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संस्थान कर्मियों की हड़ताल से बिगडी शहर की जलापूर्ति
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कर्मचारियों की हड़ताल से बिगड़ी शहर की जलापूर्ति
ललितपुर। जल संस्थान कर्मियों की एक माह से चली आ रही हड़ताल ने शहर की जलापूर्ति की चाल बिगाड़ दी है। मोटरों की मरम्मत सही तरीके से नहीं हो पा रही है, वहीं, पाइप लाइन के लीकेजों का बुरा हाल है। इसका पानी फैलने से जगह-जगह रास्ते भी खराब हो रहे हैं।
जल संस्थान ने शहर में जलापूर्ति का जिम्मा ले रखा है। इस विभाग के कर्मचारी और श्रमिकों को हर महीने मानदेय का भुगतान नहीं हो सका है। इससे परेशान होकर कर्मचारियों व श्रमिकों ने हड़ताल प्रारंभ कर दी है। इस हड़ताल को एक माह से ज्यादा समय हो गया है। इसका बुरा असर विभागीय कामकाज पर पड़ा है। शहर में करीब एक दर्जन स्थानों पर पाइप लाइन में लीकेज हो गए हैं, उन्हें सुधारने के लिए विभाग में कोई नहीं बचा है। इन लीकेजों की जानकारी होने के बाद भी विभागीय अफसर उन्हें सही नहीं करा पा रहे हैं। विदुआ कालोनी में लीकेज के पानी से कई सड़कें कीचड़ में तब्दील हो गई हैं। इसके अलावा जलापूर्ति में लगी मोटरों की मरम्मत सही तरीके से नहीं हो पा रही है। विभागीय अफसर कामचलाऊ आपूर्ति को सुचारु बनाने में लगे हैं। हड़ताल का असर यही तक नहीं है, अफसरों को अपने कार्यालय में बैठना मुश्किल हो रहा है। यहां तक कि जलापूर्ति से संबंधित होने वाली बैठकों में विभागीय अफसरों को खाली हाथ पहुंचना पड़ रहा है। जिला विकास अधिकारी की बैठक में आज अवर अभियंता बगैर पत्रावली के पहुंचे। इस पर उन्होंने नाराजगी प्रकट की।
इतने हैं उपभोक्ता
शहर में करीब सोलह हजार जल उपभोक्ता हैं, जिनके घरों में जल संस्थान पानी पहुंचाता है। लोअर जोन में पांच मोटर एवं अपर जोन में दो मोटर काम करती हैं। लोअर जोन में पांच में से चार मोटरें पुरानी हैं।
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हड़ताल से कामकाज हुआ प्रभावित
कर्मचारियों की हड़ताल से विभागीय कामकाज पर विपरीत प्रभाव पड़ा है। ऐसे में जलापूर्ति को सुचारु रखना चुनौती बन गया है।
राम भुवन, अवर अभियंता, जल संस्थान
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ललितपुर। जल संस्थान कर्मियों की एक माह से चली आ रही हड़ताल ने शहर की जलापूर्ति की चाल बिगाड़ दी है। मोटरों की मरम्मत सही तरीके से नहीं हो पा रही है, वहीं, पाइप लाइन के लीकेजों का बुरा हाल है। इसका पानी फैलने से जगह-जगह रास्ते भी खराब हो रहे हैं।
जल संस्थान ने शहर में जलापूर्ति का जिम्मा ले रखा है। इस विभाग के कर्मचारी और श्रमिकों को हर महीने मानदेय का भुगतान नहीं हो सका है। इससे परेशान होकर कर्मचारियों व श्रमिकों ने हड़ताल प्रारंभ कर दी है। इस हड़ताल को एक माह से ज्यादा समय हो गया है। इसका बुरा असर विभागीय कामकाज पर पड़ा है। शहर में करीब एक दर्जन स्थानों पर पाइप लाइन में लीकेज हो गए हैं, उन्हें सुधारने के लिए विभाग में कोई नहीं बचा है। इन लीकेजों की जानकारी होने के बाद भी विभागीय अफसर उन्हें सही नहीं करा पा रहे हैं। विदुआ कालोनी में लीकेज के पानी से कई सड़कें कीचड़ में तब्दील हो गई हैं। इसके अलावा जलापूर्ति में लगी मोटरों की मरम्मत सही तरीके से नहीं हो पा रही है। विभागीय अफसर कामचलाऊ आपूर्ति को सुचारु बनाने में लगे हैं। हड़ताल का असर यही तक नहीं है, अफसरों को अपने कार्यालय में बैठना मुश्किल हो रहा है। यहां तक कि जलापूर्ति से संबंधित होने वाली बैठकों में विभागीय अफसरों को खाली हाथ पहुंचना पड़ रहा है। जिला विकास अधिकारी की बैठक में आज अवर अभियंता बगैर पत्रावली के पहुंचे। इस पर उन्होंने नाराजगी प्रकट की।
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इतने हैं उपभोक्ता
शहर में करीब सोलह हजार जल उपभोक्ता हैं, जिनके घरों में जल संस्थान पानी पहुंचाता है। लोअर जोन में पांच मोटर एवं अपर जोन में दो मोटर काम करती हैं। लोअर जोन में पांच में से चार मोटरें पुरानी हैं।
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हड़ताल से कामकाज हुआ प्रभावित
कर्मचारियों की हड़ताल से विभागीय कामकाज पर विपरीत प्रभाव पड़ा है। ऐसे में जलापूर्ति को सुचारु रखना चुनौती बन गया है।
राम भुवन, अवर अभियंता, जल संस्थान