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तिकुनिया कांड के पीड़ित बोले पीएम मोदी ने फैसला लेते-लेते बहुत देर कर दी

Sat, 20 Nov 2021 12:59 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sat, 20 Nov 2021 12:59 AM IST
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Victims of Tikunia incident said PM Modi took too long while taking decision
गमगीन माहौल में बैठे नक्षत्र के घरवाले।
भाकियू नेता बोले, अब तक 800 से ज्यादा किसानों की मौत हुई
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लखीमपुर खीरी। तीन काले कृषि कानूनों का विरोध कर रहे किसानों ने सरकार के फैसले पर खुशी तो जताई है, मगर उनकी सरकार से एक शिकायत भी है कि अगर सरकार ने यह फैसला पहले लिया होता तो न तो जिले में तिकुनिया कांड होता और न ही देश में आंदोलन के दौरान मारे गए करीब 800 लोगों के परिजन को अपनों के खोने का गम होता।
भाकियू के उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड प्रभारी बलजिंदर सिंह मान ने बताया कि देश भर में आंदोलन के दौरान करीब 800 लोगों ने अपनी जान गंवाई हैं। उधर, तिकुनिया कांड में खीरी के दो किसानों की हत्या के मामले में उनके परिजन ने बताया कि पीएम मोदी ने फैसला लेते-लेते बहुत देर कर दी। अब फैसला चाहे वापस लें, लेकिन उनके अपनों को तो सरकार वापस नहीं ला पाएगी।
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मृतक किसान नक्षत्र सिंह के पुत्र बोले... बहुत देर कर दी
लखीमपुर खीरी। तीन अक्तूबर को तिकुनिया कांड में मारे गए बुजुर्ग किसान नक्षत्र सिंह निवासी धौरहरा के परिजन ने कृषि कानूनों के वापस लिए जाने पर सरकार को कटघरे में खड़ा करते हुए कहा कि सरकार अगर अपनी जिद छोड़कर किसानों की बात पहले ही मान लेती तो आज अपनों को खोने का गम नहीं होता। मृतक नक्षत्र सिंह तीन अक्तूबर को कृषि कानूनों के खिलाफ डिप्टी सीएम केशव प्रसाद के कार्यक्रम को लेकर संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर काले झंडे दिखाने के लिए तिकुनिया गए थे। जहां उनकी गाड़ी चढ़ाकर हत्या कर दी गई थी।
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मृतक नक्षत्र सिंह के बड़े पुत्र जगदीप सिंह ने बताया कि तीनों कृषि कानून को वापस लेने का फैसला लेने में सरकार ने बहुत देर कर दी है। आंदोलन के दौरान जिनके परिवार के लोग मारे गए उनकी कमी कौन पूरा करेगा? आज पीएम मोदी अफसोस कर रहे हैं कि उनकी प्रार्थना में कोई कमी रह गई। पीएम मोदी बताएं कि इससे पहले वह क्या कर रहे थे। वह अगर पहले सोचते तो आज उनके जैसे सैकड़ों लोगों के परिजन उनके साथ होते।
जगदीप सिंह ने बताया कि भले ही पीएम ने कृषि कानून वापस लेने का एलान कर दिया हो लेकिन, जब तक लोक सभा से कानून नहीं बन जाता तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। एसएसबी में तैनात नक्षत्र सिंह के छोटे बेटे मंदीप सिंह ने बताया कि वह पिता की निर्मम हत्या से बहुत दुखी है। हर हाल में उनका सपना पूरा करेंगे।
कानून पहले हो जाता वापस तो साथ होता पुत्र : सतनाम
मझगईं। तिकुनिया कांड मृतक चौखड़ा फार्म के लवप्रीत सिंह के पिता सतनाम सिंह ने कहा कि तीनों कृषि कानून अगर पहले वापस हो जाते तो उनका इकलौता पुत्र भी आज इस दुनिया में होता।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा तीन कृषि कानूनों को वापस लेने की बात कहने के बाद तिकुनिया के किसान आंदोलन में मारे गए मझगईं के चौखड़ा फार्म निवासी मृतक लवप्रीत सिंह के पिता सतनाम सिंह ने कानून वापस होने पर दुख भरे लहजे में बताया कि अगर यह कानून पहले वापस हो जाता तो किसानों के साथ उनका इकलौता बेटा भी आज जिंदा होता। रही कृषि बिल वापस होने की खुशी उनको कम है बेटा खोने का गम ज्यादा है। किसानों द्वारा आंधी तूफान में रात भर सड़क पर पड़े रहने, पुलिस की लाठी खाकर भी पीछे न हटने के कारण ही सरकार को झुकना पड़ा है। किसानों की जीत हुई है। संवाद
तिकुनियां के किसान बोले, कानून वापसी से कुछ कम हुआ दर्द
तिकुनियां। सरकार के तीन कृषि कानून वापस लिए जाने पर तिकुनिया के किसानों ने खुशी जताई है। किसानों ने कहा है किसान हित में सरकार द्वारा लिए हर फैसले का किसान स्वागत करेंगे। किसानों की पीड़ा बहुत है। सरकार ने कृषि बिल कानून वापस लेकर किसानों का दर्द कम करने की शुरुआत की है। यह निर्णय सरकार द्वारा पहले हो जाता तो अच्छा होता।
किसान अवतार सिंह बताते हैं कि प्रधानमंत्री द्वारा किसानों के हित में जो फैसला लिया गया है वह स्वागत योग्य है। इससे किसानों का भला होगा। इसी प्रकार डीजल पेट्रोल की महंगाई और कम हो तो इससे किसानों को राहत मिलेगी। तिकुनिया में किसान आंदोलन में जो बवाल हुआ वह बेहद चिंता का विषय है।
शिक्षक व किसान गुरनाम सिंह बताते हैं कि जब हमारी उपज का सही भाव नहीं मिलता है तो किसान को भारी घाटा हो जाता है। इस पर सरकार को गंभीरता से विचार करना चाहिए। किसान आंदोलन में तीन अक्टूबर को जो घटना घटी उसको लेकर किसान दुखी हुआ है।
किसान गुरमीत सिंह बताते हैं तिकुनियां कांड को भुलाया नहीं जा सकता। कम से कम प्रधानमंत्री जी ने किसानों की पीड़ा को कम करने का प्रयास शुरू कर दिया है इसी प्रकार प्रधानमंत्री जी किसान की आय को बढ़ाने में और गंभीरता से ध्यान दें तो किसान का जीवन खुशहाल होगा।

किसान मनजीत सिंह बताते हैं कृषि बिल का कानून प्रधानमंत्री जी द्वारा वापस लिया गया है यह किसान के हित में ही सराहनीय कदम है। बताया कि यह पहले ही हो जाना चाहिये था। सरकार ने फैसला लेने में देरी की।
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