फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lakhimpur Kheri News ›   Hindi: Usage in speaking reduced, attention on writing also reduced

हिंदी : बोलने में कम हुआ प्रयोग, लेखन पर भी ध्यान कम

Sat, 14 Sep 2024 01:25 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sat, 14 Sep 2024 01:25 AM IST
विज्ञापन
Hindi: Usage in speaking reduced, attention on writing also reduced
कपिलश फाउंडेशन के अतीश शुक्ला व ​शिप्रा खरे-संवाद
लखीमपुर खीरी। आज हिंदी दिवस है। इस दिन अधिकांश विभाग और कार्यालय हिंदी को सर्वोपरि मानकर कई कार्यक्रम करेंगे। लंबे चौड़े व्याख्यान दिए जाएंगे, लेकिन असलियत में हिंदी के कई शब्दों को बोलने में भी परहेज किया जाने लगा है। सुबह के अभिवादन में नमस्ते की जगह गुड मॉर्निंग हो गया है। हाय, हेलो का चलन बढ़ा है। सोशल मीडिया पर भी हिंदी के बजाय अंग्रेजी के शब्द अधिक दौड़ते दिखते हैं।
विज्ञापन

शहर में कई स्थानों पर लंबे समय से गलत शब्द लिखे हुए हैं। संबंधित विभाग और हिंदी के जानकार इन शब्दों को लेकर टोकाटाकी नहीं करते हैं। शहर ही रोडवेज पुलिस चौकी पर करीब छह माह पूर्व नया बोर्ड लगवाया गया था। इस बोर्ड पर रोडवेज की जगह रोडवेजे लिखा है, लंबे समय से इस शब्द पर किसी का ध्यान नहीं जा रहा है। रोडवेज सही है या फिर रोडवेजे... लोग इस पर चर्चा तो करते हैं, लेकिन टोकने की जरूरत नहीं समझते। इसी तरह कई अन्य स्थानों पर भी हिंदी के शब्द गलत लिखे गए हैं।
विज्ञापन

-----------

हिंदी को बढ़ा रहा कपिलश फाउंडेशन, यतीश के नाम पांच विश्व कीर्तिमान

गोला गोकर्णनाथ। छोटी काशी के यतीश शुक्ला और उनका कपिलश फाउंडेशन कई वर्षों से हिंदी काे समृद्ध कर रहा है। इस संस्था के नाम हिंदी में भाषण, भागवत पुराण पढ़ने समेत पांच विश्व कीर्तिमान दर्ज हैं। गोला निवासी यतीश शुक्ला और उनकी पत्नी शिप्रा खरे हिंदी के संवर्धन और उन्नयन के लिए अपनी संस्था के माध्यम से कई वर्षों से कार्य कर रहे हैं। यतीश शुक्ला के नाम पहला रिकॉर्ड हिंदी में 148 घंटों के लेक्चर का है। दूसरा रिकॉर्ड उन्होंने 124 घंटे हिंदी की पुस्तकों का वाचन कर बनाया। तीसरा रिकॉर्ड हिंदी में ही लगातार 106 घंटे का भाषण का और चौथा 28 घंटे तक भागवत पुराण पढ़ने का है। पांचवा रिकॉर्ड फेसबुक लाइव के माध्यम से भाषण का है। फाउंडेशन की अध्यक्ष शिप्रा खरे ने साहित्य और हिंदी के उन्नयन के लिए वर्ष 2021 में देश भर के 450 कवियों के साथ मिलकर लगभग 128 घंटों के विश्व के सबसे लंबे कवि सम्मेलन और मुशायरे का रिकॉर्ड संस्था के नाम बनाया था।
विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed