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Lakhimpur Kheri News: तेंदुओं की संख्या हुई पांच, एक मादा और दो शावक भी दिखे
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बाघ प्रभावित क्षेत्र में पेट्रोलिंग करते वनकर्मी। संवाद
मझगई। भगवंतनगर गुलरा में तेंदुए के साथ एक मादा तेंदुआ तीन शावकों के साथ गांव के आसपास घूम रही है। तेंदुए का यह कुनबा अब तक दो कुत्तों के साथ एक बकरे को मार चुका है। शुक्रवार शाम चंद्रिका राठौर के मचान के साथ घरों के पास तेंदुआ दिखाई पड़ने से हड़कंप मच गया।
चंद्रिका राठौर के खेत में मचान के नीचे दो तेंदुआ बैठे दिखाई दिए। दो तेंदुओं के अलावा एक मादा तेंदुआ भी दो शावकों के साथ गांव के आसपास व घटनास्थल के पास नजर आ रही है। लोग डर के कारण खेतों की ओर नहीं जा रहे। वे रात में जागकर पहरा दे रहे हैं। जरा सी आहट पर लोग शोर मचाने लगते हैं।
वन कर्मियों की दी गईं टार्चों व अन्य सामग्री के साथ लोग तेंदुओं से बचने का प्रयास कर रहे हैं। उधर, पार्क के सोनारीपुर के रेंजर राजपाल सिंह के साथ मझगई नार्थ खीरी के रेंजर भी निगरानी कर लोगों को सतर्कता बरतने की अपील कर रहे हैं। डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के सहायक परियोजना अधिकारी राधेश्याम भार्गव ने बताया कि लगातार हो रही बारिश से जंगल में पानी भरने से ऊंचे स्थान की तलाश में तेंदुआ जंगल के बाहर आ गए हैं। अब तक किसी मानव पर हमला नहीं किया है। सिर्फ कुत्तों और बकरी को ही अपना शिकार बनाया है।
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मोहम्मदी वन रेंज में बाघ ने गाय और बकरी का किया शिकार
- बाघ के लगातार हो रहे हमलों से ग्रामीणों में दहशत
संवाद न्यूज एंजेंसी
ममरी। मोहम्मदी वन रेंज क्षेत्र में बाघ के हमले बढ़ते जा रहे हैं। शुक्रवार शाम बिलहरी बीट क्षेत्र के गांव कपरहा में राजकीय नलकूप के पास बकरी चराने गए सोनेलाल की एक बकरी को गन्ने में छिपे बाघ ने मार डाला। सोनेलाल की पांच बकरी लापता हैं। डिप्टी रेंजर रामनरेश वर्मा और फॉरेस्टर माया प्रकाश ने मौके का निरीक्षण कर बाघ के हमले की पुष्टि की। गांव वालों को खेतों में अकेले न जाने और सतर्क रहने की सलाह दी है।
उधर, मूड़ा गालिब बीट क्षेत्र के मानसिंह के फॉर्म पर शनिवार सुबह खेत में घास चल रही गाय को गन्ने में छिपे बाघ ने हमला कर मार डाला। सूचना पर पहुंचे डिप्टी रेंजर सुरेंद्र पाल गौतम, फारेस्टर रोहित श्रीवास्तव, नरेंद्र वर्मा आदि वनकर्मियों ने मौके का निरीक्षण कर अधखाया शव मिलने की पुष्टि की। क्षेत्र में पांच से दस अगस्त के बीच बाघ का यह छठा हमला है।
रेंजर नरेशपाल सिंह का कहना है कि गन्ने का क्षेत्रफल बहुत बड़ा है। इस वजह से बाघों की लोकेशन नहीं मिल पा रही। वनकर्मियों की टीम रोजाना पेट्रोलिंग कर रही है। वनकर्मी जंगल से सटे ग्रामों में जाकर जागरूकता अभियान चला रहे हैं।
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चंद्रिका राठौर के खेत में मचान के नीचे दो तेंदुआ बैठे दिखाई दिए। दो तेंदुओं के अलावा एक मादा तेंदुआ भी दो शावकों के साथ गांव के आसपास व घटनास्थल के पास नजर आ रही है। लोग डर के कारण खेतों की ओर नहीं जा रहे। वे रात में जागकर पहरा दे रहे हैं। जरा सी आहट पर लोग शोर मचाने लगते हैं।
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वन कर्मियों की दी गईं टार्चों व अन्य सामग्री के साथ लोग तेंदुओं से बचने का प्रयास कर रहे हैं। उधर, पार्क के सोनारीपुर के रेंजर राजपाल सिंह के साथ मझगई नार्थ खीरी के रेंजर भी निगरानी कर लोगों को सतर्कता बरतने की अपील कर रहे हैं। डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के सहायक परियोजना अधिकारी राधेश्याम भार्गव ने बताया कि लगातार हो रही बारिश से जंगल में पानी भरने से ऊंचे स्थान की तलाश में तेंदुआ जंगल के बाहर आ गए हैं। अब तक किसी मानव पर हमला नहीं किया है। सिर्फ कुत्तों और बकरी को ही अपना शिकार बनाया है।
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मोहम्मदी वन रेंज में बाघ ने गाय और बकरी का किया शिकार
- बाघ के लगातार हो रहे हमलों से ग्रामीणों में दहशत
संवाद न्यूज एंजेंसी
ममरी। मोहम्मदी वन रेंज क्षेत्र में बाघ के हमले बढ़ते जा रहे हैं। शुक्रवार शाम बिलहरी बीट क्षेत्र के गांव कपरहा में राजकीय नलकूप के पास बकरी चराने गए सोनेलाल की एक बकरी को गन्ने में छिपे बाघ ने मार डाला। सोनेलाल की पांच बकरी लापता हैं। डिप्टी रेंजर रामनरेश वर्मा और फॉरेस्टर माया प्रकाश ने मौके का निरीक्षण कर बाघ के हमले की पुष्टि की। गांव वालों को खेतों में अकेले न जाने और सतर्क रहने की सलाह दी है।
उधर, मूड़ा गालिब बीट क्षेत्र के मानसिंह के फॉर्म पर शनिवार सुबह खेत में घास चल रही गाय को गन्ने में छिपे बाघ ने हमला कर मार डाला। सूचना पर पहुंचे डिप्टी रेंजर सुरेंद्र पाल गौतम, फारेस्टर रोहित श्रीवास्तव, नरेंद्र वर्मा आदि वनकर्मियों ने मौके का निरीक्षण कर अधखाया शव मिलने की पुष्टि की। क्षेत्र में पांच से दस अगस्त के बीच बाघ का यह छठा हमला है।
रेंजर नरेशपाल सिंह का कहना है कि गन्ने का क्षेत्रफल बहुत बड़ा है। इस वजह से बाघों की लोकेशन नहीं मिल पा रही। वनकर्मियों की टीम रोजाना पेट्रोलिंग कर रही है। वनकर्मी जंगल से सटे ग्रामों में जाकर जागरूकता अभियान चला रहे हैं।

बाघ प्रभावित क्षेत्र में पेट्रोलिंग करते वनकर्मी। संवाद