{"_id":"5a4a478f4f1c1bbd208b9dd5","slug":"most-of-the-schools-remain-open-even-after-dm-order","type":"story","status":"publish","title_hn":"डीएम के आदेश को दरकिनार कर पहले दिन खुले कई स्कूल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
डीएम के आदेश को दरकिनार कर पहले दिन खुले कई स्कूल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला,लखीमपुर खीरी
Updated Mon, 01 Jan 2018 08:07 PM IST
विज्ञापन
students
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भीषण ठंड और कोहरे के मद्देनजर डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह ने दो दिन पहले आदेश जारी कर नर्सरी से कक्षा आठ तक के स्कूलों में चार जनवरी 2018 तक अवकाश घोषित किया है। इंटर कॉलेजों में भी कक्षा नर्सरी से आठ तक की कक्षाएं स्थगित की गई हैं, बावजूद इसके सोमवार को कई जगहों पर स्कूल खुले। इनमें नर्सरी से कक्षा आठ तक के बच्चों की कक्षाएं संचालित की गईं। इस पर अभिभावकों ने नाराजगी जताते हुए विद्यालय प्रबंधन के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग की है।
शहर में गोला रोड स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज (सीबीएसई बोर्ड) में कक्षा छह से 12 तक कक्षाएं संचालित होती हैं। सोमवार को इसमें कक्षा छह से आठ तक की कक्षाएं संचालित की र्गइं, जो डीएम के आदेश का सीधा उल्लंघन है। कॉलेज में कक्षा छह में पढ़ने वाले छात्र शिवांश त्रिवेदी के पिता देवेश त्रिवेदी बच्चे को लेने कॉलेज पहुंचे और डीएम के आदेश का हवाला देते हुए कक्षा छह से आठ तक के बच्चों की छुट्टी घोषित करने की मांग उप प्रधानाचार्य से की। प्रार्थना के बाद बच्चे को ले जाने के लिए बुलाया गया। इसके बाद अभिभावक बच्चे को लेने दोबारा कॉलेज पहुंचा, तो शिक्षण कार्य चल रहा था। अभिभावक का आरोप है कि प्रधानाचार्य से शिक्षण कार्य स्थगित करने का अनुरोध किया, लेकिन उसे अनसुना कर दिया गया।
सिकंद्राबाद। बड़ा चौराहा स्थित कमलापति गुरु प्रसाद गार्जन इंटर कॉलेज में कक्षा एक से आठ तक की कक्षाएं संचालित की गईं। कॉलेज प्रबंधन द्वारा डीएम, डीआईओएस के आदेश को दरकिनार करते हुए भीषण ठंड की परवाह नहीं की गई। भीषण ठंड में बच्चे ठिठुरते दिखे, जिनके पास ठंड से बचाव के पर्याप्त उपाय भी नहीं थे। इसके अलावा क्षेत्र के कई प्राइवेट स्कूलों में कक्षाएं संचालित की गईं।
विज्ञापन
स्कूल का पहला दिन होने की वजह से काफी बच्चे सूचना के अभाव में विद्यालय आ गए थे, जिन्हें सिस्टेमिक ढंग से घर भेजा गया। अभिभावकों और बच्चों को नर्सरी से कक्षा आठ तक की कक्षाएं चार जनवरी तक स्थगित करने की सूचना दे दी है।
शेषधर द्विवेदी, प्रधानाचार्य, पंडित दीनदयाल उपाध्याय सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज
मामला संज्ञान में आया है। ऐसे कालेजों के प्रधानाचार्य और प्रबंधकों को नोटिस देकर जवाब मांगा जा रहा है। स्पष्टीकरण संतोषजनक न पाए जाने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
- डॉ आरके जायसवाल, डीआईओएस
विज्ञापन
शहर में गोला रोड स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज (सीबीएसई बोर्ड) में कक्षा छह से 12 तक कक्षाएं संचालित होती हैं। सोमवार को इसमें कक्षा छह से आठ तक की कक्षाएं संचालित की र्गइं, जो डीएम के आदेश का सीधा उल्लंघन है। कॉलेज में कक्षा छह में पढ़ने वाले छात्र शिवांश त्रिवेदी के पिता देवेश त्रिवेदी बच्चे को लेने कॉलेज पहुंचे और डीएम के आदेश का हवाला देते हुए कक्षा छह से आठ तक के बच्चों की छुट्टी घोषित करने की मांग उप प्रधानाचार्य से की। प्रार्थना के बाद बच्चे को ले जाने के लिए बुलाया गया। इसके बाद अभिभावक बच्चे को लेने दोबारा कॉलेज पहुंचा, तो शिक्षण कार्य चल रहा था। अभिभावक का आरोप है कि प्रधानाचार्य से शिक्षण कार्य स्थगित करने का अनुरोध किया, लेकिन उसे अनसुना कर दिया गया।
विज्ञापन
सिकंद्राबाद। बड़ा चौराहा स्थित कमलापति गुरु प्रसाद गार्जन इंटर कॉलेज में कक्षा एक से आठ तक की कक्षाएं संचालित की गईं। कॉलेज प्रबंधन द्वारा डीएम, डीआईओएस के आदेश को दरकिनार करते हुए भीषण ठंड की परवाह नहीं की गई। भीषण ठंड में बच्चे ठिठुरते दिखे, जिनके पास ठंड से बचाव के पर्याप्त उपाय भी नहीं थे। इसके अलावा क्षेत्र के कई प्राइवेट स्कूलों में कक्षाएं संचालित की गईं।
विज्ञापन
स्कूल का पहला दिन होने की वजह से काफी बच्चे सूचना के अभाव में विद्यालय आ गए थे, जिन्हें सिस्टेमिक ढंग से घर भेजा गया। अभिभावकों और बच्चों को नर्सरी से कक्षा आठ तक की कक्षाएं चार जनवरी तक स्थगित करने की सूचना दे दी है।
शेषधर द्विवेदी, प्रधानाचार्य, पंडित दीनदयाल उपाध्याय सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज
मामला संज्ञान में आया है। ऐसे कालेजों के प्रधानाचार्य और प्रबंधकों को नोटिस देकर जवाब मांगा जा रहा है। स्पष्टीकरण संतोषजनक न पाए जाने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
- डॉ आरके जायसवाल, डीआईओएस