{"_id":"46b6685aa7766b3002aaab302fe8a42c","slug":"insurance-amendment-bill-opposed-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बीमा संशोधन विधेयक का विरोध","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बीमा संशोधन विधेयक का विरोध
लखीमपुर खीरी
Updated Fri, 13 Mar 2015 06:28 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बीमा संशोधन विधेयक को लेकर बीमा कर्मचारियों का विरोध शुक्रवार को भी जारी रहा। कर्मचारियों ने कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। बीमा कर्मचारियों ने कहा कि वे लोग इसके विरोध में संघर्ष जारी रखेंगे।
बीमा संशोधन विधेयक के विरोध में भारतीय जीवन बीमा निगम के कर्मचारियों ने कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। विरोध करते हुए कर्मचारियों ने कहा कि बीमा संशोधन विधेयक जो बृहस्पतिवार को संसद में पारित किया गया। प्रत्यक्ष पूंजी निवेश की सीमा बढ़ाकर 49 प्रतिशत किया जाना भर नहीं है बल्कि यह आम जनता की छोटी-छोटी बचत के उतने ही अंश को विदेशों में निवेश का मार्ग भी खोलेगा। साथ ही विधेयक सार्वजनिक क्षेत्र की साधारण बीमा कंपनियों के 10 प्रतिशत शेयर बाजार के हवाले करने की व्यवस्था भी प्रदान करता है। विधेयक के प्रावधानों के अनुसार अब प्रत्यक्ष विदेशी पूंजी निवेश की सीमा बढ़ाने या बीमा क्षेत्र में अन्य सुधार कारपोरेट घरानों के हित में होगा। जल्द ही यह सीमा 49 प्रतिशत से ज्यादा हो जाएगी तथा एलआईसी के मूल्यांकन एवं शेयरों को बाजार के हवाले किए जाने की प्रक्रिया भी सरकार शुरू कर सकती है। पेंशन फंड में भी प्रत्यक्ष विदेशी निवेश की सीमा को इस विधेयक के माध्यम से 49 प्रतिशत कर दिया गया जो सामाजिक सुरक्षा के प्रावधानों को कमजोर करने वाला है। बीमा कर्मचारियों ने कहा बीमा अभिकर्ताओं और बीमाधारकों के माध्यम से बीमा कर्मचारी अपना संघर्ष जारी रखेंगे। विरोध प्रदर्शन में संगठन के अध्यक्ष सौरभदत्त त्रिवेदी और आशीष कुमार पांडे सहित तमाम कर्मचारी शामिल थे।
विज्ञापन
बीमा संशोधन विधेयक के विरोध में भारतीय जीवन बीमा निगम के कर्मचारियों ने कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। विरोध करते हुए कर्मचारियों ने कहा कि बीमा संशोधन विधेयक जो बृहस्पतिवार को संसद में पारित किया गया। प्रत्यक्ष पूंजी निवेश की सीमा बढ़ाकर 49 प्रतिशत किया जाना भर नहीं है बल्कि यह आम जनता की छोटी-छोटी बचत के उतने ही अंश को विदेशों में निवेश का मार्ग भी खोलेगा। साथ ही विधेयक सार्वजनिक क्षेत्र की साधारण बीमा कंपनियों के 10 प्रतिशत शेयर बाजार के हवाले करने की व्यवस्था भी प्रदान करता है। विधेयक के प्रावधानों के अनुसार अब प्रत्यक्ष विदेशी पूंजी निवेश की सीमा बढ़ाने या बीमा क्षेत्र में अन्य सुधार कारपोरेट घरानों के हित में होगा। जल्द ही यह सीमा 49 प्रतिशत से ज्यादा हो जाएगी तथा एलआईसी के मूल्यांकन एवं शेयरों को बाजार के हवाले किए जाने की प्रक्रिया भी सरकार शुरू कर सकती है। पेंशन फंड में भी प्रत्यक्ष विदेशी निवेश की सीमा को इस विधेयक के माध्यम से 49 प्रतिशत कर दिया गया जो सामाजिक सुरक्षा के प्रावधानों को कमजोर करने वाला है। बीमा कर्मचारियों ने कहा बीमा अभिकर्ताओं और बीमाधारकों के माध्यम से बीमा कर्मचारी अपना संघर्ष जारी रखेंगे। विरोध प्रदर्शन में संगठन के अध्यक्ष सौरभदत्त त्रिवेदी और आशीष कुमार पांडे सहित तमाम कर्मचारी शामिल थे।
विज्ञापन