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Lakhimpur Kheri News: बदलते मौसम में दोगुने हो गए सर्दी, जुखाम, बुखार के मरीज
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जिला अस्पताल में ओपीडी के सामने लगी मरीजों की भीड़ स्रोत:संवाद
लखीमपुर खीरी। सोमवार दोपहर बाद चली हल्की सर्द हवा के बाद तापमान में गिरावट आई तो जिला अस्पताल में सर्दी, जुकाम और बुखार से पीड़ित मरीजों की संख्या बढ़कर दो गुना हो गई। एक हजार मरीजों की ओपीडी में 743 नए पर्चे बने। सभी मरीजों को पांच डॉक्टरों ने देखा। उधर, बच्चा वार्ड में भी कोल्ड डायरिया और बुखार से पीड़ित सात बच्चों का इलाज चल रहा है।
तापमान में गिरावट होने से सुबह-शाम अच्छी खासी सर्दी पड़ने लगी है। दोपहर में निकली धूप में भी अब तेजी नहीं रही। लिहाजा, लोग सर्दी, जुकाम, बुखार, खांसी से पीड़ित हो रहे हैं। चिकित्सकों के मुताबिक, अब तक ऐसे रोगियों की संख्या 90-100 के आसपास थी, जो केवल दो दिन में ही बढ़कर 200 पार पहुंच गई है। स्थिति यह रही कि एक हजार की ओपीडी में एक-एक डॉक्टर ने 200 से ज्यादा मरीज देखे।
उधर, जिला अस्पताल के बच्चा वार्ड में इस समय सात बच्चों का इलाज किया जा रहा है। बच्चों में सामान्य बुखार और डायरिया के लक्षण पाए गए थे। चिकित्सकों की निगरानी में उनकी देखभाल की जा रही है। वार्ड स्टाफ का कहना है कि इस समय जो भी बच्चे भर्ती हो रहे हैं, उनमें इसी तरह की परेशानी दिखाई पड़ रही है। वार्ड में पर्याप्त दवाएं हैं, जिससे उनके इलाज में किसी तरह की कोई दिक्कत नहीं हो रही है।
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बच्चों की सेहत का रखें बेहद ख्याल
बाल रोग विशेषज्ञ आरपी वर्मा बताते हैं कि शुरुआती ठंड में सबसे ज्यादा नवजात शिशुओं को देखरेख की जरूरत होती है। ऐसे में जरा सी लापरवाही बच्चे को मुश्किल में डाल सकती है। इसलिए जितना हो सके बच्चे का ख्याल रखें। कई स्तरों में गर्म कपड़े पहनाएं। सुबह और देर शाम बच्चों को टहलाने से बचें। बीमार बच्चे का इधर-उधर इलाज न कराकर सीधे जिला अस्पताल लेकर जाएं।
डेंगू बुखार से पीड़ित पांच मरीजों का हो रहा इलाज
जिला अस्पताल में बनाए गए डेंगू वार्ड में पांच मरीज भर्ती हैं, जिनकी हालत में सुधार हो रहा है। चिकित्सकों का कहना है कि बीते दिनों के मुकाबले इस समय मरीजों की संख्या घटी है। चूंकि सर्दियों में डेंगू नहीं फैलता है। आने वाले दिनों में शायद ही किसी मरीज में डेंगू के लक्षण मिलें।
जिला अस्पताल में इस समय कुछ मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। हालांकि तैनात फिजीशियन मरीजों का इलाज कर रहें हैं। सर्दी, जुकाम और बुखार से संबंधित सभी दवाएं पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। - डॉ. आईकेराम चंदानी, सीएमएस जिला अस्पताल
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तापमान में गिरावट होने से सुबह-शाम अच्छी खासी सर्दी पड़ने लगी है। दोपहर में निकली धूप में भी अब तेजी नहीं रही। लिहाजा, लोग सर्दी, जुकाम, बुखार, खांसी से पीड़ित हो रहे हैं। चिकित्सकों के मुताबिक, अब तक ऐसे रोगियों की संख्या 90-100 के आसपास थी, जो केवल दो दिन में ही बढ़कर 200 पार पहुंच गई है। स्थिति यह रही कि एक हजार की ओपीडी में एक-एक डॉक्टर ने 200 से ज्यादा मरीज देखे।
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उधर, जिला अस्पताल के बच्चा वार्ड में इस समय सात बच्चों का इलाज किया जा रहा है। बच्चों में सामान्य बुखार और डायरिया के लक्षण पाए गए थे। चिकित्सकों की निगरानी में उनकी देखभाल की जा रही है। वार्ड स्टाफ का कहना है कि इस समय जो भी बच्चे भर्ती हो रहे हैं, उनमें इसी तरह की परेशानी दिखाई पड़ रही है। वार्ड में पर्याप्त दवाएं हैं, जिससे उनके इलाज में किसी तरह की कोई दिक्कत नहीं हो रही है।
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बच्चों की सेहत का रखें बेहद ख्याल
बाल रोग विशेषज्ञ आरपी वर्मा बताते हैं कि शुरुआती ठंड में सबसे ज्यादा नवजात शिशुओं को देखरेख की जरूरत होती है। ऐसे में जरा सी लापरवाही बच्चे को मुश्किल में डाल सकती है। इसलिए जितना हो सके बच्चे का ख्याल रखें। कई स्तरों में गर्म कपड़े पहनाएं। सुबह और देर शाम बच्चों को टहलाने से बचें। बीमार बच्चे का इधर-उधर इलाज न कराकर सीधे जिला अस्पताल लेकर जाएं।
डेंगू बुखार से पीड़ित पांच मरीजों का हो रहा इलाज
जिला अस्पताल में बनाए गए डेंगू वार्ड में पांच मरीज भर्ती हैं, जिनकी हालत में सुधार हो रहा है। चिकित्सकों का कहना है कि बीते दिनों के मुकाबले इस समय मरीजों की संख्या घटी है। चूंकि सर्दियों में डेंगू नहीं फैलता है। आने वाले दिनों में शायद ही किसी मरीज में डेंगू के लक्षण मिलें।
जिला अस्पताल में इस समय कुछ मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। हालांकि तैनात फिजीशियन मरीजों का इलाज कर रहें हैं। सर्दी, जुकाम और बुखार से संबंधित सभी दवाएं पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। - डॉ. आईकेराम चंदानी, सीएमएस जिला अस्पताल

जिला अस्पताल में ओपीडी के सामने लगी मरीजों की भीड़ स्रोत:संवाद