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पंचायतों में 4.26 करोड़ से वारे-न्यारे करेंगे प्रधान
लखीमपुर खीरी।
Updated Mon, 23 Mar 2015 06:57 PM IST
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स्वच्छ भारत मिशन के तहत जनपद में शौैचालय निर्माण की स्थिति पहले से ही दयनीय थी। अब फरवरी और मार्च में धनराशि का आवंटन होने से लक्ष्य पूरा करने की होड़ में गुणवत्ता खराब होने का आशंका गहरा गई है। मार्र्च में ग्राम पंचायतों के खातों में 4.26 करोड़ धनराशि का आवंटन किया गया है, जिससे करीब 3550 शौचालयों का निर्र्माण होना है। खास यह हैै कि 20 मार्र्च 2015 को शासन ने शौचालय निर्माण मद में 1.60 करोड़ भेजे हैं, जिसका आवंटन करने में उहापोह की स्थिति बनी हुई है।
पंचायत राज विभाग की ओर से कराए गए बेसलाइन सर्वे के मुताबिक जनपद में करीब चार लाख शौैचालय निर्माण कराया जाना है, जिसे पूरा करने के लिए समय सीमा 2019 तक निर्धारित की गई है। 2014-15 में 25 हजार शौचालय बनाने का लक्ष्य निर्धारित था, जिसके सापेक्ष करीब 7500 शौचालयों का निर्र्माण कराया जा सका है। जबकि 2013-14 के अवशेष 3200 शौचालयों का इसी वर्र्ष निर्माण पूरा कराया गया है। प्रत्येक शौचालय निर्माण की लागत 12 हजार रुपये निर्धारित है, जिसके लिहाज से करीब 30 करोड़ की डिमांड की गई थी। विभागीय अधिकारी के मुताबिक वित्तीय वर्ष में 11 हजार शौचालय निर्माण के लिए करीब 13 करोड़ की धनराशि प्राप्त हुई है, जिसमें 7500 शौचालयों का निर्माण कराया जा चुका है। फरवरी में दो किस्तों में 4.26 करोड़ रुपये शासन से प्राप्त हुए हैं, जिसमें छह फरवरी को 2.12 करोड़ और 26 फरवरी को 2014 करोड़ की किस्त शामिल है। यह धनराशि एक मार्च को पंचायत राज विभाग ने ग्राम पंचायतों के खातों में भेजी है। इसमें भी बैंकों द्वारा पोस्टिंग में हीला हवाली की गई, जिससे प्रधानों के खातों में 15 मार्च के बाद धनराशि पहुंची। अब आठ दिन का समय शेष है, जिसमें प्रधानों और सचिवों द्वारा धनराशि के वारे-न्यारे किए जाने की आशंका बढ़ गई हैं।
जो धनराशि समय से मिल गई थी, उससे कार्य पूरा कराया जा चुका है। फरवरी में मिली धनराशि मार्च में पंचायतों के खातों में भेजी गई है। 20 मार्च को 1.60 करोड़ की धनराशि प्राप्त हुई है, जिससे करीब 1200 शौचालय बनाए जाएंगे। अभी यह धनराशि पंचायतों को रिलीज नहीं की गई है। शौचालय की गुणवत्ता से कतई समझौैता नहीं किया जाएगा।
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-योगेंद्र कटियार, जिला पंचायत राज अधिकारी
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पंचायत राज विभाग की ओर से कराए गए बेसलाइन सर्वे के मुताबिक जनपद में करीब चार लाख शौैचालय निर्माण कराया जाना है, जिसे पूरा करने के लिए समय सीमा 2019 तक निर्धारित की गई है। 2014-15 में 25 हजार शौचालय बनाने का लक्ष्य निर्धारित था, जिसके सापेक्ष करीब 7500 शौचालयों का निर्र्माण कराया जा सका है। जबकि 2013-14 के अवशेष 3200 शौचालयों का इसी वर्र्ष निर्माण पूरा कराया गया है। प्रत्येक शौचालय निर्माण की लागत 12 हजार रुपये निर्धारित है, जिसके लिहाज से करीब 30 करोड़ की डिमांड की गई थी। विभागीय अधिकारी के मुताबिक वित्तीय वर्ष में 11 हजार शौचालय निर्माण के लिए करीब 13 करोड़ की धनराशि प्राप्त हुई है, जिसमें 7500 शौचालयों का निर्माण कराया जा चुका है। फरवरी में दो किस्तों में 4.26 करोड़ रुपये शासन से प्राप्त हुए हैं, जिसमें छह फरवरी को 2.12 करोड़ और 26 फरवरी को 2014 करोड़ की किस्त शामिल है। यह धनराशि एक मार्च को पंचायत राज विभाग ने ग्राम पंचायतों के खातों में भेजी है। इसमें भी बैंकों द्वारा पोस्टिंग में हीला हवाली की गई, जिससे प्रधानों के खातों में 15 मार्च के बाद धनराशि पहुंची। अब आठ दिन का समय शेष है, जिसमें प्रधानों और सचिवों द्वारा धनराशि के वारे-न्यारे किए जाने की आशंका बढ़ गई हैं।
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जो धनराशि समय से मिल गई थी, उससे कार्य पूरा कराया जा चुका है। फरवरी में मिली धनराशि मार्च में पंचायतों के खातों में भेजी गई है। 20 मार्च को 1.60 करोड़ की धनराशि प्राप्त हुई है, जिससे करीब 1200 शौचालय बनाए जाएंगे। अभी यह धनराशि पंचायतों को रिलीज नहीं की गई है। शौचालय की गुणवत्ता से कतई समझौैता नहीं किया जाएगा।
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-योगेंद्र कटियार, जिला पंचायत राज अधिकारी