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Lakhimpur Kheri News: देवकली मंदिर के 93 लाख के काम पर हाईकोर्ट ने मांगा जवाब
Sun, 20 Sep 2026 12:06 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Sun, 20 Sep 2026 12:06 AM IST
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देवकली का बाबा देवेश्वर नाथ मंदिर। संवाद
फरधान। देवकली तीर्थ सेवा ट्रस्ट की याचिका पर इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ खंडपीठ ने राज्य सरकार और पर्यटन विभाग से जवाब मांगा है। मामला देवकली के बाबा देवेश्वर मंदिर के जीर्णोद्धार के लिए मिले 93 लाख रुपये के कथित दुरुपयोग से जुड़ा है। ट्रस्ट का आरोप है कि धनराशि का उपयोग मंदिर परिसर के बाहर एक आश्रम में किया जा रहा है।
ट्रस्ट के अध्यक्ष सुमेर गिरि ने याचिका दायर की थी। न्यायमूर्ति आलोक माथुर और न्यायमूर्ति अमिताभ कुमार राय की पीठ ने 17 सितंबर 2026 को सुनवाई की। पीठ ने विपक्षीगण को तीन सप्ताह के भीतर जवाबी हलफनामा दाखिल करने का आदेश दिया है। इसके बाद याचिकाकर्ता दो सप्ताह में अपना प्रत्युत्तर दाखिल कर सकता है। मामले की अगली सुनवाई तीन नवंबर 2026 को निर्धारित है।
सुमेर गिरि के अनुसार, 93 लाख रुपये बाबा देवेश्वर नाथ मंदिर के जीर्णोद्धार के लिए मिले थे, लेकिन इनका उपयोग मंदिर परिसर के बाहर स्थित एक आश्रम में किया जा रहा है। उनका कहना है कि आश्रम मंदिर परिसर का हिस्सा नहीं है।
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सुमेर गिरि के अनुसार, पर्यटन विभाग ने इससे पहले भी बजट दिया था। वर्ष 2021 में सुंदरीकरण के लिए 55.74 लाख रुपये मिले थे। उस समय केवल इंटरलॉकिंग लगाकर काम पूरा कर दिया गया था। इसके बाद 93 लाख रुपये का फिर बजट आया, जिसमें यात्रियों के ठहरने और अन्य व्यवस्थाओं का निर्माण होना था। आरोप है कि यह निर्माण मंदिर परिसर में न कराकर आश्रम के पास कराया जा रहा है।
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ट्रस्ट के अध्यक्ष सुमेर गिरि ने याचिका दायर की थी। न्यायमूर्ति आलोक माथुर और न्यायमूर्ति अमिताभ कुमार राय की पीठ ने 17 सितंबर 2026 को सुनवाई की। पीठ ने विपक्षीगण को तीन सप्ताह के भीतर जवाबी हलफनामा दाखिल करने का आदेश दिया है। इसके बाद याचिकाकर्ता दो सप्ताह में अपना प्रत्युत्तर दाखिल कर सकता है। मामले की अगली सुनवाई तीन नवंबर 2026 को निर्धारित है।
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सुमेर गिरि के अनुसार, 93 लाख रुपये बाबा देवेश्वर नाथ मंदिर के जीर्णोद्धार के लिए मिले थे, लेकिन इनका उपयोग मंदिर परिसर के बाहर स्थित एक आश्रम में किया जा रहा है। उनका कहना है कि आश्रम मंदिर परिसर का हिस्सा नहीं है।
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सुमेर गिरि के अनुसार, पर्यटन विभाग ने इससे पहले भी बजट दिया था। वर्ष 2021 में सुंदरीकरण के लिए 55.74 लाख रुपये मिले थे। उस समय केवल इंटरलॉकिंग लगाकर काम पूरा कर दिया गया था। इसके बाद 93 लाख रुपये का फिर बजट आया, जिसमें यात्रियों के ठहरने और अन्य व्यवस्थाओं का निर्माण होना था। आरोप है कि यह निर्माण मंदिर परिसर में न कराकर आश्रम के पास कराया जा रहा है।