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खूंटी बुजुर्ग में लाखों का घोटाला, प्रधान और सचिव गबन के दोषी

Thu, 30 Jul 2020 11:13 PM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Thu, 30 Jul 2020 11:13 PM IST
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Scam of millions in the peg elderly, convicted for embezzlement of the Principal and Secretary
लखीमपुर खीरी। पसगवां ब्लॉक की ग्राम पंचायत खूंटी बुजुर्ग में विकास कार्यों के नाम पर फर्जी तरीके से लाखों रुपये गबन किए जाने का मामला सामने आया है। परियोजना निदेशक रामकृपाल चौधरी ने जांच में हैंडपंप रिबोर/मरम्मत, स्ट्रीट लाइट और शौचालय निर्माण समेत अन्य कार्यों में घोटाले की पुष्टि की है। प्रधान का पति सफाईकर्मी होने के साथ ही अपने गांव में ही तैनात है और तीन बार जेल भी जा चुका है। इसके खिलाफ अब तक विभागीय कार्रवाई न किए जाने पर पंचायत विभाग के अधिकारी सवालों के घेरे में आए हैं। पीडी ने प्रधान पति/सफाईकर्मी को दूसरे ब्लॉक में स्थानांतरित करने की संस्तुति की गई है।
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खूंटी बुजुर्ग में राजस्व ग्राम रायपुर और नदौवा के अलावा मजरा चतुरापुर भी शामिल है। पीडी ने 28 जुलाई यानी मंगलवार को खूंटी बुजुर्ग में ग्राम निधि से कराए गए कार्यों का निरीक्षण किया, जिसमें कई गड़बड़ियां मिलीं। एक ही परिसर में स्थित प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में प्राथमिक विद्यालय का भवन जर्जर मिला, जिसमें ऑपरेशन कायाकल्प के तहत कोई मरम्मत नहीं कराई गई। विद्यालय के शौचालय की मरम्मत के नाम पर 2018-19 में 76,929 रुपये का फर्जी भुगतान निकाले जाने का मामला पकड़ा गया। ग्राम पंचायत में कुल 45 इंडिया मार्का हैंडपंप लगे हैं, जिनकी मरम्मत और रिबोर कराने में वर्ष 2018-19 और 2019-20 में 8.50 लाख रुपये खर्च किए गए। निरीक्षण के समय ग्राम पंचायत अधिकारी रिबोर और मरम्मत किए गए हैंडपंपों की सूची उपलब्ध नहीं करा सके और न ही ऐसे हैंडपंपों को दिखाया। मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने पीडी को बताया कि दो वर्षों में कोई भी हैंडपंप की रिबोर या मरम्मत नहीं कराई गई है। ऐसे ही 2018-19 में स्ट्रीट लाइट की खरीद और प्रकाश व्यवस्था पर 4.45 लाख रुपये खर्च किए गए, जिसकी सूची ग्राम पंचायत अधिकारी उपलब्ध नहीं करा सके और न ही कहीं स्ट्रीट लाइट लगी मिलीं। ग्रामीणों ने पीडी को बताया कि कई साल पहले लाइटें लगाई गई थीं, जो अब गायब हो चुकी हैं। लिहाजा पीडी ने स्ट्रीट लाइट के नाम पर निकाली गई धनराशि का गबन बताया है। इसके अलावा गांव में खड़ंजा-नाली जैसे जरूरी काम पांच वर्षों के दौरान नहीं कराए गए। इसके लिए पीडी ने ग्राम पंचायत अधिकारी मनोज कुमार को दोषी मानते हुए उनके खिलाफ अनुशासनात्मक विभागीय कार्रवाई करने के लिए डीपीआरओ को संस्तुति भेजी है।
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प्रशासनिक मद से हुए खर्च के बिल-बाउचर मांगे
ग्राम पंचायत खूंटी बुजुर्ग में राज्य वित्त/14वें वित्त आयोग के तहत प्रशासनिक मद से दो वर्षों में 91,710 रुपये खर्च दिखाया गया, लेकिन ग्राम पंचायत अधिकारी इसका ब्यौरा नहीं दे सके और न ही बिल-बाउचर मिले। इस पर पीडी ने एडीओ पंचायत को व्यय की धनराशि किन मदों पर खर्च की गई इसका ब्यौरा बीडीओ के माध्यम से उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
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तीन सफाईकर्मियों पर कार्रवाई की संस्तुति
खूंटी बुजुर्ग की प्रधान के पति सफाईकर्मी सोहन लाल की तैनाती इसी के राजस्व ग्राम नदौवा में है। इसके अलावा दो और सफाईकर्मी लक्ष्मी और संतोषी की तैनाती है। इसके बावजूद गांव में गंदगी मिली। प्रधानपति सफाईकर्मी गांव में सफाई नहीं करते, बल्कि प्रधानी चलाते हैं। पीडी ने बताया है कि प्रधानपति सफाईकर्मी तीन बार जेल जा चुका है। एक बार सीतापुर और दो बार लखीमपुर की जेल में बंद हो चुका है। फिर भी विभागीय कार्रवाई नहीं की गई है। इसलिए प्रधानपति सफाईकर्मी का तबादला किसी दूर के ब्लॉक में करने की संस्तुति डीपीआरओ से की गई है।
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