फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lakhimpur Kheri News ›   Sharda assistant tied Removing sand

शारदा सहायक बंधे से निकाली जा रही बालू

Fri, 19 Jun 2015 07:49 PM IST
लखीमपुर खीरी
लखीमपुर खीरी Updated Fri, 19 Jun 2015 07:49 PM IST
विज्ञापन
Sharda assistant tied Removing sand
एक ओर अवैध खनन पर हाईकोर्ट सख्त है तो दूसरी और मिलपुरवा स्थित शारदा सहायक बंधे से बालू खनन ने तेजी पकड़ ली है। तर्क है कि बालू बंधे की मरम्मत को निकाली जा रही है। खास बात यह कि मरम्मत कार्य में जुटे लोग बंधे से ही बालू-मिट्टी खींचकर उसे मजबूती देने का प्रयास कर रहे हैं। इससे बंधे के निचले हिस्से के कमजोर पड़ने की आशंका बढ़ गई है।
विज्ञापन

फूलबेहड़ के मिलपुरवा स्थित शारदा एफलेक्स की मरम्मत का कार्य चल रहा है। वर्षा सिर पर आते ही सिंचाई विभाग को बंधे की फिक्र सताने लगी है। इसके सुदृढ़ीकरण का काम चालू करा दिया गया है। ग्रामीणों की माने तो कार्यदायी संस्था के कर्मी बंधे के अंदर की ही बालू खींचकर इकट्ठा कर रहे हैं। ट्रैक्टर से गहराई तक करहा लगाया जा रहा है। इससे ग्रामीण बंधे के कमजोर पड़ने की आशंका जता रहे हैं। मरम्मत कार्य में लगे मजदूरों का कहना है कि उन्हें अंदर से ही बालू इकट्ठा करने के लिए कहा गया है। जो बाढ़ के समय बोरियों मे भरकर बंधे को दुरुस्त करने के काम में डाली जाएगी। वहीं सूत्र बताते हैं कि बंधे से इकट्ठा की गई बालू ट्रैक्टर में भरकर चोरी-छिपे बेची भी जा रही है। इससे पर्यावरण के साथ ही राजस्व का भी नुकसान हो रहा है।
विज्ञापन

कई बार फट चुका है बंधा
फूलबेहड़ के मिलपुरवा स्थित शारदा सहायक बंधा बाढ़ के समय कमजोर होकर कई बार फट चुका है। गौरा, श्रीनगर और खगईपुरवा गांव के बीच यह हादसे हुए है। बाढ़ से बंधे के अंदर बसे गोपालपुरवा, खगईपुरवा, चकलुआ, रघुनाथपुरवा, जंगलनं 10-11 समेत दर्जनों गांव जलमगभन हो जाते हैं। वहीं बंधा फटने से शारदा का पानी श्रीनगर, गौरा, फूलबेहड़, तेंदुआ आदि गांवों में पानी तबाही मचाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

प्रभारी खनन/एडीएम एसपी सिंह ने बताया कि बंधे में बालू खनन मेरी जानकारी में नहीं है। फिर भी मामले को संज्ञान में लेकर जांच कराई जाएगी। बालू खनन होने की पुष्टि हुई तो कार्रवाई की जाएगी।

.....खनन के लिए जिम्मेदार कौन?
पलियाकलां।
बालू खनन हो या फिर मिट्टी का खनन। ऐसे में यही सवाल सबकी जुबां पर तैर जाता है कि इसके लिए जिम्मेदार कौन है? माफिया या फिर महकमे जिनके ऊपर इसको रोकने का जिम्मा है। फिलहाल हालात तो यही बताते हैं कि खामी सिर्फ सिस्टम की है वर्ना यह अवैध खनन कब का बंद हो चुका होता। अभी एक महीने पहले की ही बात है। मटहिया गांव के पास रात में शारदा नदी से हो रहे अवैध बालू खनन में कई ट्रॉलियां लगी हुईं थीं जिनको पुलिस ने पकड़ा भी लेकिन कैसे छूट गईं इसका पता ही नहीं चल सका। इसके बाद भी यहां से रात में अवैध बालू खनन जारी है और रोकने वाला कोई नहीं। बात शहर की जाए तो यहां भी तकरीबन यही हालात हैं रात के अंधेरे में बालू भरी ट्रॉलियां आती हैं और अपने तय शुदा स्थानों पर बालू डालकर चली जाती हैं। फिर माफिया इन्हें महंगे दामों में बेच देते हैं। क्या इस खनन और स्टोरेज की जानकारी जिम्मेदारों को नहीं है? फिलहाल कोर्ट का आदेश आने के बाद भी जिम्मेदारों ने चुप्पी साध रखी है और यह कारोबार धड़ल्ले से जारी है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed