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सूरज की तपिश से हाल बेहाल
अमर उजाला ब्यूरो लखीमपुर खीरी।
Updated Mon, 08 Aug 2016 12:09 AM IST
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गर्मी
- फोटो : अमर उजाला
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गर्मी जनित बीमारियों की चपेट में आ रहे लोग
मौसम के तल्ख तेवर से तराई क्षेत्र के लोग बिलबिला उठे हैं। दो दिनों से निकल रही तेज धूप ने हाल बेहाल कर दिया है। वहीं आसमान में घुमड़ते बादलों से बारिश की उम्मीद होती है, लेकिन कुछ देर में ही आसमान साफ हो जाने से लोगों को यह मौसम तरसा रहा है। नतीजतन कड़ी धूप के कारण जनजीवन बुरी तरह अस्तव्यस्त कर दिया है। रविवार को अधिकतम तापमान 36.2 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 28.4 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया।
सुबह से आसमान में बादल छाए थे, लेकिन कुछ देर में ही बादल छंटने लगे और कड़ी धूप ने लोगों को तन ढककर अथवा छाता लेकर निकलने के लिए मजबूर कर दिया। धूप इतनी कड़ी और चमकीली थी कि आंखें चुंधिया रही थीं। सूरज की तपिश से बचाव के लिए लोगों ने लाख जतन किए लेकिन फिर भी राहत मिलती नजर नहीं आई। सड़कों पर वही लोग निकले जिन्हें जरूरी काम था बाकी लोगों ने घर से निकलने में ही परहेज किया। लोगों का कहना है कि इस बार तराई में जितनी गर्मी पड़ रही है, इससे पहले कभी नहीं पड़ी। भीषण गर्मी के कारण लोगों की प्यास बुझने का नाम नहीं है इससे पानी की खपत बढ़ गई है। कुल मिलाकर भीषण गर्मी ने जनजीवन को प्रभावित किया है।
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मौसम के तल्ख तेवर से तराई क्षेत्र के लोग बिलबिला उठे हैं। दो दिनों से निकल रही तेज धूप ने हाल बेहाल कर दिया है। वहीं आसमान में घुमड़ते बादलों से बारिश की उम्मीद होती है, लेकिन कुछ देर में ही आसमान साफ हो जाने से लोगों को यह मौसम तरसा रहा है। नतीजतन कड़ी धूप के कारण जनजीवन बुरी तरह अस्तव्यस्त कर दिया है। रविवार को अधिकतम तापमान 36.2 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 28.4 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया।
सुबह से आसमान में बादल छाए थे, लेकिन कुछ देर में ही बादल छंटने लगे और कड़ी धूप ने लोगों को तन ढककर अथवा छाता लेकर निकलने के लिए मजबूर कर दिया। धूप इतनी कड़ी और चमकीली थी कि आंखें चुंधिया रही थीं। सूरज की तपिश से बचाव के लिए लोगों ने लाख जतन किए लेकिन फिर भी राहत मिलती नजर नहीं आई। सड़कों पर वही लोग निकले जिन्हें जरूरी काम था बाकी लोगों ने घर से निकलने में ही परहेज किया। लोगों का कहना है कि इस बार तराई में जितनी गर्मी पड़ रही है, इससे पहले कभी नहीं पड़ी। भीषण गर्मी के कारण लोगों की प्यास बुझने का नाम नहीं है इससे पानी की खपत बढ़ गई है। कुल मिलाकर भीषण गर्मी ने जनजीवन को प्रभावित किया है।
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