फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lakhimpur Kheri News ›   Kheri: Sunday was the coldest day of the season, mercury was six degrees

खीरीः रविवार रहा सीजन का सबसे सर्द दिन, पारा रहा छह डिग्री

Mon, 20 Dec 2021 12:36 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Mon, 20 Dec 2021 12:36 AM IST
विज्ञापन
Kheri: Sunday was the coldest day of the season, mercury was six degrees
कड़ाके की ठंड में गर्म कपड़ो में जाते महिलाएं व बच्चे।
मौसम विभाग ने पूरे हफ्ते के लिए जारी लिया अलर्ट, आज कोहरा हो सकता है और घना
विज्ञापन

कृषि विशेषज्ञ बोले, गेहूं के लिए मौसम काफी फायदेमंद
लखीमपुर खीरी। जिले में ठंड का सितम बढ़ने लगा है। छह डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान के साथ रविवार सीजन का सबसे सर्द दिन रहा। मौसम विभाग ने सोमवार को कोहरा घना होने और न्यूनतम तापमान छह डिग्री सेल्सियस से भी नीचे जाने की संभावना जताई है। मौसम वैज्ञानिकों ने इस सप्ताह ऐसे ही कड़ाके की ठंड जारी रहने के संकेत दिए हैं।
पिछले दो दिनों से मौसम ने ऐसी करवट बदली है कि लोग ठंड से ठिठुरते नजर आ रहे हैं। हालांकि दिसंबर के दूसरे पखवाड़े की शुरुआत में ठंड का असर न बढ़ने से लोग फिक्रमंद होने लगे थे, लेकिन शनिवार से ठंड ने गियर बदला है। रविवार को अधिकतम तापमान 19 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान छह डिग्री सेल्सियस रहा। मौसम विज्ञान केंद्र लखनऊ के निदेशक जेपी गुप्ता ने बताया कि इस सप्ताह भर कड़ाके की ठंड जारी रहेगी। सोमवार को कोहरा पड़ सकता है और न्यूनतम तापमान भी छह डिग्री सेल्सियस से नीचे जा सकता है।
विज्ञापन

जिला कृषि अधिकारी अरविंद चौधरी ने बताया कि ठंड के साथ ही कोहरा पड़ने से गेहूं की पैदावार अच्छी होती है। जिन खेतों में गेहूं की बुवाई हो चुकी है और जमाव के साथ पौधे बढ़ रहे हैं। उनके लिए कड़ाके की ठंड फायदेमंद रहेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

मोहम्मदी। कड़ाके की ठंड दो दिन से सितम ढा रही है जिससे मजदूरों, छात्राओं को आने जाने में काफी दिक्कतें हो रही हैं। ठंडक को देखते हुए रात में सड़क पर जाड़े में कांप रहे लोगों को मां जानकी रसोई के संचालक ने रजाई ओढ़ाकर उन्हें ठंड से निजात दिलाई। तहसीलदार सुशील प्रताप सिंह ने बताया कि तहसील क्षेत्र में 21 स्थानों पर अलाव जलाने की व्यवस्था की गई है।
तिकुनिया। भारत नेपाल सीमा पर बीते तीन दिनों से सर्द हवाओं के चलने से ठंड का प्रकोप बढ़ गया है। इससे लोग काफी परेशान हैं। तिकुनिया कस्बे में प्राइवेट बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन चौराहा, टायर चौराहा, रोडवेज बस स्टैंड, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में अलाव जलाने की व्यवस्था की गई है।
शीतलहर का प्रकोप बढ़ा, राहगीर तलाश रहे अलाव
संपूर्णानगर। इलाके में बढ़ी सर्दी से ठिठुरन बढ़ गई है। इससे बाजार में सन्नाटा पसर रहा है। दुकानें खुलीं, लेकिन ग्राहक दुकानों से नदारद दिखाई दिए। बाजार में आने वाले लोग अलाव तापते नजर आए। ठंड से स्कूली बच्चों के साथ ही राहगीर व किसानों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि लेखपाल द्वारा सिंगाही खुर्द, मिलेट्री फार्म, मिल तिराहे, बसही मोड़ आदि पर अलाव की व्यवस्था कराई गई है। संवाद
कोहरे में आलू और सरसों की फसल हो रही प्रभावित
पलियाकलां। दो दिनों से सुबह में तेज कोहरा होने के कारण ठंड काफी बढ़ गई है। रविवार को भी दोपहर बाद धूप निकली, लेकिन बेहद हल्की। लोग अलाव जलाते नजर आए। घने कोहरे से आलू और सरसों की फसल को खासा नुकसान हो रहा है, जिससे किसान चिंतित हैं।
इलाके में रविवार का दिन सबसे ज्यादा ठंडा रहा। सुबह से दोपहर बाद तक कोहरा पड़ता रहा। हालांकि कुछ देर के लिए मामूली धूप निकली भी, लेकिन धुंध पूरे दिन छाई रही। कोहरे के कारण वाहन चालकों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। वह दिन में लाइट जलाकर निकलने को विवश हुए। वहीं दूसरी तरफ कोहरे व एकदम से बढ़ी ठंड से लोगों भी ठिठुर गए और कई जगह लोग अलाव तापते नजर आए। दूसरी तरफ कोहरा पड़ने से आलू, मटर, लाही की फसलों को नुकसान पहुंच रहा है। देर से बोई गई सरसों व लाही की फसल को नुकसान पहुंच रहा है। संवाद
ठिठुर रहे लोग, नहीं जलाए गए अलाव
पसगवां। रविवार को कड़ाके की ठंड पड़ने के बावजूद कहीं अलाव जलते नजर नहीं आए। एक अदद रैन-बसेरा भी क्षेत्र में कहीं नहीं है।
भीषण शीतलहर शुरू हो चुकी है। आम आदमी ठंड से जूझ रहा है। मुसाफिर और राहगीर ठिठुरने को मजबूर हैं। लोग कूड़ा-करकट और पन्नी जलाने को मजबूर हैं। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पसगवां में रैन-बसेरा नहीं है। यहां प्रसव के लिए महिलाएं आती हैं, इसके अलावा रात में भी मरीज आते हैं तो तीमारदारों के लिए कोई उपयुक्त सर्दी से बचाव का स्थान नहीं है।
जेबी गंज, उचौलिया, सिसोरा नासिर सहित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर, कोतवाली या उसके आसपास, पसगवां, नेशनल हाईवे पर स्थित जेबी गंज, लखनौरिया, उचौलिया आदि कस्बों में कहीं पर भी रैन-बसेरा नहीं हैं। अभी अलाव कहीं जलते नजर नहीं आए हैं। अजबापुर चीनी मिल में किसानों के लिए अलाव जलवाए गए हैं।

बरबर। नगर पंचायत हर वर्ष सर्दी के मौसम में नगर के मुख्य चौराहों, पुलिस चौकी, बस स्टेशन, समेत तमाम स्थानों पर अलाव जलवाया करती थी, लेकिन इस बार काफी ठंड गुजरने के बाद भी अभी अलाव नहीं जलाए गए। गरीब बेसहारा बुजुर्ग लोग इधर-उधर ठंड से कांप रहे हैं। नगर पंचायत अधिशासी अधिकारी सपना भारद्वाज से जानकारी लेने पर बताया गया जल्द ही अलाव जलवाए जाएंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed