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ग्रामीण पर जानलेवा हमले के मामले में छह को दस-दस साल की सजा

Tue, 07 Dec 2021 01:51 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Tue, 07 Dec 2021 01:51 AM IST
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Six sentenced to ten years in the case of deadly attack on the villager
demo photo - फोटो : social media
अदालत ने सातवें बुजुर्ग को सात साल कारावास की दी सजा
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सातों अभियुक्तों ने मई 2009 में किया था जमानतराम पर हमला
लखीमपुर खीरी। जमीन के बैनामा की मुकदमेबाजी को लेकर ग्रामीण पर जानलेवा हमला करने के मामले में एडीजे रामेंद्र कुमार ने सात हमलावरों को दोषी सिद्ध पाया है, जिनमें से छह हमलावरों को दस-दस साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है, जबकि एक बुजुर्ग हमलावर को सात वर्ष के कठोर कारावास की सजा दी है। सभी आरोपियों पर 51500 का जुर्माना भी लगाया गया है।
अभियोजन पक्ष रखते हुए सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता कौशल किशोर ने बताया कि ईसानगर थाना क्षेत्र के ग्राम हटवा के रहने वाले जमानतराम ने गांव के ही रामदुलारे की जमीन खरीदने का एग्रीमेंट कराया था। डेढ़ लाख रुपये में सौदा तय हुआ, जिसमें से एक लाख रुपये तुरंत लिए थे, बाकी 50000 बैनामा के समय देने की बात हुई थी। एग्रीमेंट के बाद रामदुलारे अपने वायदे से हटने लगा तब जमानतराम ने जरिए वकील नोटिस दिया। इस पर भी बात न बनी तो अदालत में मुकदमा दाखिल किया था। यह बात रामदुलारे को नागवार गुजरी तो 11 मई 2009 की रात 12:30 बजे अपने गांव के ही रमेश, विद्याधर, सियाराम, बच्चा राम, शंभू दयाल और ग्राम संडोरा के जगदीश को लेकर जमानतराम के घर पर धावा बोल दिया। बांका, तमंचा, भाला, बल्लम से लैस होकर हमलावरों ने जमानतराम को चोटें पहुंचाईं और जान से मारने के लिए उसके सिर पर बांका मार दिया। बाद में हमलावर फायरिंग करते हुए भाग निकले। परिजन ने घायल अवस्था में इलाज कराते हुए जमानतराम की जान बचाई।
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अदालती सुनवाई के दौरान एडीजीसी कौशल किशोर ने चंद्रमोहन, जमानत राम, चंद्रमोहन, दिनेश पाल सिंह, रामलाल और दरोगा शिव गोपाल, डॉ. बीपी त्रिपाठी की गवाही अदालत में दर्ज कराई और बचाव पक्ष की कोई दलील नहीं लगने दी। जिस पर अदालत ने सभी हमलावरों को दोषी पाते हुए दस वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही वयोवृद्ध शंभूदयाल को चल फिर पाने की दशा को देखते हुए उसकी सजा सात साल कारावास की सुनाई है। सभी सातों हमलावरों को 51500-51500 रुपये का जुर्माना भरने के लिए आदेशित किया है।
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