैं। जिस पर जिला मलेरिया अधिकारी को मलेरिया वृद्धि के कारणों को स्पष्ट करने एवं उक्त क्षेत्र में आवश्यक वेक्टर कंट्रोल मेजर्स लेने के लिए भी निर्देशित किया गया है।
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ललितपुर। जनपद के ऐपीडेमियोलॉजिस्ट डॉ. देशराज सिंह द्वारा बताया गया कि ललितपुर में 33 राजकीय चिकित्सालय एवं दो पैथोलॉजी लैब हैं, जिसमें सभी से रिपोर्ट प्राप्त हो रही है। वहीं, इस जिले में नौ प्राइवेट हास्पिटल और 27 पैथोलॉजी लैब हैं, जिसमें से अब तक कुल सात नर्सिंग होम एवं नौ पैथोलॉजी लैब रिपोर्ट भेज रहे हैं। पोर्टल प र सभी सूचनाएं अपलोड की जा रही हैं। इसके लिए सीएमओ से सभी प्राइवेट चिकित्सालयों और पैथोलॉजी लैब से डिसीज को नोटीफाइड करने एवं पोर्टल पर सूचनाएं अपलोड कराने के निर्देश दिए गए हैं।
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अब तक डेंगू और स्वाइन फ्लू के तीन-तीन मरीज
ललितपुर। जनपद में आठ अगस्त से सात सितंबर तक डेंगू के तीन केस मिले हैं। मंडल के जनपदों में डेंगू और चिकनगुनिया जांच के लिए सेंटीनल सर्विलांस हास्पिटल महारानी लक्षमीबाई मेडिकल कॉलेज झांसी में एलाइजा रीडर, आवश्यक रीजेंट के साथ एक-एक एलाइजा किट की उपलब्ध है। झांसी में जांच के दौरान जनपद के दो मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई है, जबकि एक मरीज में लखनऊ की लैब में पुष्टि हुई थी। वहीं जिला में अब तक तीन मरीजों में स्वाईन फ्लू की पुष्टि की जा चुकी है। जिसमें सदर विधायक भी शामिल हैं। जिला में आजादपुरा और तालाबपुरा निवासी एक महिला समेत दो लोगों की स्वाइन फ्लू से मौत भी हो चुकी है। वहीं तालाबपुरा निवासी एक व्यक्ति की स्वाइन फ्लू के लक्षणों के चलते मौत हुई है, हालांकि इसकी जांच नहीं होने के चलते स्वाइन फ्लू की पुष्टि नहीं हो सकी है।
अगस्त माह तक सबसे अधिक रक्त पट्टिकाओं का संग्रह और जांच मलेरिया विभाग द्वारा जनपद में किया गया है। हालांकि अगस्त माह में मलेरिया के 68 पॉजीटिव मरीज मिले हैं, जिसके चलते क्षेत्रों को चिह्नित करके दवा का छिड़काव और उन हर क्षेत्रों में फॉगिंग भी कराई गई है, ताकि मलेरिया एवं डेंगू जनित मच्छरों के लार्वा को नष्ट कराया जा सके। सर्वे में डेंगू के लार्वा पाए जाने वाले घरों के स्वामियों को नोटिस दिया गया है और वर्तमान में ऐसे स्थानों को चिह्नित कर सर्वे का काम जारी है।
- केएस सिंह यादव, जिला मलेरिया अधिकारी, ललितपुर।