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UP: लखीमपुर खीरी में 40 हजार रुपये रिश्वत लेते रेंजर और वन दरोगा गिरफ्तार, विजिलेंस टीम ने की कार्रवाई

Sat, 29 Nov 2025 05:29 PM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी Published by: मुकेश कुमार Updated Sat, 29 Nov 2025 05:29 PM IST
सार

लखीमपुर खीरी में विजिलेंस टीम ने लुधौरी वन रेंज के रेंजर गजेंद्र बहादुर सिंह यादव व वन दरोगा राजेंद्र वर्मा को 40 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगेहाथ पकड़ लिया। दोनों ने एक किसान से रिश्वत ली थी। 

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Ranger and forest officer arrested for taking bribe of Rs 40,000 in Lakhimpur Kheri
विजिलेंस टीम ने वन दरोगा और रेंजर को पकड़ा - फोटो : संवाद

विस्तार

लखीमपुर खीरी में विजिलेंस टीम ने लुधौरी वन रेंज के रेंजर गजेंद्र बहादुर सिंह यादव व वन दरोगा राजेंद्र वर्मा को शुक्रवार को 40 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया। दोनों पर शीशम के पेड़ों के कटान परमिट के नाम पर रिश्वत मांगने का आरोप है। 

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पृथ्वीपुरवा निवासी किसान पूरन ने खेत में लगे तीन पेड़ों के कटान परमिट के लिए आवेदन किया था। आरोप है कि रेंजर ने परमिट के लिए 18 हजार और निकासी के लिए  30 हजार मिलाकर कुल 48 हजार रुपये की मांग की। वन दरोगा ने रेंजर से बात करने के बाद 40 हजार रुपये में बात तय की और किसान को कार्यालय बुलाया। किसान ने इसकी सूचना विजिलेंस टीम को दे दी। तय समय पर जब पूरन रुपये देने पहुंचे तो विजिलेंस टीम ने रेंजर और वन दरोगा को रिश्वत लेते रंगेहाथ पकड़ लिया। दोनों के खिलाफ लखनऊ के उप्र सतर्कता अधिष्ठान थाना में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
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एक साल में पकड़े गए रिश्वतखोरी के तीन बड़े मामले, वन विभाग में पहला
लखीमपुर खीरी। वन विभाग के रेंजर और दरोगा को रिश्वत लेते रंगेहाथ पकड़े जाने के बाद जिले के सरकारी विभागों में फैले भ्रष्टाचार की चर्चाएं तेज हो गई हैं। हालांकि, वन विभाग में ये इस तरह का पहला मामला पकड़ा गया है, लेकिन अन्य कई विभाग पूर्व में इस कार्रवाई की जद में आ चुके हैं।  
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बीते एक साल में ही तीन बड़े मामले रिश्वतखोरी के यहां पर पकड़े गए हैं। इसमें दो मामले साल 2025 के और एक मामला नवंबर 2024 का है। 23 अगस्त, 2025 को पीसीएफ के दो बाबुओं को ठेकेदार से 40 लाख रुपये का बकाया भुगतान कराने के लिए 90 हजार की रिश्वत लेने के मामले में एंटी करफशन, लखनऊ की टीम ने रंगे हाथों दबोचा था। यह कार्रवाई शहर के मोहल्ला ईदगाह निवासी ठेकेदार आनंद कुमार सिंह की शिकायत पर हुई थी। आनंद पीसीएफ में खाद ढुलाई का काम करते हैं। आनंद से रिश्वत मांगने के मामले में पीसीएफ के पटल सहायक अनिल वर्मा व भंडार नायक हिमांशु शेखर गौतम को गिरफ्तार किया गया था। 

इससे पहले 22 मार्च 2025 को ब्लॉक कुंभी में तैनात सहायक मनरेगा कार्यक्रम अधिकारी (एपीओ मनरेगा) मधुर गुप्ता को एंटी करप्शन टीम ने 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया था। इनके खिलाफ ग्राम पंचायत छितौनिया के प्रधान प्रतिनिधि विपिन वर्मा ने शिकायत की थी। इससे पूर्व 14 नवंबर 2025 को सिंगाही निवासी संजय तिवारी की शिकायत पर लखनऊ की एंटी करप्शन टीम ने लेखपाल को 50 हजार रुपये की रिश्वत के मामले में निघासन से गिरफ्तार किया था।  

करीब तीन वर्ष पहले अगस्त 2022 में पलिया मंडी समिति के प्रभारी सचिव सफाई ठेकेदार से 10 हजार रुपये की रिश्वत लेने के मामले में पकड़े गए थे। इससे पहले वर्ष 2019 में पलिया के ही एक लेखपाल को भी 10 हजार रुपये की रिश्वत लेने के मामले में पकड़ा गया था। 

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