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तिकुनिया हिंसाः जिला अदालत में शिशुपाल की जमानत खारिज
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लखीमपुर खीरी। तिकुनिया हिंसा मामले में सोमवार को जिला जज मुकेश मिश्रा ने आरोपी शिशुपाल की ओर से पेश जमानत अर्जी सुनवाई के बाद खारिज कर दी है। तिकुनिया हिंसा मामले में आरोपी शिशुपाल की ओर से दाखिल जमानत अर्जी में जिला जज अदालत में वरिष्ठ अधिवक्ता राम आशीष मिश्रा ने एसआईटी की ओर से दाखिल चार्जशीट पर सवाल उठाए।
शिशुपाल को निर्दोष बताते हुए कहा कि उसके खिलाफ कोई सबूत नहीं है फिर भी उसे जेल में भेजा गया। इससे पहले शिशुपाल की ओर से दी गई जमानत अर्जी नॉट प्रेस होने के कारण अदालत से निरस्त हो गई गई थी, जिसके बाद दूसरी जमानत अर्जी में मुकदमे में सुनवाई के दौरान शिशुपाल को जमानत पर रिहा करने की मांग की गई।
वहीं, जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी अरविंद त्रिपाठी ने जमानत अर्जी का विरोध करते हुए बताया कि आरोपी शिशुपाल की भूमिका रेखांकित करते हुए तिकुनिया पुलिस ने जमानत याचिका पर आख्या दी है, जिसमें जमानत निरस्त करने की सिफारिश की गई है।
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एसआईटी की ओर से लंबी जांच के बाद शिशुपाल को दोषी पाते हुए उसके खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई थी। ऐसी दशा में जमानत याचिका खारिज किए जाने योग्य है, साथ ही उन्होंने बताया कि सहअभियुक्तों की जमानत पूर्व में ही खारिज हो चुकी है। सुनवाई के बाद जिला जज मुकेश मिश्र ने जमानत अर्जी खारिज कर दी। संवाद
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शिशुपाल को निर्दोष बताते हुए कहा कि उसके खिलाफ कोई सबूत नहीं है फिर भी उसे जेल में भेजा गया। इससे पहले शिशुपाल की ओर से दी गई जमानत अर्जी नॉट प्रेस होने के कारण अदालत से निरस्त हो गई गई थी, जिसके बाद दूसरी जमानत अर्जी में मुकदमे में सुनवाई के दौरान शिशुपाल को जमानत पर रिहा करने की मांग की गई।
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वहीं, जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी अरविंद त्रिपाठी ने जमानत अर्जी का विरोध करते हुए बताया कि आरोपी शिशुपाल की भूमिका रेखांकित करते हुए तिकुनिया पुलिस ने जमानत याचिका पर आख्या दी है, जिसमें जमानत निरस्त करने की सिफारिश की गई है।
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एसआईटी की ओर से लंबी जांच के बाद शिशुपाल को दोषी पाते हुए उसके खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई थी। ऐसी दशा में जमानत याचिका खारिज किए जाने योग्य है, साथ ही उन्होंने बताया कि सहअभियुक्तों की जमानत पूर्व में ही खारिज हो चुकी है। सुनवाई के बाद जिला जज मुकेश मिश्र ने जमानत अर्जी खारिज कर दी। संवाद