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रेंजर ने एप से ट्रेस की बाघ की लोकेशन
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ममरी। मोहम्मदी महेशपुर रेंज क्षेत्र के सुंदरपुर, अयोध्यापुर, गंगापुर, घमहाघाट के आसपास महीने भर से विचरण कर रहे बाघों की लोकेशन ट्रेस करने के लिए बुधवार सुबह वनकर्मियों, एसटीपीएफ जवानों संग सुंदरपुर गांव पहुंचे रेंजर मोबीन आरिफ ने एप के जरिए गन्ने के खेतों में बाघ की लोकेशन ट्रेस की साथ ही गांव वालों से जानकारी की लेकिन बाघ का कोई मूवमेंट नहीं मिला।
गांव वालों ने रेंजर को घटनास्थल दिखाकर बताया कि बाघ ने सात जून को इसी स्थान पर सुशील पर हमला कर 29 जून को बैल को मार डाला था। ग्रामीणों ने उन्हें वह स्थान दिखाया जहां रोड पर बाघ बैठा देेखा गया था। फिर भी उन्हें बाघ की कोई लोकेशन नहीं मिली। रेंजर का कहना है कि यह सभी गांव देवीपुर, सहजनियां बीट जंगल के करीब होने से बाघ, तेंदुए शिकार की तलाश में गन्ने के खेतों में पहुंच जाते हैं और सुबह वापस जंगल चले जाते हैं। रेंजर ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि बाघ की निगरानी में टीम लगाई गई है। उन्होंने गांव वालों को सतर्क रहने, वन्यजीवों का घेराव न करके बाघ, तेंदुआ दिखने पर सूचना रेंज अथवा वन चौकी पर देने की सलाह दी है।
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गांव वालों ने रेंजर को घटनास्थल दिखाकर बताया कि बाघ ने सात जून को इसी स्थान पर सुशील पर हमला कर 29 जून को बैल को मार डाला था। ग्रामीणों ने उन्हें वह स्थान दिखाया जहां रोड पर बाघ बैठा देेखा गया था। फिर भी उन्हें बाघ की कोई लोकेशन नहीं मिली। रेंजर का कहना है कि यह सभी गांव देवीपुर, सहजनियां बीट जंगल के करीब होने से बाघ, तेंदुए शिकार की तलाश में गन्ने के खेतों में पहुंच जाते हैं और सुबह वापस जंगल चले जाते हैं। रेंजर ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि बाघ की निगरानी में टीम लगाई गई है। उन्होंने गांव वालों को सतर्क रहने, वन्यजीवों का घेराव न करके बाघ, तेंदुआ दिखने पर सूचना रेंज अथवा वन चौकी पर देने की सलाह दी है।
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